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COVID-19 Fact Check: क्या घर में या बालकनी में भी मास्क पहनना है ज़रूरी?

COVID-19 Fact Check: क्या घर में या बालकनी में भी मास्क पहनना है ज़रूरी?

फोर्टिस अस्पताल, वसंत कुंज के पल्मनॉलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार, डॉ. भरत गोपाल से जानिये मास्क पहनने (mask at home) से जुड़े कुछ अहम सवालों के जवाब।

यह लेख, द बेटर इंडिया द्वारा ‘कोविड-19 केयर’ के बारे में वेरिफाईड जानकारियां साझा करने की एक श्रृंखला का हिस्सा है। वैसे तो सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर, कोविड19 से जुड़ी कई तरह की जानकारियां साझा की जा रही हैं। लेकिन,आपसे अनुरोध है कि जानकारी को वेरीफाई जरूर कर लें। सही तथ्यों को आप तक पहुंचाने के लिए, हम कुछ डॉक्टर और विशेषज्ञों के वीडियो और उनके माध्यम से वैज्ञानिक शोध पर आधारित जानकारियां आपसे साझा कर रहे हैं। इन दिनों, ऐसी एक धारणा चल रही है कि ऊँची इमारतों में कोविड-19 वायरस फ़ैल रहा है, जिसकी वजह से घर पर या बालकनी में भी मास्क पहने रहना (mask at home) ज़रूरी है।

व्हाट्सऐप संदेश:

आजकल व्हाट्सऐप पर एक मैसेज काफी वायरल हो रहा है। इसमें लोगों को यह बताया जा रहा है कि अब यह पता लगा लिया गया है कि कोरोना वायरस के कण हवा में मौजूद रहते हैं। इसके अलावा, इस मैसेज के माध्यम से लोगों को यह बताने की कोशिश की जा रही है कि यदि किसी घर के उपरी माले में खड़ा कोरोना से संक्रमित कोई व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो उसकी बूंदों (Droplets) के माध्यम से नीचे बालकनी में खड़े व्यक्ति को कोरोना संक्रमण हो सकता है। इसलिए, मैसेज में आगे यह हिदायत भी दी जा रही है कि अपने घर में या बालकनी में खड़े रहते वक्त भी मास्क लगाना जरूरी है (mask at home)।

ये बातें कितनी सही या ग़लत है, इसके बारे में जानने के लिए हमने दिल्ली स्थित Fortis अस्पताल, बसंत कुंज के पल्मनॉलॉजी के वरिष्ठ सलाहकार, डॉ. भरत गोपाल से बात की।

Mask at home and balcony recommended by Dr. bharat Goyal
Dr. Bharat Gopal

उन्होंने बताया, “चाहे आप एक अपार्टमेंट में रहें या किसी ऊंची इमारत में, मास्क जरूर लगाएं। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लिफ्ट, लॉबी और कॉरिडोर आदि में दूसरों से उचित दूरी बनाए रखें।” वह कहते हैं, “अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है कि किसी इमारत में, हीटिंग सिस्टम और हाई वोल्टेज एयर कंडीशनिंग (HVAC) सिस्टम, कोरोना वायरस के प्रसार का कारण बने हों। हालाँकि, ऊपर दिए गए मैसेज में जो उदाहरण हैं, वैसा होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।”

डॉ. भरत कहते हैं कि अगर आप अपनी बालकनी में भी खड़े हैं, तब भी आपको मास्क पहनना चाहिये। वह कहते हैं, “अगर आप कोरोना पॉजिटिव हैं और बालकनी में कुछ समय बिताना चाहते हैं, तो आपको मास्क जरूर पहनना चाहिये।

आपको, अपने स्वास्थ्य को लेकर किसी तरह का कोई समझौता नहीं करना चाहिये, तथा मास्क पहने रहना चाहिये। मास्क पहनना जितना जरूरी है, उससे भी ज्यादा जरूरी है कि आपने मास्क ठीक से पहना हो। आप यह ध्यान रखें कि आपके नाक और मुंह, दोनों मास्क से अच्छी तरह से ढकें हों। इसके साथ ही, आपके चेहरे और मास्क के बीच कोई फ़ासला नहीं होना चाहिए और ऐसा मास्क पहनें, जो आपको आसानी से फिट हो जाए। मास्क का उपयोग करते वक्त कोशिश करें कि आप मास्क को न छुएँ। मास्क को पहनने, उतारने या छूने के बाद, हमेशा अपने हाथों को अल्कोहल युक्त हैंड सैनिटाइजर या साबुन तथा पानी से जरूर साफ करें।

देश की कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख, डॉ. वी के पॉल ने कहा कि कोरोना के संक्रमण को एक-दूसरे में फैलने से रोकने के लिए, जरूरी है कि सभी अपने घर पर भी मास्क पहनकर रहें (mask at home)। इस रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस मुख्य रूप से सांस लेते वक्त निकलने वाली बूंदों (Droplets) के माध्यम से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यह वायरस किसी के खांसने, छींकने, बातचीत करने, चिल्लाने या गाने से भी हवा में फ़ैल जाता है। इससे ये बूंदें आसपास मौजूद लोगों में सांस लेते वक्त, मुंह या नाक के रास्ते उनके शरीर में जा सकती हैं।

ऐसा देखा जा रहा है कि बड़ी संख्या में कोरोना से संक्रमित मरीजों में, इसके लक्षण पता नहीं चलते हैं। ऐसे एसिम्टोमेटिक (Asymptomatic) मरीज, बड़ी ही तेजी से अपने घर में कोरोना का संक्रमण बढ़ा सकते हैं।

डॉ. पॉल ने जोर देते हुए कहा कि एसिम्टोमेटिक मरीज, बात करते हुए भी कोरोना का संक्रमण फैला सकते हैं। संक्रमित मरीजों को जितना संभव हो सके, सबसे अलग रहना चाहिए। भले ही लोग घर के अन्दर रह रहे हों, लेकिन इन दिशानिर्देशों का पालन न करने के कारण, कोरोना की इस दूसरी लहर में न सिर्फ मरीज, बल्कि उनके परिवार वाले भी कोरोना पॉजिटिव हो रहे हैं।

मूल लेख: विद्या राजा

संपादन- जी एन झा

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प्रीति महावर

प्रीति महावर को संपादन, रिपोर्टिंग, साक्षात्कार, रचनात्मक लेखन और फोटोग्राफी में लगभग 5+ वर्षों का अनुभव है। प्रीति ने स्नातकोत्तर की उपाधि ‘जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन’ विषय में प्राप्त की है। इन्हें मीडिया के तीनो स्तम्भ प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा न्यू मीडिया का अनुभव है और इन्होंने सी.एन.बी.सी. आवाज़, दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख मीडिया हाउसेस के साथ कार्य किया है।
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