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20+ सालों से कर रहे हैं लगातार ट्रिप्स, घूम लिए देश के लगभग 250 शहर और कस्बे

देश का हर प्रदेश घूम चुके अभिनव बता रहे हैं, ट्रिप प्लानिंग के कुछ टिप्स!

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हैदराबाद में रहनेवाले 31 वर्षीय अभिनव रामीसेट्टी पेशे से ग्राफिक डिजाइनर हैं, लेकिन साथ ही वह एक ट्रेवल फ्रीक (travel influencer india) भी हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग जहां सालों तक कहीं घूमने नहीं जा पाते हैं, वहीं अभिनव पिछले 20 से भी ज्यादा सालों से लगातार अलग-अलग जगहों की यात्रा कर रहे हैं। पहले उनके माता-पिता उन्हें घुमाने ले जाते थे और अब वह अपने माता-पिता को अपने साथ यात्रा पर ले जाते हैं।

फीचर फिल्म्स और एनिमेटेड कार्टून शोज के लिए ग्राफ़िक्स बनानेवाले अभिनव ने द बेटर इंडिया को बताया, “अपने देश में देखने-जानने को इतना कुछ है कि आपको विदेश जाने की कोई जरूरत नहीं है। ट्रेवलिंग का शौक मुझे माता-पिता से मिला है। मैं हर जगह अपने परिवार के साथ जाता हूं। मेरा मानना है कि मीलों की दूरी तय करने के लिए आपको पहला कदम बढ़ाना पड़ता है, क्योंकि जब तक आप आगे नहीं बढ़ेंगे तब तक आपको नहीं पता चलेगा कि दुनिया में क्या कुछ है।” 

घूम चुके हैं सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (Travelled All States And Union Territories)

दिलचस्प बात यह है कि अभिनव अब तक देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा कर चुके हैं (man travel all states)। उन्होंने बताया, “देश के कुल 36 प्रदेशों के 250 शहरों की यात्रा कर चुका हूं। इन यात्राओं के दौरान, बहुत से यादगार अनुभव भी हुए हैं, जैसे त्रिपुरा में हम वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री माणिक सरकार से मिले थे। उनसे मिलकर पता चला कि इतने बड़े पद को संभालने वाला इंसान इतना सौम्य और जमीन से जुड़ा हुआ हो सकता है।” 

This Man Travelled All States And Union Territories of India
घूमें हैं 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश

वह आगे कहते हैं कि यात्रा करने से न सिर्फ जगहों, बल्कि लोगों के प्रति भी आपका नजरिया बदलता है। जितने भी भेदभाव आपके दिमाग में होते हैं, वे सब यात्राओं के दौरान खत्म होने लगते हैं। क्योंकि, जब रास्ते में अनजान लोग बिना किसी स्वार्थ के आपकी मदद करते हैं, तो आपका इंसानियत पर विश्वास बढ़ने लगता है। इसलिए अब अभिनव के लिए इंसानियत से बढ़कर कुछ नहीं है।

एक किस्सा याद करते हुए वह बताते हैं, “हम झारखंड के देवघर में एक मंदिर में दर्शन के लिए गए थे। वहां से निकलकर हम नीचे आये, तो ट्रैफिक पुलिस ने रोक लिया क्योंकि हमारी गाड़ी पर दूसरे राज्य की नंबर प्लेट थी। हम उन्हें अपनी बात समझा रहे थे, लेकिन वे सुन ही नहीं रहे थे। ऐसे में, अचानक एक अनजान शख्स ने आकर उनसे बात की और हमारे बारे में समझाया कि ये घूमने आए हैं।” 

अभिनव ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक, कोहिमा से कच्छ तक, तिरुवनंतपुरम से त्रिपुरा तक, भुज से बद्रीनाथ तक और पोरबंदर से पोर्टब्लेयर तक की यात्रा की है। यात्राओं के दौरान मुश्किलें भी आयीं, लेकिन उन्होंने कभी भी यात्रा करना नहीं छोड़ा। इतनी जगहों पर घूमने के बाद भी, उन्हें लगता है कि भारत में घूमने के लिए अभी भी बहुत कुछ है। 

इस तरह करते हैं तैयारी 

अभिनव और उनके परिवार को 20 से ज्यादा सालों का ट्रेवलिंग (travelling to India) का अनुभव है। लेकिन फिर भी वे हमेशा अपनी ट्रिप्स के लिए अच्छे से प्लानिंग करते हैं। क्योंकि उनका मानना है कि अच्छी प्लानिंग करने से आप बहुत सी मुश्किलों को पहले ही अपने रास्ते से हटा देते हैं। अपनी प्लानिंग के बारे में कुछ टिप्स उन्होंने हमारे साथ भी साझा किए।

अभिनव ने बताया कि वैसे तो जगह के हिसाब से हर बार उनकी योजना अलग होती है, क्योंकि हर बार घूमने का और परिवहन का तरीका अलग होता है। लेकिन फिर भी, वे हमेशा तीन महीने पहले से अपनी ट्रिप्स की प्लानिंग करते हैं। 

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Trip to Jaisalmer, Rajasthan
जैसलमेर में

  • किसी भी ट्रिप के लिए 90 दिन पहले से हम तैयारी शुरू कर देते हैं, ताकि आखिरी समय पर कोई समस्या न हो और हम अच्छे से घूम सकें। 
  • अगर हम फ्लाइट से जाने वाले हैं, तो 90 दिन पहले ही टिकट बुक कर लेते हैं। इससे टिकट किफायती भी पड़ती हैं और आसानी से मिल जाती है। 
  • ट्रेन से यात्रा करने के समय भी हम हमेशा 90 दिन पहले ही टिकट बुक कर लेते हैं, ताकि आखिरी समय में वेटिंग की या सीट न मिलने की चिंता न हो। 
  • अगर कभी कार से घूमने जाना हो, तो हम एक महीने पहले से कार की सर्विसिंग करा लेते हैं। 
  • अगली चीज होती है कि हम कहां रुकेंगे। इसलिए ट्रिप पर निकलने से सात दिन पहले, हम होटल या रूम की बुकिंग कर लेते हैं।
  • हम जहां भी जा रहे हैं, उस जगह के बारे में पूरी रिसर्च करते हैं कि कहां-कहां घूमना है, फेमस डिश क्या है और कहां शॉपिंग कर सकते हैं।
  • ट्रिप पर निकलने से दो दिन पहले, हम कपड़ों और अन्य जरुरी सामान की पैकिंग करते हैं। हम कोशिश करते हैं कि अपने साथ कम से कम सामान लें, ताकि घूमने में समस्या न हो। 

Trip to Chilika Lake, Odisha
ओडिशा में

  • हम अपने साथ कुछ घर से बना हुआ खाना लेते हैं, ताकि अगर किसी जगह अच्छे खाने की व्यवस्था न हो पाए, तो यह खाना आपके काम आता है। 
  • हम जहां जा रहे हैं, वहां के तापमान और मौसम के हिसाब से भी प्लानिंग करते हैं, जैसे मनाली, लेह आदि के लिए गर्म कपड़े ले जाना जरूरी होता है।  

अभिनव कहते हैं कि लोगों को जितना हो सके अपने देश को जानना और समझना चाहिए। अगर आपके लिए मुमकिन है, तो न सिर्फ खुद बल्कि अपने परिवार के साथ यात्रा पर जायें। आनेवाले समय में अभिनव की योजना है कि वह अपने यात्रा के अनुभवों को एक किताब का रूप दें। हमें उम्मीद है कि उनका यह सपना पूरा होगा, ताकि उनकी किताब पढ़कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को घूमने की प्रेरणा मिले। 

अगर आप अभिनव से संपर्क करना चाहते हैं तो उन्हें ramisetty.abhinav@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं। 

संपादन- जी एन झा

तस्वीरें साभार: अभिनव

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