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Health Benefits of Tinda

मम्मी ने फिर बनाये हैं ‘टिंडे’? तो नाक न सिकोड़ें, इन्हें मिला है ‘सुपरफूड’ का दर्जा

टिंडा सुपरफूड की श्रेणी में आता है। जिन लोगों को वजन घटाना होता है, उनके लिए तो यह बहुत ही बेहतरीन सब्जी है, क्योंकि इसमें लगभग 94 प्रतिशत पानी होता है और कैलोरी तो न के बराबर पाई जाती है। टिंडे में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।

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घर में टिंडे की सब्जी का नाम सुनते ही बच्चे तो क्या कई बड़े भी नाक-मुंह सिकोड़ने लगते हैं। अगर गलती से किसी दिन यह सब्जी बन जाये तो बच्चों को लगता है कि उन्हें बाहर से कुछ खाने का बहाना मिल गया। लेकिन घर में कोई न कोई बड़ा-बुजुर्ग होता ही है जो शौक से टिंडे बनवाकर बच्चों को खिलाते हैं। इसकी वजह यह नहीं है कि वे बच्चों को परेशान करना चाहते हैं बल्कि इसकी वजह है टिंडे में छिपे पोषक तत्व और स्वास्थ्य के गुण। टिंडा भी लौकी या घीया के परिवार से ही संबंध रखता है। बेल में लगने वाले टिंडे को भी हरी सब्जियों की सूची में शामिल किया जाता है। 

कई जगह ‘एप्पल गॉर्ड’ के नाम से जाना जाने वाले टिंडे का वैज्ञानिक नाम Praecitrullus fistulosus है। यह गर्मियों की सब्जी है, जिसे कई तरह से पका कर खाया जा सकता है। बहुत से लोगों को टिंडे का स्वाद पसंद नहीं आता है लेकिन शोध के मुताबिक टिंडे के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी गुणों का जिक्र आयुर्वेद में भी मिलता है। साथ ही, बहुत से डायटीशियन भी लोगों को कई परेशानियों से निजात पाने के लिए टिंडा खाने की सलाह देते हैं। पिछले 12 सालों से बतौर डायटीशियन और डायबिटीज एजुकेटर काम कर रहीं अर्चना बत्रा कहती हैं कि पाचन तंत्र को ठीक रखने के साथ-साथ टिंडा त्वचा के लिए भी अच्छा होता है। 

अर्चना बत्रा ने द बेटर इंडिया को बताया, “टिंडा ऐसी सब्जी है, जिसमें पानी की मात्रा काफी ज्यादा है। साथ ही, यह फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा साधन है। पानी की मात्रा ज्यादा होने के कारण इसमें कैलोरी कम होती है। इसलिए यह सभी उम्र के लोगों के लिए खाना ठीक रहता है।” 

Archna Batra
Dietician Archna Batra

एक रिसर्च के मुताबिक, टिंडे में 93.5 ग्राम पानी की मात्रा होती है, जबकि फैट मात्र 0.2 ग्राम होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटासियम, जिंक, कैरोटीन, थाइमिन और नियासिन जैसे तत्व भी होते हैं। इसलिए यह हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ हमारी त्वचा और बालों के लिए भी अच्छा है। 

टिंडे के स्वास्थ्य के लिए फायदे 

डायटीशियन अर्चना कहतीं हैं कि अगर कोई व्यक्ति वजन कम करने के लिए मेहनत कर रहा है तो वे अपनी डाइट में टिंडा शामिल कर सकते हैं। क्योंकि इसमें नाममात्र फैट होता है। इसलिए इसे खाने में शामिल करने से उनकी मदद ही होगी। “साथ ही, यह जूस के लिए भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। फलों के जूस की तुलना में सब्जियों का जूस बेहतर रहता है क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा ज्यादा नहीं होती है। इसलिए अगर कोई एक्सरसाइज के साथ जूस लेना चाहता है तो वे टिंडे का जूस बनाकर पी सकते हैं। यह आपकी पाचन क्रिया को सही करने के साथ-साथ आपके शरीर को ‘डीटॉक्स’ भी करता है मतलब हानिकारक तत्वों को बाहर निकालता है,” उन्होंने आगे कहा। 

टिंडे पर प्रकाशित हुए एक शोधपत्र के मुताबिक, टिंडा लोगों के ब्लड प्रेशर (रक्त चाप) और कोलेस्ट्रॉल को भी कम करने में मदद करता है। इसमें उपलब्ध अलग-अलग पोषक तत्व इसे ब्रैस्ट और प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों के लिए भी बेहतर बनाते हैं। 

पोषक तत्वों से भरपूर टिंडे के फायदे

  • वजन घटाने में मददगार है। 
  • दिल से संबंधित परेशानियों को कम करता है। क्योंकि टिंडा खाने से ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। 
  • पाचन तंत्र के लिए सबसे उपयुक्त है। इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है और इसलिए इसे खाने से पाचन क्रिया अच्छे से होती है। 
  • थाइरोइड को नियंत्रण में रखता है। टिंडे में आयोडीन भी होता है और इस कारण यह थाइरोइड हॉर्मोन पर नियंत्रण रखता है। 
  • एसिडिटी नहीं होने देता है। टिंडा एक एल्कलाइन सब्जी है और इसलिए इसे खाने से एसिडिटी की समस्या दूर हो जाती है। 
  • त्वचा पर झुर्रियां नहीं आने देता है और साथ ही, कील-मुहांसों के निशान हटाने में भी मददगार है। 

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टिंडे में कैरोटीन होने के कारण यह ‘एंटी-एजिंग’ पर काम करता है। साथ ही, यह भी बताया जाता है कि जॉन्डिस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए भी टिंडा बहुत गुणकारी है। क्योंकि टिंडे के पत्तों में विटामिन सी और कुकुरबिटासिंस होने के कारण, ये शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती हैं। इससे मरीज का लिवर अच्छे से काम करने लगता है।  

अर्चना कहती हैं कि अगर कोई टिंडे की सब्जी नहीं खा सकता है तो वे इसका अचार बनाकर भी इसे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। टिंडे का स्वास्थ्य के लिए इतना गुणकारी होने के बावजूद लोग इसे ज्यादा नहीं लगाते हैं और न ही ज्यादा खाते हैं। जबकि यह ऐसी सब्जी है जिसे इसके मौसम में हफ्ते में दो-तीन बार खाया जा सकता है।

इस तरह से बनाए टिंडे का अचार 

सामग्री: 

  • एक किलो टिंडा
  • दो चम्मच हल्दी
  • चार चम्मच सरसों के बीज
  • तीन चम्मच धनिया पाउडर
  • तीन चम्मच सौंफ
  • दो चम्मच मेथी के बीज
  • दो कप सरसों का तेल
  • दो चम्मच लाल मिर्च मिर्च
  • आधा कप नमक

विधि 

  • सबसे पहले टिंडों को धोकर, काट लें। एक टिंडे के आप चार या आठ टुकड़े कर सकते हैं। 
  • अब कटे हुए टिंडों को पानी में नमक डालकर उबालें और तब तक पकाएं जब तक ये मुलायम न हो जाएं। 
  • अब टिंडों के टुकड़ों को पानी निकालकर अलग रख दें। 
  • सौंफ, मेथी और सरसों के बीजों को भूनकर पीस लें। 
  • अब इस पिसे हुए मिश्रण को उबले हुए टिंडों के टुकड़ों में हल्दी, मिर्च, धनिया पाउडर, नमक और तेल आदि के साथ मिला लें। 
  • अच्छे से मिलाने के बाद अचार को पांच-छह दिनों के लिए किसी एयरटाइट जार में भरकर रख दें। हर दिन एक बार इसे हिलाएं।
  • लगभग एक हफ्ते बाद ही आपका अचार खाने के लिए तैयार हो जाएगा। 

आशा है कि इस स्टोरी को पढ़ने के बाद आप पोषक तत्वों से भरपूर टिंडे को जरूर अपने डाइट में शामिल करेंगे। वैसे तो टिंडा सभी के लिए अच्छा होता है लेकिन अगर किसी को टिंडा खाने के बाद किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

संपादन- जी एन झा

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