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500 रुपए से भी कम में, घर से शुरू कर सकते हैं ‘हैंडमेड ज्वेलरी’ बिजनेस, जानिए कैसे

दिल्ली की गरिमा बंसल अपने घर से अपना हैंडमेड ज्वेलरी का बिजनेस चला रही हैं तथा उनकी बनाई ज्वेलरी आज अमेरिका और कनाडा तक पहुँच रही है।

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हमारे देश में कोई भी त्योहार, आयोजन या शादी-ब्याह आभूषण पहने बिना पूरे नहीं होते। भारत ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में भी ज्वेलरी की अच्छी-खासी मांग है। इसलिए, इसका बाजार भी काफी बड़ा है। लोग एक से बढ़कर एक डिजाइन की चूड़ियां, हार, झुमके आदि खरीदना चाहते हैं। लेकिन, क्या आप उन लोगों में से हैं, जो खुद अपने हाथ से ज्वेलरी (Handmade Jewelry) बनाना पसंद करते हैं?

अगर हाँ, तो क्या आपको पता है कि आप अपने इस शौक को अपना व्यवसाय भी बना सकते हैं? जैसा कि दिल्ली निवासी गरिमा बंसल ने किया है। कभी एक शिक्षिका रह चुकीं गरिमा, आज अपना ‘हैंडमेड ज्वेलरी’ का बिजनेस चला रही हैं। जिसका नाम है- ‘द हैंड कृतिज’ (The Hand Krities)। इसके जरिए, वह खुद डिजाइन की हुई तथा हाथों से बनी ज्वेलरी ग्राहकों तक पहुँचा रही हैं। गरिमा ने अपनी शुरुआत रेशम के धागे वाले कंगन बनाने से की थी और आज वह कलीरें, फूलों वाली ज्वेलरी, बालों के लिए आभूषण, डिजाइनर बैग आदि बना रही हैं। 

शिक्षिका से व्यवसायी बनने के अपने सफर के बारे में द बेटर इंडिया से बात करते हुए गरिमा ने बताया, “साल 2017 में, मेरे दूसरे बेटे का जन्म हुआ था। उस समय मैंने अपनी नौकरी छोड़ दी थी। लेकिन इसके सात-आठ महीने बाद ही मुझे बहुत खालीपन लगने लगा था। मैं कभी ऐसे खाली नहीं बैठी थी। इसलिए, दिमाग में तरह-तरह के विचार आने लगे थे। इन सबके बीच, एक दिन मैंने बाजार में रेशम के धागे वाले कंगन देखे। लेकिन उनकी कीमत काफी ज्यादा थी और तब मुझे लगा कि इन कंगनों को तो मैं खुद भी बना सकती हूँ।”

Delhi woman started business

हमेशा से ही कला और शिल्पकारी में रूचि रखने वाली गरिमा ने, कंगन बनाने के लिए कच्चे माल की तलाश शुरू कर दी। उन्होंने ऑनलाइन ऑर्डर करके सभी चीजें मंगवाई और बहुत ही खूबसूरत कंगन बनाएं। वह बताती हैं, “मैंने इन कंगनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की। यह शायद दशहरा के आसपास का समय था। इसके कुछ समय बाद, एक फेसबुक ग्रुप में, एक महिला ने मुझसे संपर्क किया। उन्होंने पूछा कि क्या आप दिवाली से पहले मुझे कुछ कंगन बनाकर दे सकती हैं? मुझे मिलने वाले इस पहले ऑर्डर के लिए, मैंने हाँ कर दी।”

उस एक ऑर्डर के बाद, गरिमा ने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। वह कहतीं हैं कि उन्होंने शुरू में मात्र 450 रुपये खर्च किये थे और फिर जैसे-जैसे उनके ऑर्डर बढ़े, वह अपनी कमाई का एक हिस्सा अपने बिजनेस में लगाती रहीं। आज उनकी ज्वेलरी भारतीय शहरों के अलावा, अमेरिका, लंदन और कनाडा जैसे देशों में भी जा रही है। 

गरिमा कहती हैं, “मुझे बिजनेस की कोई जानकारी नहीं थी लेकिन जैसे-जैसे मैं आगे बढ़ी, सबकुछ समझ में आता गया।”

Designer silk thread bangles
गरिमा द्वारा बनाई गयी डिजाइनर चूड़ियां (साभार: द हैंड कृतिज)

गरिमा ने अपना बिजनेस घर से ही शुरू किया था और आज भी वह घर पर ही सभी काम करतीं हैं। लेकिन अब उनके पास, अपने बिजनेस के लिए एक अलग कमरा भी है। पहले वह खुद सभी ऑर्डर पूरे करतीं थीं और डिलीवरी के लिए, उनके पति कई बार उनकी मदद करते थे। लेकिन अब उन्होंने तीन लड़कियों को काम पर रखा है, जिन्हें काम भी खुद गरिमा ने ही सिखाया है। 

उनकी ज्वेलरी उनकी वेबसाइट, फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से ऑर्डर की जा सकती है। 

गरिमा आज हमें बता रही हैं कि अगर कोई अपने घर से ‘हैंडमेड ज्वेलरी’ का बिजनेस शुरू करना चाहता है तो इसकी शुरुआत कैसे करें- 

1. अपने हुनर पर काम करें:

गरिमा कहतीं हैं कि सबसे पहले आप यह देखें कि आप सबसे अच्छा क्या बनाते हैं? कोई भी ज्वेलरी, जिसे बनाने में आप कुशल हैं और जिसके लिए आप अलग-अलग डिजाइन सोच पाते हैं। उस ज्वेलरी से आप शुरुआत करें। अगर आपको सिर्फ शौक है, तो अपने हुनर पर काम करें। आजकल बहुत से यूट्यूब चैनल हैं, जहां आप तरह-तरह की ज्वेलरी डिजाइन पर वीडियो देख सकते हैं। पहले सीखें, अभ्यास करें और अपना हुनर निखारें। इसके बाद, अपने आस-पास के लोगों को अपनी बनाई हुई ज्वेलरी दिखाएं। 

उनके सुझावों पर काम करें। साथ ही, हमेशा नये फैशन या ट्रेंड पर नजर रखें। 

Handmade Bridal Jhumka
खास ऑर्डर पर बने झुमके (साभार: द हैंड कृतिज)

2. शुरुआत करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान:

बिजनेस शुरू करने से पहले आप यह सुनिश्चित करें कि आप कच्चा माल कहाँ से खरीद सकते हैं। कच्चा माल अच्छी गुणवत्ता का हो लेकिन, आपको थोक मूल्य पर मिल जाये, तभी आपको फायदा होगा। अगर आपको अपने ही इलाके में कच्चा माल मिल जाए तो अच्छा है वरना आप ऑनलाइन भी आर्डर कर सकते हैं। 

इसके बाद, सोशल मीडिया पर काम करें। अगर आपको फेसबुक और इंस्टाग्राम के बारे में ज्यादा नहीं पता है, तो सीखें। आज के जमाने में ऑनलाइन मार्केटिंग, सोशल मीडिया पर निर्भर करती है। व्हाट्सअप पर भी आप अपने ऐसे जानकार लोगों का ग्रुप बना सकते हैं, जो हैंडमेड ज्वेलरी खरीदने में दिलचस्पी रखते हों। फेसबुक पर बहुत से ऐसे ग्रुप हैं, जो लोगों के बिजनेस को बढ़ावा देते हैं। आप ऐसे ग्रुप्स भी ढूंढकर ज्वॉइन कर सकते हैं। 

3. कम से कम निवेश से करें शुरुआत:

गरिमा कहतीं हैं कि यह ऐसा बिजनेस है, जिसे आप कम पैसों में भी शुरू कर सकते हैं। आप क्या बनाने वाले हैं और इसे बनाने के लिए आपको क्या चीजें चाहिये, पहले इसकी एक सूची बनाएं। फिर, अपना बजट बनाएं और उसी हिसाब से सामान लाकर, काम शुरू करें। एक साथ कई तरह की चीजें बनाकर रखने से बेहतर है कि पहले आप लोगों की प्रतिक्रिया देखें। 

शुरू में, सैंपल (नमूना) के लिए कुछ चीजें बनाएं और पोस्ट करें। फिर जैसे-जैसे आपको ऑर्डर मिलें, उस हिसाब से आगे बढ़ें। लेकिन, इन सबमें हमेशा ट्रेंड का ध्यान रखें। अगर कोई ज्वेलरी या डिजाइन ट्रेंड में है, तो आप भी उस पर काम करने की कोशिश करें। थोड़े-थोड़े समय बाद, नये-नये डिजाइन ट्राय करते रहें, इससे आपके ग्राहक कहीं और नहीं जाएंगे। 

बिजनेस से जुड़ी औपचारिकताएं भी शुरू में ही पूरी कर लें। सबसे पहले अपने बिजनेस का ऐसा नाम तय करें, जो किसी और ब्रांड का न हो। इसके बाद ब्रांड का रजिस्ट्रेशन करा लें। फिर जीएसटी नंबर के लिए भी आवेदन करें। 

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How to make Handmade Jewellery
Rep Image

वह कहतीं हैं, “जीएसटी नंबर होने से आप पर ग्राहकों का विश्वास बढ़ता है। ऑनलाइन बेईमानी होने का खतरा नहीं रहता है। जीएसटी नंबर होने से ग्राहक बेझिझक ऑर्डर कर पाते हैं। फिर, जब बिजनेस बढ़ने लगता है, तो इन बातों के लिए आपको परेशान नहीं होना पड़ता है।”

4. मूल्य, पैकेजिंग और डिलीवरी:

किसी भी आइटम का मूल्य, उसमें लगी लागत और मेहनत पर निर्भर करता है। आप उसमें, अपने कच्चे माल, जगह, बिजली और अपनी मेहनत की लागत जोड़ें। इसके बाद पैकेजिंग तथा मार्जिन जोड़कर, मूल्य तय करें। 

गरिमा बताती हैं, “ज्वेलरी की पैकेजिंग भी ज्वेलरी की तरह खूबसूरत और सुरक्षित होनी चाहिये ताकि डिलीवरी के दौरान आपकी ज्वेलरी को कोई नुकसान न पहुँचे।”

वह आगे कहतीं हैं कि ज्यादातर लोग किसी खास आयोजन के लिए हैंडमेड ज्वेलरी ऑर्डर करते हैं। इसलिए, हमेशा ध्यान दें कि ग्राहकों तक उनका सामान सही समय पर पहुँचे। क्योंकि, अगर आयोजन के बाद ज्वेलरी ग्राहक तक पहुँचती हैं, तो इसका कोई फायदा नहीं। 

5. ऑनलाइन मार्केटिंग पर दें जोर:

गरिमा कहतीं हैं कि वह आज जहाँ भी हैं, सिर्फ ‘ऑनलाइन मार्केटिंग’ की वजह से हैं। इसलिए, वह सबको यही सुझाव देती हैं कि सोशल मीडिया का उपयोग सीखें और इस पर काम करें। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपना ‘बिजनेस पेज’ बनाएं। आप जो भी चीज/आइटम बनाएं, उसकी कई आकर्षक तस्वीरें, अच्छे से कैप्शन के साथ पोस्ट करें। इन्हें अलग-अलग ग्रुप में शेयर करें। 

Handmade Jewellery Business
Their Instagram Page

इसके अलावा, ग्राहकों से कहें कि वह आपकी ज्वेलरी की ‘अनबॉक्सिंग वीडियो’ (ज्वेलरी को डिब्बे से निकालने के दौरान बनाई हुई विडियो) या ज्वेलरी पहने हुए अपनी तस्वीरें तथा प्रतिक्रिया जरूर भेजें। इन्हें भी आप अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करें। वह कहती हैं, “जैसे आप नये ट्रेंड की ज्वेलरी बनाना सीखते हैं, बिजनेस की बातें सीखते हैं, वैसे ही बिजनेस के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना भी सीखें। आजकल लोग ‘इंस्टा रील्स’ पर एक्टिव हैं तो वहां भी आप अपनी ज्वेलरी की वीडियोज पोस्ट करें। ध्यान दें कि किस तरह के गाने ट्रेंड में हैं, उन गानों के साथ वीडियोज डालें।”

अगर आपको अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है तो आप दूसरे ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि पर भी अपने सामान बेच सकते हैं। 

इसके अलावा, अगर आपके आसपास कोई ऑफलाइन स्टोर है तो आप वहां भी अपने ज्वेलरी आइटम बिक्री के लिए दे सकते हैं। ध्यान रहे कि वहां आपको ज्यादा मार्जिन न देना पड़े। अपने बजट के हिसाब से ही आप मार्केटिंग पर खर्च करें। 

6. इन बातों का रखें ख्याल:

  • गरिमा के अनुसार, ज्वेलरी के बिजनेस में ट्रेंड और फैशन सबसे ज्यादा मायने रखता है। इसलिए, ग्राहकों को हमेशा कुछ नया और आकर्षक देने की कोशिश करें। 
  • आपकी ज्वेलरी का दाम, भले ही बाजार में उपलब्ध बाकी ज्वेलरी के दाम से कम हो लेकिन, गुणवत्ता में कभी कोई कमी न रखें। 
  • ग्राहकों की प्रतिक्रिया लेना बहुत जरुरी है। अगर आप उनकी प्रतिक्रिया नहीं लेंगे तो कुछ नया या अलग नहीं कर पाएंगे। इसलिए, अपने हर एक ग्राहक की प्रतिक्रिया लेने की कोशिश करें। 
  • आपके न चाहते हुए भी कई बार, किसी आइटम या उसकी डिलीवरी में गड़बड़ हो जाती है। ऐसे में घबराएं नहीं बल्कि अपने ग्राहकों से बात करके, रास्ता निकालने की कोशिश करें। ग्राहकों की बात समझने की कोशिश करें। 

गरिमा कहतीं हैं, “कई बार ग्राहकों के हिसाब से ज्वेलरी बनाने के बाद भी, उन्हें ज्वेलरी पसंद नहीं आती। ऐसे में, आप बस ज्वेलरी देकर पल्ला न झाड़ लें बल्कि उनकी बात को समझें कि उन्हें क्या पसंद नहीं आया। अगर आप उन्हें, उस ज्वेलरी से बेहतर कुछ उपलब्ध करवा सकते हैं तो जरूर कराएं। इसमें आपका समय और मेहनत तो जरूर लगेगी पर आपके ग्राहक आपको छोड़कर कहीं और नहीं जायेंगे।”

  • अच्छी और बुरी, दोनों प्रतिक्रियाओं को सकारात्मकता से लें। किसी की बातों को अपने मन पर हावी न होने दें। बस अपने काम की बेहतरी पर ध्यान रखें। 
  • कई बार ऐसे भी मौके आते हैं, जब बिजनेस मंदा पड़ जाता है। ऐसे में, जल्दबाजी न करें और इस मुश्किल को हल करने के बारे में सोचें। क्योंकि, आप ठान लें तो कुछ नामुमकिन नहीं है। 

वह कहतीं हैं, “कोरोना महामारी ने हमारे बिजनेस को काफी नुकसान पहुँचाया है। हमें सबसे ज्यादा आर्डर, शादियों से ही मिलते थे लेकिन, इस दौरान ऐसे आयोजन हुए ही नहीं। मुझे भी लगने लगा था कि अब क्या होगा? लेकिन बहुत ज्यादा चिंता करने की बजाय, मैंने सोचा कि हमें कुछ ऐसी चीजों पर भी काम करना चाहिये, जो सदाबहार हों। जिन्हें, लोग किसी आयोजन के बिना भी खरीद सकें। मैं अब ऐसे ही कुछ डिजाइनों पर कमा कर रही हूँ।”

अंत में वह बस यही कहतीं हैं कि अगर आप में हुनर है तो एक कोशिश जरूर करें। बिना कोशिश किये आप यह तय नहीं कर सकते कि बिजनेस चलेगा या नहीं। पहले कोशिश करें फिर आगे की राह तय करें। 

गरिमा बंसल से संपर्क करने के लिए आप उनके फेसबुक पेज पर मैसेज कर सकते हैं। 

संपादन – प्रीति महावर

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