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एक दिन के वेतन से लेकर फायर फाइटर फाॅर्स तक: 7 तरीकों से अन्य राज्य कर रहे हैं केरल की मदद!

केरल में आयी भयानक बाढ़ के चलते अब तक इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर संसाधनों तक, लगभग 19,5512 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान हो चूका है। लगभग एक शताब्दी बाद केरल में ऐसी आपदा आयी है। हर दिन बढ़ते नुकसान के बावजूद पुरे देश से मिल रही मदद के साथ केरल इस आपदा से उभर रहा है।

केरल के लिए देश के हर कोने से राहत निधि, सहायता और संसाधन भेजे जा रहे हैं। दूसरे राज्य भी केरल की मदद के लिए आगे आये हैं,

1. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने केरल को 10 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान किये है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि आम आदमी पार्टी के सभी एमपी और एमएलए के एक महीने की सैलरी भी केरल के बाढ़-पीड़ितों की मदद के लिए दी जाएगी। कांग्रेस पार्टी के सभी एमपी और एमएलए ने भी अपनी एक-एक महीने की सैलरी केरल की मदद के लिए देने का वादा किया है।

2. उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी अब तक 10 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान किया है। इसके अलावा उन्होंने 245 कर्मचारियों को नावों के साथ बचाव कार्यों के लिए भी भेजा है।

3. तमिलनाडु के सभी आईएएस अधिकारियों ने केरल में बाढ़ राहत के लिए अपना एक दिन का वेतन दिया है। इसके अलावा, तमिलनाडु अन्य राहत सामग्री, 500 टन चावल, 300 टन दूध पाउडर और 15,000 लीटर दूध भी भेज रहा है।

4. आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे अन्य पड़ोसी राज्यों ने राहत सहायता के लिए 10-10 करोड़ रुपये दिए हैं। और संघ शासित प्रदेश पुडुचेरी ने 1 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है। गुजरात, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने 10-10 करोड़ रुपये दान किए हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड ने 5-5 करोड़ रुपये दिए हैं; तो छत्तीसगढ़ ने 3 करोड़ रुपये और मणिपुर ने 2 करोड़ रुपये दिए हैं।

5. राजस्थान ने 10 करोड़ रूपये के साथ-साथ राज्य आपदा राहत बल से 27 सदस्यीय टीम को 12 नौकाओं के साथ बचाव अभियान के लिए केरल भेजा है।

6. महाराष्ट्र ने 1.5 करोड़ रुपये के खाद्य पैकेट और और 11 टन सूखे भोजन के साथ 20 करोड़ रुपये का फंड प्रदान किया है।

7. तेलंगाना ने स्वच्छ पेयजल के लिए 2.5 करोड़ रुपये की रिवर्स ऑस्मोसिस मशीनों के साथ 25 करोड़ रुपये भी राहत कोष के लिए दिए हैं।

इन सभी राज्यों के साथ, कमल हसन, विजय, अनुपमा परमेस्वरन और सिद्धार्थ जैसे प्रसिद्ध व्यक्तित्वों ने भी योगदान दिया है। निजी तौर पर और सामूहिक तौर पर भी देश के नागरिकों ने मदद करते हुए धन और संसाधन एकत्र करने के लिए कई अभियान चलाएं हैं।

राहत प्रयासों में उचित योगदान के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग ऑन करें।

हालांकि जीवन की क्षतिपूर्ति किसी भी पैसे या दौलत से नहीं की जा सकती है। लेकिन हमें आशा है कि ये योगदान केरल और उसके लोगों को संकट से उबरने में सहायक होगा।


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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