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एक ट्रिप से मिला आईडिया और 3 दोस्तों ने खड़ी कर दी 7.5 करोड़ की बाइक रेंटल कंपनी

एक ट्रिप से मिला आईडिया और 3 दोस्तों ने खड़ी कर दी 7.5 करोड़ की बाइक रेंटल कंपनी

यह कहानी है दक्षिण भारत की पहली लाइसेंस्ड बाइक रेंटल कंपनियों में से एक, बेंगलुरू स्थित ‘रॉयल ब्रदर्स’ की।

सर्दी-गर्मी हो या फिर बरसात का मौसम, हर साल एडवेंचर के शौकीन बाइक के जरिए रोड ट्रिप पर निकल जाते हैं। एडवेंचर ट्रिप पर अक्सर लोग पहाड़, जंगल या किसी ऐसी जगह जाना पसंद करते है जहाँ पहुँचना सभी के बस की बात नहीं होती। ऐसे में आपके पास एक बेहतर बाइक होनी चाहिए, जो लंबे सफर पर बिना किसी दिक्कत के आपको मंजिल तक पहुँचा सके। लेकिन क्या आपको पता है कि रोड ट्रिप के लिए बाइक रेंट पर भी मिलती है ? आज हम आपको तीन दोस्तों की कहानी सुनाने जा रहे हैं जिन्होंने एक ऐसा स्टार्टअप शुरू किया है, जिसके जरिए आप बाइक रेंट पर ले सकते हैं।

यह कहानी दक्षिण भारत की पहली लाइसेंस्ड बाइक रेंटल कंपनियों में से एक, ‘रॉयल ब्रदर्स’ की है। यह कंपनी आज देश के 7 राज्यों के अलग-अलग टूरिस्ट प्लेसेस पर रॉयल एनफील्ड, बजाज, बेनेल्ली, KTMs और अलग-अलग स्कूटी जैसे हौंडा एक्टिवा, यामाहा आदि रेंट पर उपलब्ध करा रही है। उनकी पूरी प्रक्रिया बहुत ही औपचारिक और स्टेप बाय -स्टेप होती है। आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे इस कंपनी की शुरुआत हुई। 

कैसे हुई शुरुआत:

बेंगलुरू स्थित इस कंपनी को साल 2015 में तीन इंजीनियर ने शुरू किया था। इन तीन फाउंडर्स में दो, अभिषेक चंद्रशेखर और आकाश एस. साल 2014 में अपने कॉलेज के दौरान ही पांडिचेरी घूमने गए थे। तब वह बेंगलुरू के आरवी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में तीसरे साल के छात्र थे। वह दोनों बस से पांडिचेरी पहुँचे। उन्होंने इस शहर के बारे में काफी सुना था तो खुद बाइक रेंट पर लेकर इसे घूमने की ठानी। 

अभिषेक बताते हैं, “हमने ऑनलाइन एक बाइक रेंट पर लेने के लिए सर्च किया। हमें सिर्फ जस्टडायल पर एक लिस्टिंग मिली। वहाँ से हमने फ़ोन किया और पूछा कि क्या हम बाइक रेंट पर ले सकते हैं। सामने से जवाब हाँ में आया और उस व्यक्ति ने हमें पहुँचकर उसे इन्फॉर्म करने के लिए कहा। लेकिन हमारी सिर्फ बात ही हुई थी और हमने न कोई पेमेंट की और न ही उस व्यक्ति ने हमें कोई ईमेल या मैसेज पर बाइक बुकिंग की कन्फर्मेशन दी।”

हालाँकि, वह एक आशा के साथ पांडिचेरी पहुँच गए और वहाँ सुबह साढ़े पाँच बजे एक प्रसिद्ध बीच लोकेशन पर उस वेंडर का इंतज़ार करने लगे। आगे आकाश कहते हैं कि वह वेंडर उन्हें बाइक दे गया जो बहुत अच्छी हालत में नहीं थी। उन्होंने उसे कैश में पेमेंट की तो उनके पास कोई साक्ष्य भी नहीं था इस पेमेंट का। जाते वक़्त उस वेंडर ने सिर्फ इतना कहा कि अगर कहीं पुलिस रोके तो वह उसे कॉल कर लें। बहरहाल, आकाश और अभिषेक की वह ट्रिप अच्छी रही। 

Engineer Friends
The founders Kuldip Purohit, Akash S and Abhishek Chandrashekar.

लॉन्च की अपनी कंपनी:

ट्रिप से लौटने के बाद, दोनों दोस्तों ने इस पर विचार किया और सोचा कि वह इस काम में अच्छा कमा सकते हैं। उन्होंने अपने इस आईडिया पर काम करना शुरू कर दिया और उन्होंने तय किया कि वह ऐसी रेंटल कंपनी शुरू करेंगे जहाँ लोग अपनी पसंद की बाइक चुनें, ऑनलाइन या ऑफलाइन पेमेंट की स्लिप हो और उनकी बुकिंग की कन्फर्मेशन भी उन्हें मिले। साथ ही, बाइक या स्कूटी के पिक अप और ड्राप का समय भी फिक्स हो। 

2015 की शुरुआत में, उन्होंने कॉलेज से डिग्री पास की, लेकिन अपने विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल नहीं हुए, क्योंकि वह अपने आईडिया को और आगे बढ़ाना चाहते थे। उस साल जुलाई तक, उन्होंने कुलदीप पुरोहित को भी शामिल कर लिया। कुलदीप भी ऑटोमोबाइल में काम करना चाहते थे और उन्होंने इन दोनों के साथ यह कंपनी पंजीकृत की। तीनों ने अभिषेक के एक रिश्तेदार के अपार्टमेंट में एक छोटा सा ऑफिस किराये पर लिया और यहाँ अपना रिसर्च शुरू किया कि वे कैसे व्यावसायिक उपयोग के लिए मोटरसाइकिलों का पंजीकरण कर सकते हैं।

अभिषेक कहते हैं, ”जबकि कमर्शियल नंबर प्लेट के लिए कारों को पंजीकृत करना आसान था, पर बाइक के लिए यह एक असामान्य बात थी। कुछ महीनों के लिए, हम इस पूरी प्रक्रिया को समझने के लिए हर दिन बेंगलुरु के केंद्रीय आरटीओ से मिलने जाते रहे। हालांकि, कोई भी हमारी मदद नहीं कर पाया। अंत में, हम कर्नाटक परिवहन के सचिव, पी. रविकुमार के पास पहुँचे। वह हमारे प्रस्ताव से प्रभावित हुए। चूंकि अब इस मॉडल में वैट टैक्स (अब जीएसटी) जोड़ा गया है, इसलिए इससे रेवेन्यू भी होगा।” उन्होंने आगे कहा कि मंत्री ने आरटीओ अधिकारियों को सूचित किया, जिससे कंपनी के लिए पंजीकरण प्रक्रिया में आसानी हुई।

तीनों दोस्तों ने अपने परिवार और रिश्तेदारों से उधार लेकर फंडिंग के 20 लाख रुपये इकट्ठे किए और पाँच रॉयल एनफील्ड बाइक खरीदीं। उनके पास आवश्यक बीमा के साथ व्यावसायिक रूप से पंजीकृत वाहन थे।

“ऑर्डर्स और बुकिंग के लिए, हमने मार्केटिंग और अन्य तकनीक से संबंधित गतिविधियों को एक तीसरी पार्टी को आउटसोर्स किया। हालाँकि, यह ठीक नहीं था। इसलिए फिर हमने वेब और ऐप डेवलपर्स, और मार्किट विशेषज्ञों को हायर किया और आज, हमारे पास सात राज्यों में काम करने वाले 60 लोगों की एक टीम है,” आकाश कहते हैं।

आज, कंपनी के पास 2,000 से अधिक बाइक और भारत के सात राज्यों में 15 फ्रेंचाइजी हैं, जिनमें केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु शामिल हैं। कंपनी उपयोगकर्ताओं को अपने प्लेटफॉर्म पर बाइक में निवेश करने का विकल्प भी प्रदान करती है। संचालन के पहले वर्ष में, कंपनी ने 30 लाख रुपये की कमाई की, और वित्तीय वर्ष 2019-20 में, उन्होंने 7.5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है।

बाइक कैसे बुक करें?

प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से बाइक किराए पर लेने के लिए, किसी को भी रॉयल ब्रदर्स की वेबसाइट या एप्लिकेशन पर खुद का रजिस्ट्रेशन करना होगा, और अपना आईडी प्रूफ और ड्राइविंग लाइसेंस अपलोड करना होगा। इसके बाद वह शहर चुन सकते हैं जहाँ वह घूमने जा रहे हैं, तारीख डालें और फिर अपनी पसंद की बाइक चुनें।

उनका किराया न्यूनतम चार घंटे से शुरू होता है, और अधिकतम नौ महीने तक चलता है।

इस उद्यम के बारे में अधिक जानने के लिए, या बाइक किराए पर लेने के लिए यहाँ क्लिक करें। आप इन्हें एंड्रॉइड प्ले स्टोर और आईओएस एप स्टोर पर भी खोज सकते हैं।

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मूल लेख: रौशनी मुथुकुमार

संपादन – जी. एन झा

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निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.
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