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जानिए क्यों क्रिकेटर गौतम गंभीर ने लगाई बिंदी और पहना दुपट्टा; वजह दिल छू जाएगी!

भारतीय क्रिकेटर गौतम गंभीर क्रिकेट के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाते हैं। और ये बात पिछले कुछ समय से उनके द्वारा किये गए कामों ने साबित भी कर दी है।

जी हाँ, छत्तीसगढ़ में नक्‍सली हमले में शहीद हुए जवानों के बच्‍चों की शिक्षा का खर्च उठाना हो या फिर कश्‍मीर में आतंकी हमले में शहीद हुए एएसआई अब्दुल रशीद की बेटी जोहरा की मदद, गंभीर ने देश में सबका दिल जीता है।

हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान माथे पर बिंदी लगाए और दुपट्टा डाले गौतम गंभीर की तस्वीरें जब इंटरनेट पर वायरल हुई तो सब हैरानी में पड़ कि क्या चल रहा है। लेकिन इसके पीछे की बात जब लोगों को पता चली तो उनकी हर किसी ने सराहना की।

दरअसल, गौतम गंभीर दिल्ली में हिजड़ा हब्बा के सातवें संस्करण के उद्घाटन में पहुंचे थे। और किन्नर समाज के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए उन्होंने बिंदी भी लगाई और दुपट्टा भी ओढ़ा। कार्यक्रम में किन्‍नरों ने गौतम गंभीर को उनकी तरह तैयार होने में मदद की थी।

ट्विटर/न्यूज़9

यह समारोह भारतीय दंड संहिता की धारा 377 को खत्म करने वाले सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के जश्न में आयोजित किया गया था, जिसके तहत समलैंगिक यौन सम्बन्ध को अपराध माना जाता था। यह फैसला 6 सितंबर, 2018 को किया गया था।

एचआईवी/एड्स अलायन्स इंडिया द्वारा मंगलवार को दिल्ली मॉल में वार्षिक हिजड़ा हब्बा का आयोजन किया गया। जहां ट्रांसजेंडर समुदाय के लोग एक साथ आए। इस साल के लिए थीम ‘बोर्न दिस वे’ थी। इसका उद्देश्य ट्रांस समुदाय की स्वीकृति का संदेश फैलाना और उन्हें सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ने के लिए सशक्त बनाना था।

इसके पीछे की मंशा समुदाय को उनकी प्रतिभा और विभिन्न क्षेत्रों में देश में योगदान करने की उनकी क्षमता के बारे में शिक्षित करना था।

यह कोई पहली बार नहीं है कि गौतम गंभीर ने समाज की उपेक्षा का शिकार इस खास वर्ग के प्रति अपना समर्थन जताया है। इसी साल उन्‍होंने दो ट्रांसजेंडर्स को अपनी बहन बनाते हुए उनसे राखी बंधवाई थी। गंभीर ने इसका फोटो भी अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्‍ट किया था।

एक बार फिर गौतम को उनकी इस पहल के लिए लोगों की प्रशंसा मिल रही है। ट्विटर पर उनके लिए लोगों ने कुछ ऐसी प्रतिक्रियाएं दीं,

किसी ने कहा, “ऐसा करने के लिए बहुत साहस की जरूरत होती है,” तो एक दूसरे यूजर ने लिखा, “वह मुझे हर बार हैरान कर देता है इस आदमी के लिए बहुत सम्मान”!

“बहुत बढ़िया। यह आदमी बड़े सम्मान का हकदार है। एक सेलिब्रिटी के लिए यह करना आसान नहीं है। सर से सलाम!” एक और ने प्रशंसा की।

मूल लेख: जोविटा अरान्हा

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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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