ऑफर सिर्फ पाठकों के लिए: पाएं रू. 200 की अतिरिक्त छूट ' द बेटर होम ' पावरफुल नेचुरल क्लीनर्स पे।अभी खरीदें
X
पुणे की इस कंपनी ने बनाई देश की पहली डुअल सस्पेंशन साइकिल, जानिये क्या है खास!

पुणे की इस कंपनी ने बनाई देश की पहली डुअल सस्पेंशन साइकिल, जानिये क्या है खास!

आज ई-व्हिकल खरीददारों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है – क्या होगा यदि वाहन की बैटरी आधे रास्ते में ही डिस्चार्ज हो जाए? इसी को देखते हुए, पुणे स्थित E Motorad कंपनी ने एक ऐसी ई-साइकिल को विकसित किया है, जिसे ई-बाइक के रूप में चलाने के साथ ही, आम साइकिल के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

आज भारत में, ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’ के क्षेत्र में काफी तेजी देखी जा रही है। इसी के मद्देनजर, पुणे स्थित एक (Pune Startup) स्टार्टअप E Motorad ने एक ऐसी ई-साइकिल लॉन्च की है, जो ई-बाइक के रूप में भी काम करती है।

ई-व्हिकल (EV) खरीददारों के मन में सबसे बड़ा सवाल होता है – क्या होगा, यदि वाहन की बैटरी आधे रास्ते में ही डिस्चार्ज हो जाए? ऐसे में, ‘ई-साइकिल’ एक स्थायी विकल्प होने के साथ-साथ ग्राहकों की इस दुविधा का भी समाधान करती है। 

क्योंकि ई-साइकिल में बैटरी अगर आधे रास्ते में खत्म हो जाती है, तो आप पैडल चलाते हुए भी जा सकते हैं या किसी निकटतम स्थान पर इसे चार्ज कर सकते हैं।

इस कड़ी में पुणे निवासी और E Motorad के संस्थापक राजीब गंगोपाध्याय कहते हैं, “यह कांसेप्ट यूरोपीय देशों से प्रेरित था, जहाँ अधिकांश लोग कहीं आने-जाने के लिए ई-बाइक का इस्तेमाल करते हैं। इन चीजों को मैंने 2016 में अपनी यात्रा के दौरान देखा।” 

Pune Startup
सीईओ कुणाल गुप्ता और संस्थापक राजीब गंगोपाध्याय

करीब 8 वर्षों तक ‘मोबिलिटी सेक्टर’ में काम करने वाले राजीब ने 2016 के दौरान कई देशों की यात्राएं की। उन्होंने अपनी यूरोप यात्रा के दौरान देखा कि यहाँ ई-बाइक का चलन काफी है, और वह भारत में भी इसे शुरू करना चाहते थे।

वह कहते हैं, “मैंने ऐसे कई विशेषज्ञों से बात की, जो भारत में ‘ई-मोबिलिटी सेक्टर’ में काम कर रहे थे। मैं उनसे अपनी कंपनी शुरू करने और बिक्री को बढ़ावा देने के तरीके जानना चाहता था। लेकिन, भारत में ई-व्हिकल को अपनाने को लेकर लोगों की सबसे बड़ी चिंता, वाहन की बैटरी आधे रास्ते में खत्म होने के विषय में रहती है। इसलिए, मैं एक ऐसी ई-साइकिल पेश करना चाहता था, जो ई-बाइक और ई-साइकिल – दोनों की तरह काम करे।”

वह बताते हैं कि इसके बाद, उन्होंने अपनी कंपनी के सीईओ कुणाल गुप्ता के साथ मिल कर, तीन वर्षों तक मॉडल के रिसर्च और डेवलपमेंट पर काम किया। 

2020 की शुरुआत में इस जोड़ी ने, अपने डिजाइन को अंतिम रूप दिया और पुणे में अपनी एक ‘मैन्युफैक्चरिंग यूनिट’ की शुरुआत की। जहाँ हर महीने 300 साइकिलों का उत्पादन हो सकता है।

साइकिल के विषय में

फिलहाल, कंपनी ने दो तरह की बाइक को पेश किया है – ‘EMX’ और ‘T-Rex’

इन दोनों बाइकों का इस्तेमाल, ‘माउंटेन बाइक’ के रूप में भी किया जा सकता है। 

इन साइकिलों में एक मजबूत फ्रेम, दोनों पहियों में ‘डिस्क ब्रेक’ और ‘डुअल सस्पेंशन’ लगे हैं। 

‘EMX’ वेरिएंट में 36 वोल्ट और 250 वाट के रियर मोटर लगे हैं, जिसे 10.4 एएच की सैमसंग लिथियम आयरन बैटरी द्वारा संचालित किया जाता है।

इस साइकिल को एक बार चार्ज करने के बाद, 45 किमी की दूरी तय की जा सकती है। इसकी अधिकतम गति 28 किमी/ घंटा है। वहीं, इसे चलाने के लिए लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस लेने की भी जरूरत नहीं है।

‘T-Rex’ वैरिएंट में भी बिल्ड, ब्रेक और सस्पेंशन ‘EMX’ जैसा ही है। यह 36 वोल्ट मोटर और 7.8 एएच बैटरी द्वारा संचालित है। इसे एक बार चार्ज करने के बाद, 35 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकती है।

Pune Startup
ई-साइकिल चालक

इसे लेकर कुणाल कहते हैं, “इसकी बैटरी को अलग किया जा सकता है ताकि इसे कहीं भी चार्ज किया जा सके। इसे पूरा चार्ज होने में 3 घंटे लगते हैं। साइकिल में एक डिजिटल स्क्रीन भी है, जो गति को प्रदर्शित करती है। इसके आगे एक एलईडी लाइट लगी है।”

वह बताते हैं कि इस साइकिल को तीन तरीके से चलाया जा सकता है, जो इस प्रकार है – 

  • पैडल-असिस्ट मोड (Pedal-assist Mode) – इसके तहत, चालकों को साइकिल का पैडल चलाना होगा, लेकिन इसमें बैटरी से भी थोड़ी मदद ली जा सकती है।
  • थ्रोटल मोड (Throttle Mode) – इस मोड में, साइकिल ई-बाइक के रूप में काम करती है।
  • पैडल मोड (Pedal Mode) – इसमें चालकों को आम साइकिल की तरह ही पैडल चलाना होगा।

ग्राहक की प्रतिक्रिया

पुणे में रहने वाले 30 वर्षीय सुमेध बी ने, सितंबर 2020 में EMX ई-साइकिल खरीदी थी। शुरू में उनका विचार सिर्फ हर दिन व्यायाम करना और कुछ देर के लिए कहीं बाहर घूमना था।

वह बताते हैं, “आज मैं अपनी ई-बाइक से ऑफिस जाता हूँ, जो मेरे घर से करीब 8 किमी दूर है। मुझे काम पर पहुँचने में करीब 15 मिनट लगते हैं। मुझे यह बहुत सुविधाजनक लगती है, क्योंकि इसमें ट्रैफिक में फंसने का डर नहीं होता है। मैं वापस आते वक्त भी इसे, आम साइकिल की तरह  ही चला कर आता हूँ। इससे मेरा व्यायाम भी हो जाता है।”

इन साइकिलों को फरवरी 2020 में ‘प्री-बुकिंग मोड’ में लॉन्च किया गया था। EMX साइकिल की कीमत 55,000 हजार रुपए और T-Rex के लिए 45,000 रुपये है। साल के अंत तक उन्होंने करीब 1200 साइकिलें बेची। उनके द्वारा  Karbon नाम से एक नए वेरिएंट को पेश किया गया है, जो एक फोल्डेबल ई-साइकिल है।

E Motorad के बारे में अधिक जानने या साइकिल ऑर्डर करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

मूल लेख: रौशनी मुत्थूकुमार
संपादन: जी एन झा

यह भी पढ़ें – मेड इन इंडिया ई-ऑटो, कम समय में तय करें अधिक दूरी, डीजल-बैटरी से भी है सस्ता!

यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हैं, तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें।

Pune Startup Pune Startup Pune Startup Pune Startup Pune Startup Pune Startup Pune Startup

कुमार देवांशु देव

राजनीतिक और सामाजिक मामलों में गहरी रुचि रखनेवाले देवांशु, शोध और हिन्दी लेखन में दक्ष हैं। इसके अलावा, उन्हें घूमने-फिरने का भी काफी शौक है।
Let’s be friends :)
सब्सक्राइब करिए और पाइए ये मुफ्त उपहार
  • देश भर से जुड़ी अच्छी ख़बरें सीधे आपके ईमेल में
  • देश में हो रहे अच्छे बदलावों की खबर सबसे पहले आप तक पहुंचेगी
  • जुड़िए उन हज़ारों भारतीयों से, जो रख रहे हैं बदलाव की नींव