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post pregnancy weight loss motivation

चिकन बिरयानी, चावल, घी को अपनी डाइट में शामिल करके भी घटा लिया 50 किलो वजन

बेंगलुरु में रहने वाली 37 वर्षीया अनुप्रिया राघव ने मात्र 18 महीनों में अपना 50 किलो वजन घटाया और आज वह एक न्यूट्रीशन और फिटनेस कंसलटेंट हैं।

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बेंगलुरु में रहने वाली 37 वर्षीया अनुप्रिया राघव एक न्यूट्रीशन और फिटनेस कंसलटेंट हैं। उन्होंने अब तक 500 से भी ज्यादा लोगों की वजन घटाने में और एक बेहतर जीवनशैली की शुरुआत करने में मदद की है। लेकिन आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि कभी अनुप्रिया खुद 115 किलोग्राम की थी लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति की बदौलत उन्होंने 18 महीने में 50 किलोग्राम वजन कम कर लिया।

अनुप्रिया ने जब खुद को पूरी तरह से बदल लिया तो दूसरों की मदद करने की भी ठानी। लेकिन उन्होंने सिर्फ अपने अनुभव के आधार पर यह काम नहीं किया बल्कि INFS (Institute of Nutrition and Fitness Sciences) से एक एडवांस न्यूट्रिशन कोर्स किया ताकि वह लोगों को उनके हिसाब से मदद कर पाएं। आज उनके क्लाइंट सिर्फ भारत नहीं बल्कि दूसरे देशों से भी हैं। शुरू के एक साल उन्होंने मुफ्त में लोगों को कोचिंग दी और उनके मार्गदर्शन में जब लोगों की जिंदगी बदलने लगी तो उन्होंने इसे अपना प्रोफेशन बना लिया। इससे पहले वह बतौर आईटी प्रोफेशनल काम करती थीं।  

अपने इस सफर के बारे में अनुप्रिया राघव ने द बेटर इंडिया से बात की और बताया कि कैसे उन्होंने अपने दृढ निश्चय और संतुलित खुराक से खुद को फिट और स्वस्थ बनाया है। 

*बढ़ते वजन के चलते खोने लगी थी अपना आत्मविश्वास

अनुप्रिया: बचपन से ही मेरा वजन काफी ज्यादा रहा है। लेकिन प्रेगनेंसी के बाद यह बहुत ज्यादा बढ़ गया। मेरा वजन लगभग 115 किलोग्राम था और मेरे लिए दिन के सामान्य काम करना भी मुश्किल होता था। बढ़ते वजन की वजह से मुझे बहुत परेशानी झेलनी पड़ती थी। हर किसी की तरह मैं भी यही सोचती थी कि मेरा वजन घट जाए। मैंने इसके लिए सबकुछ ट्राई किया जैसे व्रत रखना, दरगाह पर मन्नत मांगना कि मेरा वजन कम हो जाए, मसाज थेरेपी, जिम और भी बहुत कुछ। लेकिन कुछ भी काम नहीं कर रहा था। 

इस कारण सबकुछ होते हुए भी मैं अपना आत्मविश्वास खोने लगी थी। वजन अधिक होने की वजह से आपको अपने साइज के कपड़े आसानी से नहीं मिलते हैं। किसी भी तरह के फंक्शन में जाने पर आपको असहज लगता है। आपका स्टैमिना और हौसला, सब कुछ कम होने लगता है। अच्छी नौकरी, अच्छा परिवार होने के बावजूद आप खुद को कहीं खोने लगते हैं। मैं बस यही कह सकती हूं कि दिल में हमेशा एक उदासी-सी रहती है, जो सिर्फ वहीं इंसान समझ सकता है, जो मोटापे और ज्यादा वजन से खुद परेशान हो। और इस अहसास को आप शब्दों में भी किसी को नहीं बता पाते हैं। 

Anupriya Raghav 's post pregnanacy weight loss journey
Anupriya Raghav

*हार मानने की बजाय खुद को बदलने की ठानी

अनुप्रिया: ऐसा नहीं है कि आपके साथ कोई बड़ी घटना घटे तभी आप खुद को बदलने की कोशिश करते हैं। आप सामान्य जीवन जीते हुए भी एक दिन अचानक से फैसला कर सकते हैं कि मुझे अपनी जीवनशैली को स्वस्थ बनाना है और पूरे मन और सच्ची लगन से इस दिशा में काम शुरू कर सकते हैं। प्रेगनेंसी के बाद जब मेरा वजन 115 किलो पहुंच गया और मुझे अपनी बेटी के साथ खेलने-कूदने में या दिन के सामान्य काम करने में परेशानी होने लगी तो मुझे लगने लगा कि कुछ ऐसा करना है, जिससे कोई फायदा हो। 

उस दौरान मैं ‘शर्तिया वजन घटवाने’ वाले लोगों से बचकर ऐसा कुछ ढूंढ़ रही थी जो कर पाना संभव हो। मुझे सोशल मीडिया पर एक ग्रुप मिला, जो फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को प्रमोट करता है। इस ग्रुप में मुझे बहुत से लोगों से प्रेरणा मिली। इसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 

*एक्सरसाइज के साथ खाने-पीने पर दिया विशेष ध्यान 

अनुप्रिया: फिटनेस के लिए सिर्फ नियमित एक्सरसाइज करना काफी नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि अपनी खाने-पीने की आदतों में भी बदलाव किया जाए। वजन घटाने के लिए मैंने कोई डाइटिंग नहीं की बल्कि एक संतुलित डाइट ली। इसके साथ, मैंने शुरुआत में वेट ट्रेनिंग की, जैसे डम्बल करना। मैंने किसी भी तरह की कोई कार्डिओ एक्सरसाइज नहीं की।  

मैंने देखा कि मैं जो कुछ खा रही हूं, उसमें से क्या मेरे लिए सही है और क्या नहीं। धीरे-धीरे मैंने अपने खाने को संतुलित किया। 

लेकिन इसके लिए मैंने कोई हाई-फाई चीजें जैसे क्विनो, ब्राउन राइस या ब्राउन शुगर जैसी चीजें खाने में शामिल नहीं की। बल्कि मैंने साधारण चीजों को ही अपनी डाइट में शामिल किया। अपनी रसोई से मैंने सभी तरह के रिफाइंड ऑइल हटा दिए और सिर्फ घी में खाना बनाने लगी। खाने में भी नमक का कम से कम इस्तेमाल किया और चीनी तो बिल्कुल ही बंद कर दी। अपने खाने में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल किया और ज्यादा से ज्यादा पानी पिया। नाश्ते की बात करें तो ब्लैक कॉफ़ी के साथ अंडे और बादाम। हालांकि, अभी मैं नाश्ता नहीं करती हूं क्योंकि मुझे यह तरीका सूट करता है। 

मैं लंच में रोटी, चावल, दाल, हरी सब्जियां, डोसा, इडली, सांबर जैसी चीजें लेती हैं। मेरी कोशिश रहती है कि लंच में ऐसी चीजें खाई जाएं जिससे मुझे 70 ग्राम कार्ब्स और 30 ग्राम प्रोटीन मिले। रात में पनीर और दाल जैसी चीजें खाती हूं। अपने रूटीन के हिसाब से मैंने चिकन बिरयानी भी अपनी खुराक में शामिल की है। लेकिन सभी चीजें एकदम नापतोल कर होती हैं।

समय-समय पर एक्सरसाइज के रूटीन के हिसाब से डाइट में बदलाव भी होते रहते हैं। बस हमारी कोशिश अपने खाने को स्वस्थ और संतुलित रखने की होनी चाहिए। 

Weight loss Journey

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*पुरानी तस्वीरें और कपड़े बने प्रेरणा 

अनुप्रिया: यह सफर मुश्किल था। खासकर की शुरुआत में क्योंकि हम धैर्य नहीं रख पाते हैं। लेकिन जब एक बार आपको बदलाव दिखने लगता है तो आप हर चुनौती को पार करने की कोशिश में जुट जाते हैं। मैं खुद भी कई बार सोचती थी कि इतनी मेहनत के बावजूद कुछ नहीं हो रहा है लेकिन फिर मैं अपनी पुरानी तस्वीरें देखती। अपने कपड़ों को देखती जो XXXL साइज के थे। उन्हें देखकर मुझे और जोश आता कि मुझे मेहनत करनी है और फिट होना है। क्योंकि एक बात पक्की है कि फिटनेस कोई चमत्कार नहीं है। इसलिए लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। 

आज मेरे कपड़ों का साइज मीडियम है और जब अपनी पुरानी तस्वीरों को मैं अपनी आज की तस्वीरों के साथ देखती हूं तो खुद पर गर्व होता है। साथ ही, अपने आप को हमेशा फिट रखने का हौसला भी मिलता है। 

*फिट होने में दूसरों की भी कर रही हैं मदद 

अनुप्रिया: मैंने 18 महीनों में 50 किलो वजन कम किया। बहुत से लोग तो मुझे देखकर पहचानते ही नहीं थे। लेकिन मुझे देखकर और भी बहुत से लोग प्रेरित हुए। उन्होंने मुझे संपर्क करना शुरू किया कि मैं उन्हें भी गाइड करूं। लेकिन मैं जानती थी कि जरूरी नहीं कि जो रूटीन मेरे लिए सही साबित हुआ, वह दूसरों के लिए भी हो। साथ ही, पोषण के बारे में अच्छी जानकारी होना भी जरुरी था। इसलिए मैंने INFS से एक सर्टिफिकेट कोर्स किया। क्योंकि मैं बिना पूरे ज्ञान के किसी को गुमराह नहीं करना चाहती थी। 

कोर्स के बाद मैंने लगभग एक साल तक लोगों को मुफ्त में ट्रेनिंग दी। बहुत से लोगों को इससे फायदा हुआ और तब मुझे भी विश्वास आने लगा कि मैं इसे अपना प्रोफेशन बना सकती हूं। अब मैं लोगों से उनके रूटीन के हिसाब से फीस लेती हूं और अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मदद कर चुकी हूं। 

*दूसरों के लिए सलाह

अनुप्रिया: कभी भी दूसरों के डाइट प्लान को कॉपी करने की कोशिश न करें। क्योंकि एक जैसी डाइट सबके लिए काम नहीं करती है।

हमेशा वही करें जो आप कर सकते हैं। अगर आप कोई फिटनेस प्लान लेना चाहते हैं तो अपने शरीर की जरूरत के हिसाब से लें। साथ ही, अपनी जीवनशैली, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी (अगर आपको कोई है जैसे डायबिटीज, थाइरोइड आदि) को भी ध्यान में रखें। 

बिना जांच-परख किए सिर्फ लोगों के दावों पर न जाएं। वजन घटाने के लिए आने वाले किसी भी तरह के उत्पाद को न लें। 

अगर कोई कहता है कि बिना एक्सरसाइज या बिना डाइट के आप वजन घटा सकते हैं तो यह झूठ है क्योंकि अगर ऐसा होता तो दुनिया में कोई मोटापे से परेशान नहीं होता। इसलिए, दिखावे पर न जाएं बल्कि अपनी अक्ल लगाएं। 

आखिर में बस यही कि ‘करने से होगा।’ इस बात को ध्यान रखें कि अगर आप अपना दिल-दिमाग लगाकर किसी चीज पर मेहनत कर रहे हैं तो मेहनत रंग जरूर लाएगी। आप जो खोना चाहते हैं वह खो सकते हैं और जो पाना चाहते हैं वह पा सकते हैं। जरूरत है तो बस दृढ निश्चय और हौसले की। 

अगर आप अनुप्रिया से संपर्क करना चाहते हैं तो उनका इंस्टाग्राम पेज या वेबसाइट देख सकते हैं। 

संपादन- जी एन झा

तस्वीर साभार: अनुप्रिया राघव

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