Search Icon
Nav Arrow

Grow Indoor Plants: पहली बार लगा रहे हैं पौधें तो इन 3 इंडोर प्लांट्स से करें शुरुआत

Indoor Plants को आप घर के अंदर या छांव में रख सकते हैं और इन्हें ज्यादा देखभाल की जरूरत भी नहीं होती है।

Advertisement

हम सब जानते हैं कि हमारा जीवन कई तरह से पेड़-पौधों पर आधारित है। इसलिए, हम सभी को कोशिश करनी चाहिए कि हमारे आस-पास पेड़-पौधे हों। यदि जगह का अभाव हो तो अपनी बालकनी या फिर छत पर गमले में ही सही लेकिन पेड़-पौधे लगाएं। हालांकि, अधिकांश लोग चाहते हैं कि उनके घर में पेड़-पौधे हों लेकिन उनके पास इतनी जगह नहीं होती। खासकर कि बड़े शहरों में जहाँ जिंदगी फ्लैट्स में सिमट जाती है। ऐसे में, आप अपने घर में इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants) लगा सकते हैं। 

इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants), ऐसे पेड़-पौधे होते हैं, जिन्हें आप घर के अंदर छांव में लगा सकते हैं। इनसे घर में हरियाली तो बढ़ती ही है, साथ ही, कुछ पौधे हवा को भी शुद्ध करते हैं। बढ़ते वायु प्रदुषण को देखते हुए भी लोग अपने घरों और दफ्तरों में इंडोर पौधे लगा रहे हैं। बेंगलुरु में रहने वाली स्वाति द्विवेदी ने भी अपने घर में कई तरह के इंडोर पौधे लगाये हुए हैं। वह कहतीं हैं, “अगर कोई बागवानी की शुरुआत कर रहा है तो उन्हें भी सबसे पहले इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants) लगाने की सलाह दी जाती है। क्योंकि इन्हें लगाना और इनकी देखभाल करना बहुत ही आसान है।” 

मनी प्लांट के बारे में तो लगभग हम सबको पता है। इसके अलावा, आप अपने घर के अंदर एरिका पाम, सिंगोनियम, स्पाइडर प्लांट, जीजी प्लांट, फिलॉडेंड्रॉन, पोथोस, गरबेरा डेज़ी, स्नेक प्लांट, पीस लिली, बोस्टन फ़र्न, और जेड प्लांट जैसे इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants) भी लगा सकते हैं। एक खास बता यह है कि बहुत से इंडोर प्लांट्स को आप मिट्टी और पानी, दोनों में लगा सकते हैं। 

How to grow Indoor plants
Swati in her Garden

स्वाति कहतीं हैं, “इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants) लगाते समय थोड़ा ध्यान इस बात पर दें कि वे नॉन-टॉक्सिक (जहरीले नहीं हों) हों। कई ऐसे भी इंडोर प्लांट्स होते हैं जो छोटे बच्चों और जानवरों के लिए सही नहीं होते हैं। इसलिए अगर आपके घर में छोटे बच्चे या जानवर हैं तो आप अच्छे से देखकर इंडोर प्लांट्स उगाएं। इसके अलावा, कोशिश करें कि जो पौधे आप लगा रहे हैं वे हवा को शुद्ध करने वाले हों। शुरू में, ऐसे पौधों को लगाएं जिन्हें कम देखभाल की जरूरत हो। धीरे-धीरे जब ये पौधे आपके यहाँ अच्छे से विकसित होने लगे और आपकी दिनचर्या में भी पौधों की देखभाल शामिल हो जाए, फिर आप और अलग-अलग तरह के पौधे लगा सकते हैं।”

आज द बेटर इंडिया के साथ स्वाति बता रहीं हैं कि आप कौन-से तीन इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants) के साथ शुरुआत कर सकते हैं। जिन्हें उगाना और उनकी देखभाल करना बहुत ही आसान है। ये तीनों ही पौधे हवा को शुद्ध करने वाले हैं और आपके घर के लिए सुरक्षित हैं। 

1. एरिका पाम (Areca Palm): 

अगर आपके आस-पास कहीं भी आपको कोई बड़ा एरिका पाम का पौधा नहीं मिल रहा है तो आप नर्सरी से यह पौधा लेकर अपने घर में लगा सकते हैं। लेकिन अगर आपके दफ्तर या किसी और जगह यह पौधा है, जहाँ से आप कटिंग ले सकते हैं तो आप खुद भी यह पौधा उगा सकते हैं।  

Areca Palm
Areca Palm (Rep Image)

  • सबसे पहले किसी बड़े और विकसित एरिका पाम पौधे में से एक कटिंग ले लें। इसके लिए आप पौधे की शाखाओं में से किसी एक शाखा को चाकू की मदद से निकाल लें। इस पौधे की अलग-अलग शाखाएं नीचे की तरफ से ही बढ़ती हैं। इसलिए कोशिश करें कि आप जो शाखा कटिंग के लिए ले रहे हैं, उसमें एक-दो जड़ें हों। 
  • कटिंग को लगाने के लिए आप छोटा या मध्यम आकार का गमला ले सकते हैं, जिसके तले में छेद हो। 
  • पॉटिंग मिक्स के लिए बराबर मात्रा में मिट्टी, कोकोपीट, और खाद मिलाएं। पॉटिंग मिक्स ऐसा हो जिसमें पानी ठहरे नहीं और मिट्टी में अधिक समय के लिए नमी बनी रहे। 

potting mix
Take Soil, Compost and Cocopeat to make potting mix

  • अब कटिंग को आप इस गमले में पॉटिंग मिक्स भरकर लगा दें। 
  • अब पौधे को ऊपर से थोड़ा पानी दें। 
  • इस पौधे को आप अपने घर की किसी खिड़की के पास या फिर ऐसी जगह रखें, जहाँ रौशनी अच्छी आती हो। 
  • नियमित रूप से जरूरत के हिसाब से पानी देते रहें। 
  • बीच-बीच में आप खाद जैसे वर्मीकंपोस्ट मिला सकते हैं। वर्मीकंपोस्ट में सभी जरुरी पोषक तत्व होते हैं जो इसे बढ़ने में मदद करते हैं। 
  • लगभग दो-तीन हफ्तों में ही आपका पौधा बढ़ने लगता है। 
  • जब यह अच्छे से विकसित होने लगे तो आप इसी में से और कटिंग लेकर, नए पौधे लगा सकते हैं। 

स्वाति आगे कहतीं हैं कि कई बार एरिका पाम की पत्तियां सूखने लगतीं हैं, इसके कई कारण हो सकते हैं। पहला कि उसे पानी की जरूरत है तो आप पानी नियमित रूप से दें। दूसरा कारण है, खाद की अधिकता होना। इसलिए अगर आप खाद बहुत ज्यादा दे रहे हैं तो इसे कम करके पानी देने की मात्रा बढ़ाएं। बीच-बीच में, पौधे की जड़ों को भी देखते रहें। अगर पौधा नीचे से खराब हो रहा है तो इसका मुख्य कारण होता है पानी की अधिकता। इसलिए अपने पानी देने के तरीकों पर विचार करें। 

इसके अलावा, कई बार कीट लगने के कारण भी पत्तियां सूखने लगतीं हैं। ऐसे में, आप एक चम्मच बेकिंग सोडा, एक चम्मच नीम तेल, जरा-सा बर्तन धोने वाला लिक्विड साबुन लें और इन्हें एक लीटर पानी में मिलाकर घोल बनाएं। इस घोल को बीच-बीच में पौधों पर छिड़कते रहें। इससे सभी तरह के कीट पौधे से दूर हो जायेंगे। 

स्वाति कहतीं हैं, “एरिका पालम को हर 20-25 दिन में आप थोड़ी देर के लिए बाहर धूप में रख सकते हैं। साथ ही, हर दो-तीन साल में आपको इस पौधे को ‘रिपोट’ मतलब कि गमले से निकालकर, फिर से पॉटिंग मिक्स तैयार करके गमले में लगाना होता है। यह दिखने में खूबसूरत होने के साथ-साथ हवा से बेंजीन, फॉर्मलडीहाइड और कार्बन मोनो ऑक्साइड जैसे हानिकारक तत्वों को हटाते हैं।” 

आप एक वीडियो यहाँ देख सकते हैं!

2. स्पाइडर प्लांट (Spider Plant):

Spider Plant
Spider Plant

Advertisement

इसे रिबन प्लांट/एयरप्लेन प्लांट/स्पाइडर आइवी भी कहते हैं। इन्हें यह नाम, इस पौधे से लटकते हुए तनों के कारण मिला है। जब यह पौधा अच्छे से विकसित हो जाता है तो इसकी पत्तियां गमले से बाहर फैलने लगतीं हैं और साथ ही, कुछ तने भी, जिनमें और छोटे-छोटे पौधे आने लगते हैं। आप इन्हीं तनों से इन्हें काटकर नए पौधे लगा सकते हैं। 

  • आप कोई छोटा/मध्यम आकार का गमला ले लें। 
  • इसमें 50% बगीचे की मिट्टी, 25% खाद और 25% कोकोपीट मिलाएं। 
  • गमले के तले में छेद होना चाहिए, जिस पर आप कोई कंकड़ या दिया रख दें और इसमें पॉटिंग मिक्स भरें। 
  • अब इसमें पौधे से ली हुई कटिंग लगा दें। 

Indoor Plants
Take one cutting from hanging stems and plant it in pot

  • कटिंग लगाने के बाद, पौधे में थोड़ा पानी दें और इसे ऐसी जगह रखें, जहाँ रौशनी अच्छी हो लेकिन सीधा धूप न पड़े। 
  • इस पौधे में हर रोज पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती है। आप जब भी पानी दें, उससे पहले आप गमले में मिट्टी को ऊँगली से चेक करें। अगर मिट्टी में नमी है तो आप पानी न दें और अगर मिट्टी सूखी लगे, तभी आप पानी दें। 
  • बीच-बीच में आप खाद गमले में डाल सकते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा खाद भी न डालें। 
  • लगभग दो-तीन हफ्तों में आपका पौधा अच्छे से बढ़ने लगेगा। 

स्वाति कहतीं हैं कि पहले लोग इसे घरों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए लगाते थे। लेकिन अब यह खासतौर पर हवा शुद्ध करने के लिए लगाया जाता है। 

आप एक वीडियो यहाँ देख सकते हैं!

3. फिलॉडेंड्रॉन (Philodendron):

Philodendron
Philodendron

इस पौधे की कई किस्में होती हैं जैसे एक किस्म में पत्तों का रंग हल्का हरा होता है तो दूसरी किस्म में गहरे हरे रंग के पत्ते होते हैं। आपको जिस भी किस्म का पौधा मिल जाए, आप उससे कटिंग लेकर अपने घर में लगा लें। क्योंकि यह हवा को शुद्ध करने के लिए बहुत ही अच्छा पौधा है। इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत भी नहीं होती है। साथ ही, जब यह बढ़ने लगता है तो दिखने में काफी सुंदर लगता है। 

  • फिलॉडेंड्रॉन की कटिंग के लिए आप मुख्य पौधे के नीचे की तरफ से शाखा को काटना चाहिए। 
  • इसके लिए आप गमले में मिट्टी, खाद और कोकोपीट बराबर मात्रा में मिला सकते हैं।
  • अब कटिंग में से नीचे की तरफ के सभी पत्ते आप हटा दें और सिर्फ ऊपर के पत्ते रहने दें। 
  • अब इस कटिंग को गमले में लगा दें और ऊपर से पौधे में पानी दें। 
  • इसे छांव में रखें और नियमित तौर पर जरूरत के हिसाब से पानी देते रहें। 

Indoor Plants
Take a cutting and grow it in planter

  • इस पौधे को कभी भी सीधा धूप में नहीं रखें लेकिन इसे रौशनी की जरूरत होती है। इसलिए आप इसे खिड़की के पास रख सकते हैं। 
  • बीच-बीच में खाद भी देते रहें। 
  • जब यह पौधा बढ़ने लगता है तो इसे सहारे की जरूरत होती है। इसलिए आप गमले में इसके पास कोई लकड़ी लगा सकते हैं, जिसके सहारे यह बढ़ता है। 

आप यहाँ वीडियो देख सकते है!

स्वाति कहतीं हैं कि इंडोर प्लांट्स (Indoor Plants) को लगाने से आपके घर का वातावरण खिला-खिला रहता है। साथ ही, इन पौधों पर ज्यादा मेहनत नहीं होती है। इसलिए अगर आप बागवानी शुरू करना चाहते हैं तो इन पौधों से शुरुआत करें। अगर आप पहले से ही बागवानी कर रहे हैं लेकिन कभी इंडोर प्लांट्स नहीं उगाएं हैं तो भी आप इन्हें लगा सकते हैं। क्योंकि आपके घर की खूबसूरती बढ़ाने के साथ-साथ ये आपको शुद्ध हवा देते हैं। 

स्वाति द्विवेदी से संपर्क करने के लिए आप उनके फेसबुक पेज पर मैसेज कर सकते हैं।

हैपी गार्डेनिंग!

संपादन- जी एन झा 

यह भी पढ़ें: घर में ही कैसे करें प्लास्टिक की बोतलों का इस्तेमाल: 10 #DIY आईडिया!

यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें।

Advertisement
close-icon
_tbi-social-media__share-icon