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‘डॉक्टर ऑफ़ ह्यूमन लेटर्स’ डिग्री से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय हैं साइरस पूनावाला!

हाल ही में, शरद पवार ने सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया के फाउंडर साइरस पूनावाला को सम्मानित किया। उन्हें सम्मानित करने का कारण था उनकी उपलब्धि।

दरअसल, पूनावाला को इस साल की शुरुआत में टीकाकरण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ़ मैसाचुसेट्स द्वारा ‘डॉक्टर ऑफ़ ह्यूमन लेटर्स’ डिग्री प्रदान की गयी थी। यूनिवर्सिटी के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुए पूनावाला ने कहा,

“मैं इस तरह का प्रतिष्ठित सम्मान पाकर बहुत कृतज्ञ हूँ। जबसे हमने सीरम इंस्टिट्यूट शुरू किया है, तबसे हमारा मुख्य उद्देश्य है लोगों को कम से कम लागत पर अच्छी वैक्सीन उपलब्ध कराना। हम भारत और बाकी दुनिया में भी हर बच्चे को टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए अपने प्रयास जारी रखेंगे।”

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सीरम इंस्टीट्यूट भारत में टीकों सहित इम्यूनोबायोलॉजिकल दवाओं का निर्माता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा टीका उत्पादक है। अभी यह कंपनी एक इंट्रा-नेसल स्वाइन फ्लू टीका विकसित कर रही है। मैसाचुसेट्स मेडिकल स्कूल के साथ मिलकर सीरम इंस्टिट्यूट ने रेबीज के लिए रैबीज ह्यूमन मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (आरएमएबी) विकसित की है।

पूनावाला को नोबल अवार्ड के लिए भी नामांकित किया गया है। इस मौके पर शरद पवार ने पूनावाला के काम व उनकी मेहनत को सराहा और उम्मीद जताई कि उन्हें सभी तरह के सम्मानों से नवाज़ा जायेगा।


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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