Search Icon
Nav Arrow
फोटो: फेसबुक/एबीपी लाइव

भारतीय वायु सेना में मध्य प्रदेश से चयनित होने वाली अकेली प्रतिभागी हैं आँचल, पिता बेचते हैं चाय!!

Advertisement

ब आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ते हैं, तो कोई भी परेशानी आपको नहीं रोक सकती। 24 वर्षीय आंचल गंगवाल की कहानी इस बात का उदहारण है।

मध्य प्रदेश के एक चाय विक्रेता की बेटी आँचल पुरे राज्य से एकमात्र प्रतिभागी हैं जिनका चयन इंडियन एयर फाॅर्स के फ्लाइंग बैच में हुआ है। मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में नीमच जिले की निवासी, आंचल का सबसे बड़ा सपना एक फाइटर पायलट बनना है।

आँचल ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, “जब उत्तराखंड में बाढ़ आयी थी, तब मैं 12वीं क्लास में थी। जिस तरह से फौज ने पीड़ितों की मदद की और उन्हें बाहर निकाला, मुझे बहुत अच्छा लगा और मैंने फौज में भर्ती होने का निश्चय किया। हालाँकि, उस समय मेरे घर की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी।

घर की आर्थिक परिस्थिति ठीक न होने के बावजूद आँचल ने अपने सपने को नहीं छोड़ा। नीमच के एच. एस स्कूल की छात्र, आँचल ने पूरी मेहनत से अपनी कक्षा में टॉप किया। उन्हें स्कालरशिप मिली और अपनी आगे की पढ़ाई उन्होंने उज्जैन की विक्रम यूनिवर्सिटी से की।

पढ़ाई के साथ-साथ आँचल स्पोर्ट्स में भी काफी अच्छी हैं। यूनिवर्सिटी में वे बास्केटबॉल टीम का हिस्सा रहीं। वे कहती हैं, “मुझे हमेशा से पता था कि मैं यह कर सकती हूँ।”

अपनी ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने नौकरी के लिए अप्लाई करना शुरू किया और साथ ही वे सरकारी सेवा की परीक्षा भी देती रहीं। उन्होंने पुलिस-सब इंस्पेक्टर की परीक्षा पास कर ली और ट्रेनिंग शुरू की। लेकिन इसके चलते उन्हें अपने डिफेंस में जाने के सपने के लिए पढ़ाई करने का वक़्त नहीं मिल पा रहा था।

इसलिए उन्होंने इसे छोड़कर, थोड़ा और इंतजार किया। जब श्रम निरीक्षक परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए, तो उन्होंने इसके लिए जाने का फैसला किया, क्योंकि काम यहां पर आसान था और वायुसेना आम प्रवेश परीक्षा (एएफसीएटी) के लिए तैयारी करने का भी वक़्त उनके पास होता था।

एएफसीएटी पास करना आसान नहीं था। पांच बार इंटरव्यू राउंड से बाहर निकले जाने के बाद, आखिरकार छटी बार में उनका चयन हो गया । 7 जून को घोषित हुए नतीजों के बाद आंचल की ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। जबसे परिणाम आया हैं लोग उन्हें मुबारक बात दे रहे हैं।

Advertisement

परीक्षा के लिए बैठने वाले 6 लाख छात्रों में से, आंचल गंगवाल देश भर के 22 छात्रों में से एक हैं जिनका चयन हुआ है। वह 22 प्रतिभागियों में चुनी गयी पांच लड़कियों में से एक है और मध्य प्रदेश से चयनित होने वाली अकेली प्रतिभागी हैं।

उनकी उपलब्धि के प्रशंसकों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल हैं, जिन्होंने उन्हें ट्विटर पर बधाई दी। महिला और बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने उनके घर जाकर उन्हें मुबारकबाद दी।

हालाँकि, इस वक़्त सबसे ज्यादा गर्वित उनके पिता सुरेश गंगवाल हैं जो नीमच बस स्टैंड पर चाय की दुकान चलाते हैं। “अब क्षेत्र में हर कोई मेरे ‘नामदेव चाय स्टॉल’ के बारे में जानता है, और जब लोग आते हैं और मुझे बधाई देते हैं तो मुझे बहुत खुशी होती है,” उन्होंने बताया

सुरेश ने कभी भी आँचल समेत अपने तीनों बच्चों की पढ़ाई में कोई रूकावट नहीं आने दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने आँचल को इंदौर कोचिंग के लिए भेजने के लिए ऋण लिया था और साथ ही उनका बेटा भी इंजीनियरिंग कर रहा है और सबसे छोटी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ रही है।

30 जून से आँचल का प्रशिक्षण हैदराबाद में शुरू होगा। यक़ीनन, वह पूरी मेहनत से अपने स्वप्न को सच करेंगीं। तो यदि अगली बार आप कभी भी जीवन की कठिनाइयों से हारा हुआ महसूस करें तो आँचल की कहानी से प्रेरणा लें और अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ें।

मूल लेख: जोविटा अरान्हा


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे।

Advertisement
close-icon
_tbi-social-media__share-icon