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महाराष्ट्र सरकार: क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले ऑटो व टैक्सी चालकों को नहीं दिया जायेगा परमिट!

हाल ही में, महाराष्ट्र सरकार ने नए नियमों की घोषणा की है कि सभी ऑटो और टैक्सी चालकों को नए परमिट जारी किये जायेंगें। मंगलवार को जारी किये एक सरकारी प्रस्ताव में सरकार ने कहा कि नए परमिट के लिए चालकों को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से वैध लाइसेंस और बैच प्राप्त करना होगा और उन्हें स्थानीय पुलिस स्टेशन से चरित्र प्रमाण पत्र भी बनवाना होगा।

अगर उनका क्रिमिनल रिकॉर्ड साफ़ नहीं है, तो उन्हें परमिट नहीं दिया जायेगा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटोरिक्शा और टैक्सी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एमएमआरटीए) ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को “किसी भी ड्राइवर को परमिट जारी नहीं करने का निर्देश दिया है, यदि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला या अदालत की कार्यवाही चल रही है।”

यह निर्देश मुंबई के 10 क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों को भेजा गया है और इसे जल्द-से-जल्द मुंबई में लागू किया जायेगा।

इसके अलावा परमिट के लिए अप्लाई करने वाले सभी लोगों को यह भी एफिडेविट जमा करना होगा कि वे किसी भी सरकारी या निजी संगठन के साथ कार्यरत नहीं हैं।

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नए नियमों के मुताबिक सीएनजी, एलपीजी और इलेक्ट्रिक ऑटो व टैक्सी को ही मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र, पुणे, और पिंपरी-चिंचवड नगरपालिका क्षेत्राधिकार में परमिट दिया जायेगा। बाकी दूसरे ईंधन पर चलने वाले ऑटो को नगरनिगम द्वारा परमिट मिलेगा।

हालांकि, कुछ लोगों द्वारा इस नियम की आलोचना हो रही है, लेकिन मुंबई ऑटोरिक्शा यूनियन ने कहा कि इस तरह सभी आपराधिक केस वालों को परमिट न देने के नियम को अपराधी की स्थिति और हालात के अनुसार देखा जाये।

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संपादन – मानबी कटोच


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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