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पाँच साल बाद रिंग में उतरी, दो बच्चो की माँ ‘चेतना सैनी’ बनी हरियाणा की बॉक्सिंग चैंपियन!

चेतना पति व बच्चों के साथ/नवभारत टाइम्स

रियाणा की 23 वर्षीय चेतना सैनी को अगर दूसरी मैरी कॉम कहा जाये तो गलत नहीं होगा। क्योंकि मैरी कॉम की ही तरह चेतना न केवल बॉक्सर हैं बल्कि दो बच्चों की माँ भी हैं।

हरियाणा के गांव फर्रुखनगर में जन्मी चेतना की शादी कम उम्र में ही कर दी गई थी। उस समय वे नेशनल लेवल पर बॉक्सिंग कर रहीं थीं। लेकिन चेतना ने शादी के बाद न तो पढ़ाई छोड़ी और न ही बॉक्सिंग। अपने घर-परिवार और दोनों बच्चों की जिम्मेदारी निभाते हुए, चेतना पुरे पांच साल बाद बॉक्सिंग रिंग में उतरी।

उन्होंने ज़िला स्तर चैंपियनशिप में गोल्ड जीत कर साबित कर दिया कि यदि आपके पास दृढ़ निश्चय हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं। अब चेतना नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहीं हैं।

चेतना अपनी शादी से पहले तीन बार नेशनल टूर्नामेंट में खेल चुकी हैं। चेतना बताती हैं कि वे दो बहनें हैं। दोनों की शादी एक साथ ही हुई थी। उस समय उन्होंने 12वीं ही पास की थी। उनके गांव से कॉलेज काफी दूर था, ऐसे में आगे की पढ़ाई जारी रखना मुश्किल हो रहा था।

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सिलोखरा गांव में उनकी शादी एक जॉइंट फैमिली में हुई। लेकिन अपने ससुराल वालों के समर्थन से उन्होंने अपनी बी.कॉम की पढ़ाई गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज गुड़गांव से की। अभी उन्होंने एम.कॉम में भी दाखिला लिया है। 54 किलो वेट कैटिगरी में उन्होंने गोल्ड हासिल किया है।

चेतना ने बताया कि वे विजय गौड और धर्मवीर से प्रशिक्षण ले रही हैं। दो महीने बाद नेशनल ओपन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए ट्रायल होने हैं। इसके लिए भी उन्होंने अभ्यास शुरू कर दिया है। उनका परिवार चाहता है कि चेतना देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें।

हम चेतना की हिम्मत व हौंसले की सराहना करते हैं और उम्मीद करते हैं कि बहुत सी लड़कियां उनसे प्रेरणा लेकर अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश करेंगीं।

( संपादन – मानबी कटोच )


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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