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केरल: बाढ़ के बाद मिला सद्भावना का सन्देश, मुस्लिम युवाओं ने किये मंदिर साफ़!

वन्नियोडे मंदिर साफ़ करने वाला समूह/मनोरमा

केरल की बाढ़ में हिन्दू और मुसलमान के बीच के मतभेद जैसे बह गए हों। वायनाड और मलप्पुरम में दो मुस्लिम युवा संगठन मिलकर मंदिरों की सफाई में जुटे हुए हैं।

बाढ़ के बाद हर जगह मिट्टी और गंदगी है। ऐसे में वायनाड के वन्नियोडे श्री महा विष्णु मंदिर की सफाई कुछ मुसलमान युवकों ने शुरू की। वन्नियोडे नदी के पानी की वजह से मंदिर में हर तरफ मिट्टी ही मिट्टी है। इसलिए इन युवाओं ने राहत कार्य के साथ-साथ यहां साफ़-सफाई भी की।

इस टीम के एक सदस्य, नजमुद्दीन के ने बताया, “हम वन्नियोडे के एक राहत केंद्र पर पहुंचे तो वहां हमने पूछा कि हम कैसे मदद कर सकते हैं। हमे कहा गया कि पानी कम होने पर यहां के घरों की साफ़-सफाई करनी है और फिर बहुत ही हिचकिचाहट से उन्होंने मंदिर की सफाई के बारे में कहा। उन्होंने पूछा अगर हम मंदिर साफ़ करने में मदद कर सकते हैं तो हमने उन्हें कहा कि हम मुस्लिम हैं। लेकिन यह करके हमें बहुत ख़ुशी मिलेगी।”

स्त्रोत: इंडिया टाइम्स

नजुमुद्दीन दुबई में इंजीनियर हैं। मंदिर के रख-रखाव की समिति के सेक्रेटरी गोपालकृष्णन ने कहा, “हम उनकी समय रहते मदद का आभार व्यक्त करते हैं….. यह एकता का प्रतीक है जो हर जात और धर्म से परे है।”

यह युवा संगठन केरल के मुक्कम से ताल्लुक रखता है। ऐसे ही लगभग 20 मुस्लिम युवाओं का एक और समूह जो कि मन्नारक्कड से है, वे भी इसी तरह की धर्म निरपेक्षता का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने अय्यप्पा मंदिर की साफ़-सफाई की। उनके संगठन का नाम समस्त केरल सुन्नी स्टूडेंट्स फेडरेशन है।

अयप्पा मंदिर साफ़ करते स्वयंसेवक/ मनोरमा

हम केरल में इस सद्भावना की सराहना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि जल्द से जल्द केरल इस आपदा से उभरेगा। क्योंकि न केवल केरलवासी बल्कि पूरा देश केरल की मदद के लिए हाथ बढ़ा रहा है।


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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