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72वें स्वतंत्रता दिवस पर ब्रिटिश पुलिस ने भारत को लौटाई चुराई हुई 12वीं शताब्दी की बुद्ध प्रतिमा!

स स्वतंत्रता दिवस पर ब्रिटिश पुलिस ने भारत को 57 साल पहले बिहार के नालंदा म्यूजियम से चोरी हुई 12वीं शताब्दी की एक बुद्ध प्रतिमा सम्मान सहित लौटाई है।

दरअसल, यह कांसे से बनी मूर्ति भारत के नालंदा में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संग्रहालय से 1961 में चोरी की गई 14 मूर्तियों में से एक है। बुधवार को भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर लंदन में भारतीय उच्चायोग में मूर्ति को सौंपा गया।

मार्च, 2018 में एक ट्रेड फेयर में इस मूर्ति की पहचान की गयी थी। एसोसिएशन फॉर रिसर्च इन क्राइम्स अगेन्स्ट आर्ट (एआरसीए) से लिंडा अल्बर्टसन और इंडिया प्राइड प्रोजेक्ट से विजय कुमार ने पुलिस को इस बारे में सूचित किया।

लंदन ऑक्शन में पहुंचने से पहले यह मूर्ति कई हाथों से गुजरी है। लेकिन इस नीलामी के बाद इस मूर्ति के डीलर और मालिक को पता चला कि यह भारत से चुराई गयी मूर्ति है। यह जानने के बाद उन्होंने ब्रिटिश पुलिस का पूरा सहयोग किया और वे भारत को मूर्ति लौटने के लिए राजी भी हो गए।

लंदन के मेट्रोपॉलिटन पुलिस आर्ट एंड एंटीक्स यूनिट के डिटेक्टीव कॉन्स्टेबल सोफी हेस ने कहा, “यह मामला कानून, व्यापार और स्कॉलर्स के बीच सहयोग का एक वास्तविक उदाहरण रहा है।”

लंदन के इंडिया हाउस में स्वतंत्रता दिवस के लिए एक समारोह में स्कॉटलैंड यार्ड ने ब्रिटेन के भारतीय उच्चायुक्त वाई. के सिन्हा को यह मूर्ति वापस कर दी।

सिन्हा ने भी ब्रिटिश पुलिस के इस व्यवहार और फैसले की सराहना की। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है अब यह मूर्ति वहीं जाएगी जहां से यह है। हमारे स्वतंत्रता दिवस पर, यह वाकया (मूर्ति की वापसी) हमारे दोनों देशों के बीच बहुमुखी सहयोग का उदाहरण है।”

इसके साथ ही हम उन लोगों की भी सराहना करते हैं जिन्होंने इतने साल बाद भी इस अनमोल मूर्ति की पहचान कर पुलिस को जानकारी दी।


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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