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Amla Business: 2000 रुपये से भी कम लागत में शुरू करें आंवला पाउडर और अचार का बिजनेस

घर से आंवला का बिजनेस शुरू करते समय रखें इन बातों का ध्यान।

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हमारे देश में शायद ही ऐसा कोई घर होगा, जहाँ किसी न किसी रूप में लोग आंवले का इस्तेमाल न कर रहे हों। हम सब जानते हैं कि आंवला बहुगुणी फल है। इसमें मौजूद विटामिन और अन्य पोषक तत्व, इसे न सिर्फ त्वचा व बालों के लिए उपयोगी बनाते हैं बल्कि कई तरह की औषधियां बनाने में भी इसका प्रयोग किया जाता है। पाउडर, जूस, अचार, कैंडी और मुरब्बा आदि के रूप में, आंवला लोगों की जिंदगी में शामिल है। लोगों में स्वस्थ और पोषण से भरपूर खाने-पीने के प्रति बढ़ती जागरूकता से, आंवला के व्यंजनों की मांग और अधिक बढ़ गई है। 

ऐसे में, आप घर से ही आंवले के व्यंजन बनाकर बाजार पहुँचाने का काम कर सकते हैं। वैसे यह भी सच है कि बिजनेस की बात आते ही लोग अक्सर हिसाब में लग जाते हैं। क्योंकि, सबको लगता है कि इसके लिए लाखों रुपयों की जरूरत होती है। लेकिन यह सच नहीं है। आपका निवेश कितना होगा, निर्भर करता है कि आप किस स्तर से बिजनेस शुरू करना चाहते हैं। अगर आप छोटे स्तर से शुरुआत करना चाहते हैं तो आप अपना बजट बनाकर, 1500 से 2000 रुपये की लागत से भी बिजनेस शुरू कर सकते हैं। जैसा कि गाजियाबाद में रहने वाली 60 वर्षीया संगीता जैन और उनके बच्चों ने किया है। 

अमन जैन और उनकी बहन सिल्की ने हमेशा यह देखा कि कैसे उनकी माँ संगीता जैन द्वारा बनाये गए व्यंजन, लोगों का मन मोह लेते हैं। संगीता जैन सामान्य भोजन बनाने से लेकर तरह-तरह के मसाले, पाउडर, अचार, मठरी, लड्डू, चटनी आदि बनाने में भी माहिर हैं। लेकिन, परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें कभी अपनी इस कला को परिवार से बाहर पहुँचाने का समय नहीं मिला। अमन और सिल्की भी हमेशा सोचते थे कि वे अपनी माँ के हुनर को कैसे पहचान दिलाएं? लेकिन, जीवन की भागदौड़ में उन्हें यह मौका नहीं मिल पा रहा था। 

Amla Pickle
Amla Pickle Made by Sangeeta Jain

अमन बताते हैं कि लॉकडाउन से पहले तक वह बतौर एचआर हैदराबाद में काम कर रहे थे। लेकिन लॉकडाउन के दौरान वह फ्रीलांसर के तौर पर एचआर का काम करने लगे। तब वह अपने घर वापस लौट आये थे। ऐसे में, अमन और सिल्की ने मुश्किल को मौका बनाने की ठानी और वर्षों पुराने सपने को पूरा करने का फैसला किया। उन्होंने अपनी माँ से बात की और तय किया कि वे उनके बनाये अचार को लोगों तक पहुंचाएंगे। इस एक सोच से शुरू हुई, उनके बिजनेस की कहानी। 

उनके स्टार्टअप का नाम, ‘पापी पेट’ है। इस स्टार्टअप को उन्होंने मात्र एक तरह के अचार से शुरू किया था, लेकिन आज वह 21 तरह के अलग-अलग व्यंजन बना रहे हैं। तरह-तरह के अचारों के अलावा, वह मठरी और लड्डू जैसे स्नैक्स आदि भी ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं। अमन कहते हैं, “शुरुआत में हमारा निवेश 2000 रुपये से भी कम था। सिर्फ एक अचार से हमने अपना स्टार्टअप लॉन्च किया था और फिर जैसे-जैसे ऑर्डर बढ़े, हमने अपना मेन्यू बढ़ाया। अब हमें इतने ऑर्डर मिल जाते हैं कि हम महीने के लगभग 50 हजार रुपये तक कमा लेते हैं। लेकिन जिस तरह से हमारे ऑर्डर बढ़ रहे हैं, हमें भरोसा है कि एक दिन पूरे भारत में हम अपने व्यंजनों को पहुंचाएंगे।”

‘पापी पेट’ के सभी व्यंजन देखने और खरीदने के लिए आप उनकी वेबसाइट, फेसबुक या इंस्टाग्राम पेज भी देख सकते हैं। 

अमन बताते हैं कि उनके आंवला पाउडर और अचार की मांग भी बढ़ रही है। सबसे अच्छी बात यह है कि आंवले से काफी कम लागत में कई तरह की चीजें बनाई जा सकतीं हैं। इसलिए अगर कोई गृहिणी, युवा या कोई आंवला किसान, इससे जुड़ा बिजनेस करना चाहता है तो जरूर करें। 

1. आंवले से जुड़ा बिजनेस करने से पहले, रखें इन बातों का ध्यान:

इस बारे में अमन कहते हैं कि न सिर्फ आंवले का बल्कि कोई भी बिजनेस शुरू करने से पहले आप यह तय करें कि आप क्या बनाएंगे? आपका पहला व्यंजन क्या होना चाहिए? इसके लिए जरुरी है कि आप एक बार में, एक ही व्यंजन पर काम करें। सबसे पहले अपने व्यंजन की विधि तैयार करें। इसमें इस्तेमाल होने वाली हर एक सामग्री को नापतोल कर तैयार करना चाहिए। इससे आप जितनी भी बार वह चीज बनाएंगे, उसका स्वाद कभी अलग नहीं होगा।

ग्राहक को पहली बार में जो स्वाद मिला है, वही स्वाद उसे हर बार मिलना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो ग्राहकों का विश्वास हासिल करना कठिन हो जाता है। इसलिए, सबसे पहले एक-एक करके रेसिपी तैयार कर लें। 

2. क्याक्या बना सकते हैं आंवला से:

संगीता जैन कहतीं हैं कि आंवले का पाउडर और अचार के अलावा, आप इसकी चटनी, कैंडी और मुरब्बा भी बना सकते हैं। अगर आप एक बार व्यंजन की विधि तैयार कर लेते हैं तो इन्हें बनाना काफी आसान हो जाता है। सबसे ज्यादा आसान है आंवला का पाउडर बनाना। इसके लिए आप जरूरत के हिसाब से आंवला खरीदें और इन्हें अच्छे से धो लें। इन्हें धोने के बाद, छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। अब कोई साफ कपड़ा लें, जिस पर आप आंवले के टुकड़ों को, अपनी छत या आँगन में धूप में सूखा सकते हैं। 

Amla Powder
Amla Powder Made by Sangeeta Jain

तीन-चार दिनों में जब आंवला अच्छे से सूख जाए तो आप इन्हें किसी ग्राइंडर में अच्छे से पीस लें। आपका आंवला पाउडर तैयार है। जिसे लोग सब्जियों में अमचूर की जगह तथा पानी में गुड़ के साथ मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आंवले का पाउडर बालों के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए, अगर आप सिर्फ आंवले का पाउडर भी बना सकते हैं, तो इसी से अपने बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। 

3. कच्चे-माल पर दें ध्यान:

अमन कहते हैं कि व्यंजन की लागत इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप इस्तेमाल होने वाली सभी सामग्रियां कहाँ से खरीद रहे हैं। शुरुआत में, अगर आप ज्यादा मात्रा में पाउडर या अचार नहीं बनाना चाह रहे हैं तो आप अपने आसपास की दुकानों से ही आंवला, मसाले और अन्य जरूरी चीजें खरीद सकते हैं। लेकिन जब आर्डर बढ़ने लगे तो आप किसी मंडी या किसी किसान से ही ज्यादा मात्रा में आंवला और मसाले खरीदें। इससे लागत में भी काफी कमी आयेगी। शुरुआत में आप अपने घर पर उपलब्ध चीजों को ही इस्तेमाल में लें जैसे- ग्राइंडर, बड़े पतीले और थालियां आदि। 

अचार या पाउडर को रखने के लिए आप कांच या मिट्टी की बरनी का इस्तेमाल करें या फिर आप प्लास्टिक के डिब्बे भी इस्तेमाल में ले सकते हैं। स्टील या एल्युमिनियम के बर्तनों में अचार को न तो रखें और न ही पैक करें। पैकेजिंग के लिए भी आप ऐसी जगह तलाशें, जहां से आपको ज्यादा मात्रा में सामान मिल जाये। इसके लिए आप इंडिया मार्ट पर ऑनलाइन सामान भी खरीद सकते हैं। 

4. सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग और मूल्य:

पंजीकरण या प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया को बिजनेस की शुरुआत में ही पूरा करें। आंवला, खाद्य व्यवसाय के अंतर्गत आता है। इसलिए अपने बिजनेस का एक अच्छा सा ब्रांड नाम तय करके, FSSAI सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर दें।

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आप अपने घर बैठे ही सभी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसी तरह, अपने बिजनेस का GST नंबर लेने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन कर दें। 

पैकेजिंग के बारे में अमन बताते हैं कि यह आकर्षक होनी चाहिए ताकि ग्राहकों को इसे देखकर सामान खरीदने की इच्छा हो। ग्राहकों तक आपके व्यंजन का स्वाद बाद में पहुँचता है, पहले वह सिर्फ डिब्बे की पैकेजिंग देखते हैं। वे अगर पहली झलक में ही आपके सामान को, रुककर नहीं देख रहे हैं तो क्या फायदा! इसलिए, अपने अचार के स्वाद के साथ-साथ पैकजिंग पर भी गौर करें। 

मूल्य तय करते समय आपको, कच्चे माल और पैकजिंग के साथ, अपनी मेहनत, जगह और बिजली बिल भी जोड़ना चाहिए। फिर, इसमें अपना मार्जिन जोड़ कर एक मूल्य तय करें। शुरुआत में, अपना मार्जिन बहुत ज्यादा न रखें। अगर आपने खुद को ग्राहकों के बीच स्थापित कर लिया तो फिर, आप अपना मार्जिन थोड़ा बढ़ा भी सकते हैं। 

5. मार्केटिंग के तरीके:

Amla Business from Home

अमन कहते हैं कि बिजनेस किसी अकेले के सबकुछ करने से आगे नहीं बढ़ता है बल्कि पूरे परिवार को इसमें योगदान देना चाहिए। आपके घर में अगर किसी के पास ऐसा कोई हुनर है जो बिजनेस में काम आ सकता है तो उनकी मदद जरूर लें। वह कहते हैं, “सिल्की के पति, निशिथ आईटी सेक्टर से जुड़े हैं तो उन्होंने वेबसाइट बनाने में मदद की। फिर हमने अपने ग्राहकों को, वेबसाईट के जरिये ऑर्डर करने को कहा।” साथ ही, उन लोगों ने हमारी वेबसाइट की लिंक अपने जानकारों से साझा की। 

अगर कोई शुरू में वेबसाइट भी नहीं बना सकता है तो सोशल मीडिया, मार्केटिंग के लिए एक अच्छा साधन है। आप फेसबुक पर अपना पेज बनाएं। अपने व्यंजनों की तस्वीरें पोस्ट करें। साथ ही, अपने इलाके से संबंधित फेसबुक ग्रुप्स से जुड़ें। वे बताते हैं, “जैसे हम दिल्ली एनसीआर में रहते हैं तो यहाँ के खाने से जुड़े फेसबुक ग्रुप्स, उद्यमियों के फेसबुक ग्रुप्स, ब्लॉगर्स के ग्रुप्स आदि को ज्वाइन करें और अपने व्यंजनों को साझा करें। साथ ही, छोटे उद्यमों के लिए कई व्हाट्सअप ग्रुप भी होते हैं। आप वहां भी अपनी मार्केटिंग कर सकते हैं। “

इंस्टाग्राम को भी बिजनेस के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए अगर आप मार्केटिंग पर बहुत ज्यादा खर्च नहीं कर सकते हैं तो अपनी सोशल मीडिया स्किल (कुशलता) पर काम करें। इसे समझें और अपने बिजनेस के लिए इस्तेमाल करें। 

इसके अलावा, त्यौहारों के हिसाब से अपने व्यंजनों पर काम करें। अपने गिफ्ट हैंपर या कॉम्बो पैक निकालें। आपको मौसम का भी ध्यान रखना चाहिए। जैसे अब गर्मियों में आंवला पाउडर की मांग काफी ज्यादा होती है। क्योंकि लोग इसका ज्यादातर उपयोग नींबू पानी में भी करते हैं। तो इन्हीं छोटी-बड़ी बातों को ध्यान में रख कर, अपने व्यंजनों का बाजारीकरण करें। 

6. ऑर्डर के हिसाब से बढ़ें आगे

शुरुआत में कम मात्रा में आंवला पाउडर या अचार बनाएं। जैसे-जैसे आपके ऑर्डर बढ़ते हैं, उस हिसाब से आप ताजा व्यंजन बनाकर ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश करें। आंवला के व्यंजनों को अगर सही तरीके से रखा जाए तो ये छह से आठ महीने तक खाए जा सकते हैं। इसलिए, उतनी ही मात्रा में चीजें बनाए कि सही समय पर इनकी खपत हो जाए। 

अपने ग्राहकों की जरूरत का भी ध्यान रखें। अगर आपका कोई ग्राहक चाहता है कि आप पाउडर या अचार में थोड़ा बदलाव करके बनाए तो उनकी मांग पूरी करने की कोशिश करें। इससे आपके ग्राहकों का आप पर विश्वास बढ़ेगा। साथ ही, ग्राहकों से प्रतिक्रिया लेकर आप अपने मेन्यू को बढ़ा सकते हैं। उनसे पूछते रहें कि वह और क्या खरीदना पसंद करेंगे। फिर, आप आंवले की कैंडी या मुरब्बा बेचने की शुरुआत भी कर सकते हैं। 

7. कुछ अन्य टिप्स

  • आपके व्यंजनों का स्वाद हमेशा एक जैसा ही होना चाहिये। 
  • इस्तेमाल की जा रही सामग्रियों की गुणवत्ता से समझौता न करें। 
  • ग्राहकों से उनकी राय पूछते रहें, इससे आपको पता चलता रहेगा कि ग्राहकों को क्या पसंद आ रहा है और क्या नहीं। 
  • शुरुआत में एक व्यंजन पर ही काम करें और अपने ब्रांड का नाम आगे बढ़ाएं। 
  • परिवार की भागीदारी भी है जरूरी। 

अमन कहते हैं कि उनके परिवार का हर एक सदस्य अपनी योग्यता के हिसाब से योगदान दे रहा है। जैसे- उनकी माँ, संगीता जैन सभी चीजें बनाने का काम संभालती है। पिता, नवीन जैन पूरी प्रक्रिया में मदद करते हैं। कच्चे माल के लिए जगहों को तलाशने का काम अमन ने किया तो बिजनेस से जुड़े प्रमाण पत्र लेने का काम उनकी पत्नी अदिति ने किया है। मार्केटिंग का पूरा काम, उनकी बहन सिल्की संभालती हैं तथा पैकेजिंग सभी लोग मिलकर करते हैं। अगर परिवार का योगदान न होता तो इतने कम समय में, उन्हें इतनी सफलता कभी नहीं मिलती। 

और अंत में संगीता सिर्फ यही कहतीं हैं कि कोई भी, कभी भी बिजनेस में अपना हाथ आजमा सकता है। अगर वे कर सकते हैं तो आप भी कर सकते हैं। जरूरत है तो बस एक कोशिश करने और धैर्य से आगे बढ़ने की। इसलिए, आज ही खुद से पूछें कि आप क्या बना सकते हैं और बस शुरू हो जाएं। 

अमन जैन से संपर्क करने के लिए आप उन्हें hello@thepaapipet.in पर ईमेल कर सकते हैं।

संपादन- जी एन झा 

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