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परिवार को 5 लाख व अस्पताल को 50, 000 रूपये, केंद्र का अंगदान कर्ताओं के लिए प्रस्ताव!

प्रतीकात्मक तस्वीर/पिक्साबे.कॉम

मृत्यु के बाद अंग दान करके अपने प्रियजनों की यादें सहेजना सबसे अच्छा तरीका है। हमारे देश में भी आये दिन सामाजिक संस्थान व संगठन ऑर्गन डोनेशन (अंगदान) के लिए लोगों को जागरूक करते रहते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अंग दान करने वाले व्यक्ति अथवा परिवार को पुरुस्कृत करने के लिए महाराष्ट्र राज्य स्वास्थ्य विभाग से गुजारिश की है। इस पहल के पीछे का उद्देश्य अंगदान करने वाले लोगों की हौंसला अफ़ज़ाई करना व अन्य लोगों को प्रेरित करना है।

इसके मुताबिक जिस अस्पताल में अंगदान होगा उसे 50, 000 रूपये पुरुस्कार के रूप में दिए जायेंगें। इसके अलावा अंगदान करने वाले व्यक्ति के परिवार को 1 लाख रुपये से 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जायेगा। यह पुरुस्कार पांच साल तक हर साल दिया जायेगा।

साथ ही, जिस मरीज़ का अंग ट्रांसप्लांट होगा, उसे इम्म्यूनोसप्रेस्सेंट दवाइयां एक निश्चित समय तक मुफ्त में दी जाएँगी। ये दवाइयां हमारे शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा यानी इम्मयूनिटी की प्रतिक्रिया को कम करती हैं। यह दवाएं लेने से अंग प्राप्त करने वाले व्यक्ति का शरीर नए अंगों को स्वीकार कर पाता है।

स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ संजीव कांबले ने पुणे मिरर को बताया, “हमें अंग दान कार्यक्रम में किए गए परिवर्तनों के बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से दिशा-निर्देश मिलें हैं। इसका उद्देश्य अंग दान को बढ़ावा देना है ताकि लोग इसके लिए आगे आएं। राज्य एक समिति नियुक्त करेगा, जो इस बारे में सरकार को प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी।”

इसके अलावा मंत्रालय ने अंगदान कार्यक्रम के लिए जरूरी तकनीक व इंफ्रास्ट्रक्चर के भी सुझाव भेजे हैं। जिनके चलते ‘ऑर्गन ट्रांसप्लांट’ ऑपरेशन की सफलता दर बढ़ जाएगी। भारत में अंग दान को बढ़ावा देने के लिए इस प्रस्ताव के बारे में संबंधित मंत्रालयों और अधिकारियों की एक बैठक जुलाई में आयोजित की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं की सहायक निदेशक डॉ. गौरी राठोड ने बताया, “जुलाई के पहले सप्ताह में, सभी स्टेकहोल्डर के बीच एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी, जिसके दौरान हम इस प्रस्ताव पर निर्णय लेंगें और मंत्रालय को भेज देंगे। हालांकि मंत्रालय ने सुझाव दिया है, पर राज्य किसी भी स्टेकहोल्डर को कोई नकद इनाम नहीं देना चाहता। लेकिन उन्हें पुरस्कृत करने के अन्य तरीकों पर बात होगी।”


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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