in ,

गणेश चतुर्थी पर खाद, गोबर, कागज़ या मिट्टी से बनी बप्पा की मूर्तियाँ घर लायें और पर्यावरण बचाएं!

णेश चतुर्थी – हर्षोल्लास, खूबसूरत पंडाल, झांकियों, ‘मोदक’ से भरा एक ऐसा त्यौहार, जब हम पुरे परिवार के साथ विघ्नहर्ता को घर बुलाते हैं।

अब तक आप में से बहुतों ने अपने घरों को सजाना भी शुरू कर दिया होगा, गणपति बाप्पा की मूर्ति पसंद कर ली होगी और संभवतः त्यौहार के दौरान बनने वाली मिठाइयों की एक सूची भी बना ली होगी।

हालांकि, यदि आप उन लोगों में से हैं जो इको फ्रेंडली (पर्यावरण के अनुकूल) गणेश जी की मूर्ति खरीदना चाहते हैं, तो आपकी तलाश यहां खत्म होती है। हम आपको उन सात संगठनों के बारे में बता रहे हैं जहां से आप इको-फ्रेंडली गणपति खरीद सकते हैं।

1. अंकुरित गणेश

फोटो स्त्रोत

ये मूर्ति गोबर से बनी हैं! कोला मंजुनाथ मूर्ति के अंदर एक बीज लगाते हैं, जिससे उन्हें 100% बायोडिग्रेडेबल बना दिया जाता है। इस तरह आपको नदियों, झीलों या समुद्रों में अपनी मूर्ति को विसर्जित करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, आप उन्हें अपने बगीचे में लगा सकते हैं और भगवान पूरे साल आपको आशीर्वाद दे सकते हैं!

ऑर्डर के लिए, आप मंजुनाथ को (+ 91) 9036175717 पर कॉल कर सकते हैं या फेसबुक पर उनसे जुड़ सकते हैं।

2. गणेश जो कागज को पौधों में बदल देता है!

फोटो स्त्रोत

जी हाँ, यह गणेश पेपर को पौधे में बदलने के लिए अपनी दिव्य शक्तियों का उपयोग कर रहा है! कैसे? MASES इन मूर्तियों को अखबारों और मिट्टी से बनाते हैं और इन के अंदर एक बीज डाला जाता है। उत्सव खत्म होने पर आप मूर्ति को एक गमले में लगा सकते हैं और इसमें सामान्य रूप से पानी डालें। वे दावा करते हैं कि सात दिनों के भीतर आपको मूर्ति में से एक पौधा उगता हुआ दिखेगा!

9535245704 पर MASES से संपर्क करें या ऑर्डर के लिए इनके फेसबुक पेज पर जाएं।

3. खाद से बने गणेशा

प्रतीकात्मक तस्वीर

तमिलनाडु में एक एनजीओ-सेवालया मिट्टी और खाद का उपयोग करके गणेश की मूर्तियां बनाता है, जिसमें सब्जी या तुलसी के बीज होते हैं, इसलिए वे पौधों के रूप में उगते हैं। द हिंदू से बात करते हुए, राजेश (जो एनजीओ के साथ काम करते हैं) ने कहा, “सादा मिट्टी पौधों को उगने नहीं देगी, इसलिए हम इसमें खाद को मिला रहे हैं। मिट्टी के साथ यह काम करना बहुत मजेदार रहा है!”

ऑर्डर के लिए 12 सितंबर से पहले एनजीओ से संपर्क करें! उनका नंबर 9444167625/9094766806 है।

Promotion
Banner

4. एक लम्बे गणपति जो गमले के साथ आते हैं

प्रतीकात्मक तस्वीर

इस गणेश की कीमत 280 रुपये प्रति सेट है और यह 9 इंच के गमले, फूल के बीज, खाद, माला, पेपर छतरी और फूलों के साथ आता है! जो संगठन इन मूर्तियों को बनाता है वह चेन्नई में स्थित है। आप ऑर्डर के लिए 9385907050 पर एस बालकृष्णन या जयश्री को 9840028852 पर कॉल कर सकते हैं।

5. मिट्टी, गोबर या फिर पेपियर मैश (कागज़ की लुगदी)- जो आप चाहे!

फोटो स्त्रोत

इ-कोएक्सिस्ट्स विभिन्न प्रकार के गणेश मूर्तियों को विभिन्न आकारों में बनाता है। छोटी मिट्टी की मूर्तियों से लेकर 21 इंच के इको-गणेश तक, उनकी लिस्ट विकल्पों से भरी पड़ी है।

उनकी एकमात्र शर्त? आप डिलीवरी के लिए नहीं कह सकते हैं। तो पारंपरिक तरीके से जाइये, पुणे के येरावाड़ा में उनकी दुकान पर जाएँ और पूरे परिवार के साथ गणपति का स्वागत करें! ऑर्डर करने के लिए यहां उनकी वेबसाइट पर जाएं।

6. हल्के वजन वाले पेपर गणेश

फोटो स्त्रोत

हल्के वजन वाले गणपति एक ऑक्सीमोरोन की तरह लगते हैं, लेकिन यदि आप 27 इंच के पेपर गणेश का ऑर्डर देना चाहते हैं जो पानी में विसर्जित होने पर पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगा, तो यह वेबसाइट आपके लिए है! इससे पहले कि सभी मूर्ति बिक जाएँ, आप अपने लिए एक ऑर्डर कर लें!

यह 10 दिन का त्यौहार लाखों लोगों के लिए ख़ुशी का त्यौहार है, लेकिन यह समझना भी जरूरी है कि जब हम हर रात जोर से संगीत बजाते हैं और पानी में मूर्ति को विसर्जित करते हैं, तो हम पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचाते हैं।

इसलिए, घर में पर्यावरण-अनुकूल मूर्ति लाकर, हम पर्यावरण की रक्षा करने के लिए एक सकारात्मक कदम उठा सकते हैं, और अपने उत्सव को सही अर्थ में साफ, हरा और शुभ बना सकते हैं।

मूल लेख: तन्वी पटेल


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

Promotion
Banner

देश में हो रही हर अच्छी ख़बर को द बेटर इंडिया आप तक पहुँचाना चाहता है। सकारात्मक पत्रकारिता के ज़रिए हम भारत को बेहतर बनाना चाहते हैं, जो आपके साथ के बिना मुमकिन नहीं है। यदि आप द बेटर इंडिया पर छपी इन अच्छी ख़बरों को पढ़ते हैं, पसंद करते हैं और इन्हें पढ़कर अपने देश पर गर्व महसूस करते हैं, तो इस मुहिम को आगे बढ़ाने में हमारा साथ दें। नीचे दिए बटन पर क्लिक करें -

₹   999 ₹   2999

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

इस शख्स ने बदली गाँव की तस्वीर, अब हर घर में है आइएएस, आइपीएस और कई सरकारी अफ़सर!

पुणे का यह गणेश मंडल बना इंसानियत की मिसाल; गणेशोत्सव मनाने के पैसों से किया अनाथ युवक का इलाज!