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केरल: मिलिए पहली महिला पुलिस बटालियन बैच की बेस्ट कैडेट से!

हाल ही में, 31 जुलाई को पास हुई केरल की पहली अखिल महिला बटालियन बैच में से पानांगद निवासी केटी अजिता को बेस्ट कैडेट का ख़िताब मिला।

578 अन्य कैडेटों में से अजिता को मुख्यमंत्री की सर्वश्रेष्ठ कैडेट ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। उन्हें पिछले हफ्ते राज्य सीएम पिनाराय विजयन ने सम्मानित किया। इसके अलावा अजिता 44 सदस्यीय महिला कमांडो बल का भी हिस्सा हैं, जो कि राज्य में ऐसी पहली टीम है।

अजिता अपने माता-पिता, परमेस्वरन और राजम्मा की इकलौती बेटी हैं। बहुत छोटी उम्र में ही अजिता ने अपने माता-पिता को खो दिया था। जिसके बाद अजिता को उनके चाचा, महीन्द्रन ने पाला, जो मदवाना में एक मजदूर हैं।

महीन्द्रन ने हमेशा कोशिश की, कि अजिता को अपने माता-पिता की कमी महसूस न हो। अजिता भी बचपन से ही सभी समस्यायों का सामना पुरे दृढ़ निश्चय के साथ करती आयी हैं।

अजिता जिस टीम का हिस्सा थीं उसे नौ महीने का कठोर प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण में साइबर अपराधों पर विशेष प्रशिक्षण और इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के तरीके के साथ-साथ स्वीमिंग आदि भी शामिल थे।

स्त्रोत

इस ट्रेनिंग को सहायक निदेशक पीएस गोपी, एसपी रेजी जैकब और पुलिस विज्ञान सहायक निदेशक केके अजी ने डीआईजी अनुूप कुरुविला जॉन की देखरेख में और एडीजीपी (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक) डॉ बी सैंडी के निर्देशों के साथ प्रभावी ढंग से आयोजित करवाया था।

इस ऑल-महिला कमांडो फोर्स को आधुनिक हथियार में एके- 47 और नाइट फायरिंग में प्रशिक्षित किया गया है। उन्हें इस तरीके से तैयार किया गया है कि अब वे 45 सेकंड में बंदूक तैयार कर सकती हैं और वह भी आँखों पर पट्टी बांध कर। इसके अलावा इस टीम ने एक व्यक्ति को ईमारत में घुसकर अपहरणकर्ताओं से भी बचाया था।

इन सभी कैडेट को कलारिपयट्टू, कराटे, फायरिंग, हथियारों, तैराकी, योग, ड्राइविंग, कंप्यूटर, जंगल ऑपरेशन और महिलाओं, बच्चों और ट्रांसजेंडर समुदाय के मुद्दों को संभालने का भी प्रशिक्षण दिया गया है।


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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