in ,

मिलिए महाराष्ट्र के आईएएस अफसर प्रवीण परदेशी से, केरल बाढ़ में निभाई अहम भूमिका!

आईएएस अफसर प्रवीण परदेशी (बाएं)

पिछले कुछ हफ़्तों से द बेटर इंडिया आपको लगातार केरल में बाढ़ के चलते हुए नुकसान और आपदा के बीच मदद कर रहें गुमनाम नायकों की कहानियां बता रहा है। साथ ही हम आपको ऐसे लोगों से रू-ब-रू करा रहे हैं जो केरल की मदद में अहम भूमिका निभा रहे है।

केरल में आयी बाढ़ को और लोगों द्वारा झेली जा रही परेशानियों को कितना भी राजनितिक रंग दिया जाये, लेकिन हम लगातार सकारात्मक पहलुओं को उजागर कर पाठकों के सामने रख रहे हैं।

हमने आपको राज्य के सरकारी अधिकारीयों, राज्य के लोगों, भारतीय सेना या फिर कोई भी बाहरी नागरिक और अधिकारी, जो केरल में हर सम्भव प्रयास कर मदद सुनिश्चित कर रहे हैं, उन सबकी कहानियां बताई हैं।

ऐसी ही कहानी है महाराष्ट्र सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण परदेशी की, जिन्होंने इस पुरे राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। परदेशी केरल में राहत और पुनर्वास प्रयासों में बिना किसी अवरोध के लगातार कार्य कर रहे हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ की स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हो जाने के बाद, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के सबसे भरोसेमंद और कुशल आईएएस अधिकारियों में से एक प्रवीण परदेशी को केरल की मदद का कार्यभार सौंपा।

महाराष्ट्र सरकार के विभिन्न विभागों से राहत अधिकारियों और पुनर्वास, राजस्व, सार्वजनिक स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवहन के अलावा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य के प्रमुख एनजीओ के अलावा, परदेशी ने केरल के भी विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ राहत और पुनर्वास प्रयासों को संभाला है।

इसके अलावा, उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि मुंबई में सरकार द्वारा संचालित जे जे अस्पताल और पुणे के ससून अस्पतालों के डॉक्टरों को वायुसेना की मदद से केरल ले जाया जाये।

केरल सरकार की मदद करने के लिए, परदेशी ने आवश्यक अधिकारियों के साथ एक व्हाट्सएप समूह बनाया। एक हफ्ते तक कपड़े, दवाएं, भोजन और अन्य राहत सामग्री सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों का निरीक्षण किया ताकि सभी सामग्री विशेष रूप से बाढ़ से प्रभावित जिलों तक पहुंचे।

यह पहली बार नहीं है जब 1985 बैच के इस आईएएस अधिकारी ने बड़े पैमाने पर राहत प्रयास किए हैं। कलेक्टर के रूप में, उन्होंने महाराष्ट्र के लातूर में सितंबर 1993 के विनाशकारी भूकंप में पीड़ितों के पुनर्वास में सहायता की, जिसमें 30,000 लोगों की मौत हुई थी, और 52 गांवों बर्बाद हो गए थे।

लातूर भूकंप राहत प्रयासों में परदेशी की अगुवाई के बाद महाराष्ट्र के निंबोली में गांवों के पुनर्वास करवाने के लिए केरल पहला राज्य बन गया था। केरल के कुछ एनजीओ ने उस समय महाराष्ट्र के गांवों में 300 घरों का निर्माण भी करवाया था।

परदेशी और केरल के लिए यहां मदद का एक चक्र पूरा हो गया है। हम प्रवीण परदेशी कार्यों की सराहना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि बहुत लोग उनसे प्रेरणा लेंगें।

कवर फोटो

संपादन – मानबी कटोच


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर भेज सकते हैं।

शेयर करे

Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

उषा रानी: फूल बाँधने से लेकर एशियाई खेलों में भारत के लिए रजत पदक जीतने तक का सफ़र!

बिना पंखे और बिना दीवारों के इस टिन की छत के तले मिला प्रशिक्षण; आज देश के लिए जीते हैं गोल्ड!