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अपने मुहांसों का हल ढूंढते-ढूंढते बना दिया Natural Skincare Brand, विदेश से आते हैं ऑर्डर

तमिलनाडु के कोयंबटूर में रहनेवाले प्रितेश अशर और मेघा अशर ने अपने Natural Skincare Brand, ‘Juicy Chemistry’ की शुरुआत अपने रसोईघर से की थी।

क्या कोई भी ‘कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट’ खरीदने से पहले आप देखते हैं कि इसे बनाने में किन चीजों का इस्तेमाल हुआ है? क्या आप इस बात पर ध्यान देते हैं कि त्वचा, चेहरे या बालों के लिए ये कितनी सुरक्षित हैं? शायद नहीं। विज्ञापनों में भरोसा करके हम फेस क्रीम, लोशन, फेस वॉश और शैम्पू जैसी चीजें खरीद लेते हैं। लेकिन इनका हमारी त्वचा पर क्या असर हो सकता है, ये हमें काफी देर से समझ में आता है। क्या आपको पता है कि इन चीजों को बनाने में ऐसी सामग्रियों का इस्तेमाल होता है जो हमारी त्वचा के लिए हानिकारक और असुरक्षित हैं?  

एक बार मॉल में खरीददारी करते समय, प्रितेश अशर ने जब एक ‘ब्यूटी प्रोडक्ट’ पर इंग्रेडिएंट्स में कुछ हानिकारक रसायनों के नाम देखे तो वह चौंक गए। वाहनों के लिए अलग-अलग ‘लुब्रिकेंट्स’ बनाने का उनका पारिवारिक व्यवसाय था। इसलिए उन्हें इस तरह के रसायनों और दूसरी सामग्रियों की जानकारी है। लेकिन जिन लोगों को ये जानकारी नहीं है उनका क्या? यही सोचकर, तमिलनाडु के कोयंबटूर में रहने वाले प्रितेश अशर ने अपनी पत्नी, मेघा अशर के साथ मिलकर अपनी खुद की Natural Skincare Brand, ‘ज्यूसी केमिस्ट्री‘ शुरू की। 

उनके सभी उत्पाद जैविक और प्राकृतिक सामग्रियों से बनते हैं और इन्हें बनाने का तरीका भी पर्यावरण के अनुकूल है। द बेटर इंडिया से बात करते हुए उन्होंने अपने इस सफर के बारे में बताया। 

शुरू की अपनी ब्रांड 

Natural Skincare Brand
Megha Asher and Pritesh Asher

प्रितेश के परिवार का ‘पेट्रोलियम उत्पाद’ बनाने का बिज़नेस हुआ करता था। लेकिन उनके पिता के देहांत के बाद, वह इस बिज़नेस को जारी नहीं रख पाए। वह बताते हैं कि पिता के निधन के बाद उन्होंने काफी मुश्किल समय देखा। एक वक्त ऐसा भी आया कि उनके लिए घर चलाना मुश्किल हो गया था। लेकिन मेघा और प्रितेश ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बताया कि मेघा ने अपना कपड़ों का बुटीक शुरू किया था, जो अच्छा चल पड़ा। इसके बाद धीरे-धीरे, उनका बिज़नेस भी संभलने लगा। 

इसी बीच, प्रितेश एक बार शॉपिंग मॉल में मेघा के लिए कोई अच्छी प्राकृतिक फेसक्रीम ढूंढ़ रहे थे ताकि उनके चेहरे पर मुंहासों की समस्या का निदान हो। “लेकिन मॉल में जब एक सेल्समैन ने मुझे एक क्रीम दिखाई तो मैंने इसे चेक किया। क्रीम को बनाने में इस्तेमाल हुई सामग्रियों में रसायन और मिनरल ऑइल का नाम देखा, जिनका उपयोग पेट्रोलियम इंडस्ट्री में होता है। इसके बाद, थोड़ी और रिसर्च की तो पता चला कि हर्बल टी से लेकर बेबीकेयर प्रोडक्ट्स तक, सभी में हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल हो रहा है,” उन्होंने कहा। 

इसके बाद, उन्होंने खुद जैविक और प्राकृतिक सौंदर्य उत्पाद बनाने की ठानी। मेघा और प्रितेश ने अपने घर की रसोई से ही काम शुरू किया। 2014 में मात्र 5000 रुपए के निवेश से उनका सफर शुरू हुआ और देखते ही देखते उन्होंने बाजार में अपना एक नाम बना लिया। हालांकि, उनकी राह आसान नहीं थी लेकिन उन्होंने बहुत संभलकर कदम आगे बढ़ाये। वे बताते हैं कि कई असफल प्रयोगों के बाद, उन्होंने सबसे पहले चावल के आटे, संतरे के छिलके, ग्रीन टी और टी ट्री ऑइल का इस्तेमाल करके प्राकृतिक फेस स्क्रब बनाया। उनका यह उत्पाद लोगों को बहुत पसंद आया। धीरे-धीरे उनके उत्पाद बढ़ने लगे और साथ में ग्राहक भी। फिलहाल, ज्यूसी केमिस्ट्री लगभग 100 अलग-अलग उत्पाद बना रहा है, जिसमें तरह-तरह की क्रीम, साबुन, मॉइस्चराइजर, स्क्रब, तेल, शैम्पू, लोशन, एसेंशियल ऑइल आदि शामिल हैं। 

क्यों अलग हैं उनके उत्पाद 

मेघा और प्रितेश कहते हैं कि शुरुआत में लोगों से जुड़ना मुश्किल रहा। लेकिन फिर उन्हें समझ में आया कि उन्हें लोगों को यह समझाने की जरूरत है कि वे क्या रॉ मटेरियल इस्तेमाल कर रहे हैं और उनके जैविक और प्राकृतिक उत्पाद कैसे बाजार में उपलब्ध दूसरे सौंदर्य उत्पादों से अलग हैं। उन्होंने सबसे पहले यह तय किया कि उनके उत्पाद जैविक प्रामाणिक हों। सभी उत्पादों को बनाने में वे सिर्फ जैविक सामग्रियों का इस्तेमाल करते हैं। साथ ही, किसी भी उत्पाद में कोई हानिकारक रसायन नहीं डाला जाता है। 

उनके बनाये उत्पाद प्रेज़रवेटिव-फ्री, पैराबेन-फ्री और एडिटिव-फ्री होते हैं। हमारी और आपकी त्वचा के लिए सुरक्षित होने के साथ-साथ, उनके उत्पाद प्रकृति के अनुकूल भी है। इस वजह से इन्हें इस्तेमाल करने से पानी के स्रोत भी प्रदूषित नहीं होते हैं। साथ ही, इन्हें रिसायक्लेबल पैकेजिंग में पैक किया जाता है। 

पिछले चार सालों से उनके उत्पाद इस्तेमाल कर रहीं दिव्या कतना कहती हैं, “मैं बालों के लिए एक ‘जैविक मास्क’ ढूंढ रही थी और मेरी तलाश ज्यूसी केमिस्ट्री पर आकर खत्म हुई। इसके बाद मैंने कहीं और मुड़कर नहीं देखा है। सिर्फ मैं ही नहीं मेरी माँ को भी इनके उत्पाद बहुत पसंद हैं। इनका विटामिन सी फेस मास्क, केसर फेस ऑइल जैसे उत्पादों का कोई मुकाबला नहीं है।” 

अपने चेहरे पर होने वाले मुहांसों से परेशान रहने वाली आकृति आनंद कहती हैं कि बाजार में उपलब्ध अलग-अलग उत्पाद इस्तेमाल करने के बावजूद उन्हें कोई नतीजा नहीं मिला था। लेकिन ज्यूसी केमिस्ट्री के उत्पाद इस्तेमाल करने के कुछ महीनों के भीतर ही उनके मुहांसे और दाग-धब्बे कम होने लगे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही ये पूरी तरह से चले जायेंगे क्योंकि ज्यूसी केमिस्ट्री के उत्पाद इस्तेमाल करने में बहुत ही अच्छे और प्रभावी हैं। 

करोड़ों में है टर्नओवर 

धीरे-धीरे कम से कम निवेश के साथ शुरू होने वाली इस ब्रांड का सालाना टर्नओवर आज करोड़ों में है। साल 2020-21 का उनका टर्नओवर लगभग 25 करोड़ रुपए रहा है। अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर होने के साथ-साथ उनकी अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप्लिकेशन है। उनकी मोबाइल ऐप पर लगभग 60000 एक्टिव यूजर हैं और वेबसाइट पर सवा लाख से ज्यादा एक्टिव यूजर हैं। इसके अलावा, कोयंबटूर में उनका एक ऑफलाइन स्टोर भी है। आज उनकी कंपनी में 45 लोग काम करते हैं। 

उन्होंने अपने उत्पादों के लिए प्रतिष्ठित इकोसर्ट सर्टिफिकेशन (ECOCERT Certification) भी लिया हुआ है। इकोसर्ट अंतरराष्ट्रीय रूप से मान्यता प्राप्त एक संगठन है और इसका मुख्यालय फ्रांस में है। यह कॉस्मेटिक ब्रांड्स को ऑर्गेनिक सर्टिफिकेट देता है। इस सर्टिफिकेशन के लिए प्रितेश और मेघा ने अपनी कंपनी के सेटअप में भी काफी बदलाव किए थे। लेकिन इससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और प्रमाणिकता सिर्फ बढ़ी है। 

वे कहते हैं कि लॉकडाउन की शुरुआत में उनके बिज़नेस पर प्रभाव पड़ा था। लेकिन स्थिति को देखते हुए उन्होंने डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया है। पिछले एक साल में उन्होंने ज्यादा से ज्यादा से लोगों को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया कैंपेन किए हैं। 

अगर आप कोई भी उत्पाद खरीद रहे हैं तो जरुरी है कि आप इसके बारे में बेसिक रिसर्च करें। इससे आप अपनी जीवनशैली में बेहतर और पर्यावरण के लिए सुरक्षित उत्पाद शामिल कर पाएंगे। आप ज्यूसी केमिस्ट्री के प्रोडक्ट्स यहाँ देख सकते हैं। 

संपादन- जी एन झा

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