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इस गाँव के लोग एक ही पंडाल में मना रहें हैं गणेशोत्सव और मुहर्रम, देना चाहते हैं शांति का संदेश!

प्रतीकात्मक तस्वीर

हाराष्ट्र के यवतमाल जिले के विदुल गाँव में इस बार गणेश चतुर्थी और मुहर्रम एक ही छत के नीचे साथ में मनाये जायेंगें। पिछले कुछ सालों में यवतमाल जिले में इन दोनों त्योहारों के एक साथ पड़ने पर साम्प्रयदायिक तनाव पैदा हो जाता था।

लेकिन इस बार गांववालों ने प्यार और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देते हुए गणपति और मुहर्रम एक ही जगह मनाने का फैसला किया है।

फोटो स्त्रोत

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहल यवतमाल के पुलिस अधीक्षक मेघनाथन राजकुमार ने की। उन्होंने उमरखेड़ के पुलिस स्टेशन निरीक्षक हनुमंत गायकवाड़ को ग्राम पंचायत कार्यालय में 08 सितंबर को ग्रामीणों की शांति बैठक के लिए बुलाने के आदेश दिए।

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साम्प्रयदायिक तनाव की पिछली घटनाओं को देखते हुए गायकवाड़ ने दोनों त्यौहार एक ही छत के नीचे एक साथ मनाने का मेघनाथन का सुझाव ग्रामीणों के सामने रखा और गाँववालों ने भी इसका स्वागत किया।

गाँववालों ने नलसाहेब देवस्थान मंदिर में पंडाल लगाया, जहां दोनों त्यौहार साथ में मनाये जा रहे हैं। हालांकि, कोई दिक्क्त न हो इसलिए मुहर्रम सवारी और गणपति विसर्जन का समय अलग-अलग रखा गया है। मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन जयराम धागे ने बताया कि कुछ सालों से दोनों त्यौहार साथ में आ रहे हैं और इसलिए अब सब ने फैसला किया है कि जब भी दोनों त्यौहार साथ होंगे तो एक ही छत के नीचे साथ में मनाये जायेंगें।

संपादन – मानबी कटोच


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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