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कैसे कर सकते हैं पीरियड्स का दर्द कम, जानिए सेलिब्रिटी नूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर से!

फोटो: द इंडियन एक्सप्रेस

गभग हर एक महिला अपने जीवन में कभी न कभी पीरियड्स से संबंधित परेशानी से गुजरती है। आज दस महिलाओं में से लगभग एक पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिसऑर्डर (पीसीओडी) से पीड़ित है।

पीसीओडी के चलते अन्य परेशानियां जैसे प्रेगनेंसी में समस्या, मोटापा हो जाना, चेहरे पर कील-मुहांसे होना या फिर पीरियड्स के दौरान अत्यधिक दर्द होना आदि आम लक्षण हैं।

हालाँकि, इस बिमारी के लिए कोई निश्चित इलाज़ नहीं है। पर फिर भी कुछ हम अपनी आदतों में कुछ बदलाव कर इसे नियंत्रित कर सकते हैं।

सेलिब्रिटी नूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पेज पर इसके लिए कुछ सुझाव शेयर किये हैं।

उन्होंने लोगों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को छोड़ अपनी प्राकृतिक बुद्धि से काम लेने की सलाह दी है। उनके अनुसार, तीन पैरामीटर से आप पता कर सकते हैं कि आप कितने स्वस्थ हैं।

इनमें शामिल हैं, आपका पूरे दिन का एनर्जी लेवल, रात के दौरान आपकी नींद की मात्रा और आपका एक्सरसाइज का पालन।

यदि किसी को अनियमित पीरियड्स होते हैं और अत्यधिक दर्द होता है तो उन्हें कुछ निश्चित सुपरफूड खाने चाहिए। जिससे इन्सुलिन सम्वेदनशीलता और पीरियड्स को नियमित करने में मदद मिलेगी।

नारियल, घी, गुड़ और जलकुम्भी के बीज सुपरफूड्स हैं जो त्वचा पर बढ़े हुए छिद्रों को कम करने में मदद करते हैं। कच्चा केला, जिमीकंद और अंकुरित फलियां पीएमएस और माइग्रेन को रोकती हैं,” उन्होंने बताया। इस बीच डोसा, दलिया या भाकरी खाने से दर्द में राहत मिलती है और साथ ही ठोड़ी पर होने वाले मुहांसों को भी रोका जा सकता है।

रुजुता, पीरियड्स के समय दर्द को कम करने के लिए वे कैल्शियम और बी 12 सप्लीमेंट्स लेने की सलाह देती हैं। इसके अलावा आपको कुछ योगाभ्यास भी करने चाहिए जैसे कि सुप्त बद्धाकोणासन।

( संपादन – मानबी कटोच )


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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