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इन आसान तरीकों से कर सकते हैं, बची हुई चायपत्ती का फिर से इस्तेमाल

बची हुई चायपत्ती का, अपने घर, गार्डन, और आर्ट व क्राफ्ट के कामों में करें इस्तेमाल, बेहद आसान हैं ये तरीके।

पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते, आज बहुत से लोग अपने दैनिक जीवन में छोटे-बड़े बदलाव कर रहे हैं। ऐसे बदलाव, जिनसे वह पर्यावरण के लिए कुछ कर सकें। हालांकि, यह काम आसान नहीं है, लेकिन अगर एक-एक करके कदम उठाए जाएँ, तो हम यक़ीनन कुछ कर पाएंगे। इसके लिए ज़रूरी है कि, हम अपनी दिनचर्या पर गौर करें, और अपनी आदतों को सुधारने की कोशिश करें। इसकी शुरुआत, हम सबसे पहले अपने किचन से निकलने वाले जैविक कचरे से कर सकते हैं। 

इस जैविक कचरे में फल-सब्ज़ियों के छिलकों के साथ-साथ, चाय बनने के बाद, बची चायपत्ती भी शामिल होती है। लगभग सभी घरों में, इस्तेमाल के बाद चायपत्ती कचरे के डिब्बे में जाती है। लेकिन अगर हम थोड़ा-सा ध्यान दें, तो अपनी इस आदत को बदल सकते हैं। चायपत्ती में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, और इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं। इस वजह से, चायपत्ती का इस्तेमाल, चाय बनाने के अलावा भी, और कई तरह से किया जा सकता है। किचन में बची हुई चायपत्ती को आप फेंकने की बजाय, गार्डन में, साफ़-सफाई के लिए, और अपनी त्वचा व बालों के लिए इस्तेमाल में ले सकते हैं। 

बहुत से लोग, अक्सर चायपत्ती का इस्तेमाल अलग-अलग व्यंजन बनाते समय, इसका रंग और थोड़ा स्वाद बदलने के लिए करते हैं। पुणे में रहने वाली मंजू शर्मा बतातीं हैं, कि वह अक्सर छोले की सब्ज़ी बनाते समय, एक सूती कपड़े में चायपत्ती बांधकर इसमें डाल देती हैं। इससे सब्ज़ी का रंग और फ्लेवर, दोनों ही काफी अलग हो जाता है। खाने और पीने के अलावा भी, चायपत्ती के बहुत से उपयोग हैं, जो हर कोई अपने दैनिक जीवन में कर सकता है। 

Use Tea at home
Rep Image (Source)

1. त्वचा और बालों के लिए: 

लगभग दो सालों से सस्टेनेबल लाइफस्टाइल फॉलो कर रहीं, मेघा पांडेय बतातीं हैं, “बची हुई चायपत्ती, या फिर टीबैग को अच्छे से धोकर, एक बार फिर ताज़ा पानी में उबाल लें। इस पानी को छानकर ठंडा करें, और आप इसे अपने चेहरे के लिए टोनर के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। दूसरा, आप इस पानी में नींबू का रस मिलाकर, इसे बालों के लिए कंडीशनर के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं।” 

आगे वह कहतीं हैं कि, कभी-कभी इस चायपत्ती को बेसन के साथ मिलाकर, चेहरे के लिए फेसमास्क के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। टीबैग को आप अपनी आँखों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इन्हें आप अच्छे से धो लें, फिर थोड़ी देर ठंडे पानी में रखें। इसके बाद, आप इन्हें अपनी आँखों पर रखें। इससे आपकी आँखों को काफी आराम मिलेगा। 

इसके अलावा, चायपत्ती, बदबू दूर करने में भी सहायक होती है। बताया जाता है कि, अगर आपके पैरों में पसीने के कारण काफी बदबू होती है, तो इसे दूर करने के लिए आप चायपत्ती का उपयोग कर सकते हैं। बची हुई चायपत्ती को अच्छे से धोने के बाद, इसे ताज़ा पानी में फिर से उबाल लें। इस पानी को ठंडा करके, इसमें लगभग 20 मिनट तक अपने पैरों को रखें। पैरों की बदबू भी दूर होगी, और पैरों को भी काफी आराम मिलेगा। 

2. गार्डन के लिए:

How to Reuse Leftover Tea
Using Tea Compost in Plants

चायपत्ती का प्रयोग पेड़-पौधों के लिए रामबाण साबित हो सकता है। खासकर कि, गुलाब के पौधों के लिए। उत्तर-प्रदेश में कई सालों से गार्डनिंग कर रहे ब्रह्मदेव कुमार बताते हैं कि, चायपत्ती में लगभग 4% नाइट्रोजन होती है, और कुछ मात्रा में पोटैशियम और फॉस्फोरस भी उपलब्ध होता है। अगर चायपत्ती को खाद के तौर पर इस्तेमाल किया जाए तो, आपके पेड़-पौधों को इससे काफी पोषण मिलता है। 

आप बची हुई चायपत्ती को अच्छे से धोकर सूखा लें, और फिर इसे अपने पौधों में डाल दें। इसे ऊपर से सूखे पत्तों से ढक दें, फिर पानी डालें। नियमित तौर पर यह प्रक्रिया करने से, आपके पेड़-पौधे काफी अच्छे से विकसित होंगे। ब्रह्मदेव आगे कहते हैं कि, आप अगर चाहें तो चायपत्ती को धोकर, किसी मिट्टी के बर्तन में इकट्ठा करते रहें, और लगभग 40 दिनों में जब यह डीकम्पोज हो जाए, तब भी आप इसे पौधों में डाल सकते हैं या फिर पॉटिंग मिक्स में मिला सकते हैं। चायपत्ती का पानी भी आप पेड़ों में दे सकते हैं, या फिर इनके पत्तों पर स्प्रे कर सकते हैं। 

इसके लिए, आपको बस चायपत्ती को साफ पानी में उबालना होगा। इस पानी को छानकर, ठंडा कर लें, और फिर पेड़ों में दें। 

3. साफ़-सफाई के लिए:

Reuse Leftover Tea
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बहुत से लोग चायपत्ती का इस्तेमाल साफ-सफाई के लिए भी करते हैं। खासतौर पर, लकड़ी के फर्नीचर को साफ़ करने के लिए इसका उपयोग बेहतरीन माना जाता है। चायपत्ती में ‘टैनिस एसिड (Tannins)’ होता है, जिससे लकड़ी के फर्नीचर की चमक बढ़ती है। इसके लिए, आप बची हुई चायपत्ती को धोकर, साफ़ पानी में फिर से उबाल लें। इस पानी को ठंडा होने के बाद, इसमें सफाई वाला कपड़ा भिगोकर, निचोड़ लें। अब इस कपड़े से अपने लकड़ी के फर्नीचर को साफ़ करें। अगर आप नियमित तौर पर, यह प्रक्रिया करते हैं तो, आपके फर्नीचर की चमक बरक़रार रहेगी। 

अगर किसी बर्तन को साफ़ करने में परेशानी हो रही है, तो आप इसे चायपत्ती के गर्म पानी में भिगोकर रख सकते हैं। चायपत्ती में उपलब्ध टैनिस एसिड दाग-धब्बों को हटाने में मददगार होता है। 

चायपत्ती के इस पानी को आप शीशे व खिड़कियाँ साफ़ करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। चायपत्ती से कांच या शीशे पर लगे सभी तरह के दाग-धब्बे हट जाते हैं। आप चायपत्ती के पानी को, किसी स्प्रे बोतल में भरकर इस्तेमाल में ले सकते हैं। 

4. डाई और पेटिंग:

बालों की डाई के आलावा, कपड़ों को थोड़ा अलग, और एंटीक लुक देने के लिए भी, चायपत्ती का प्रयोग किया जाता है। किसी सफेद रंग के कपड़े पर आप यह ट्राई कर सकते हैं। इसके लिए आप ग्रीन और काली, दोनों तरह की चायपत्ती का इस्तेमाल कर सकते हैं। गर्म पानी करें, और उसमें टीबैग, या फिर चायपत्ती को किसी कपड़े में बांधकर डाल दें। यह अपना रंग छोड़ेगी, और इसके बाद आप इसमें अपना मनचाहा कपड़ा डालकर डाई कर सकते हैं।  

कुछ आर्टिस्ट भी अपनी पेटिंग्स के लिए चायपत्ती का इस्तेमाल करते हैं। अपनी पेटिंग के बैकग्राउंड को थोड़ा पुराना दिखाने के लिए, वह इसे चायपत्ती के पानी से पेंट करते हैं। बच्चों की स्क्रैपबुक, या फिर कार्ड बनाने के लिए भी इसका अच्छा इस्तेमाल हो सकता है।  

संपादन – प्रीति महावर

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