in

सब्ज़ियों का रस – लाभ, हानि और सावधानियां!

फोटो: यूट्यूब

मारे यहां हरी सब्ज़ियों का रस पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। पर सही तरीके से न पीने से कभी-कभी यह हमारे शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकते हैं। अक्सर आपने लोगों को सुबह पार्क में टहलने के बाद करेला आदि का जूस पीते देखा होगा, तो क्या आप मानेंगे कि पिछले साल पुणे में एक महिला की मौत लौकी का रस पीने से हुई।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 12 जून, 2018 को उस महिला ने लौकी का रस पिया था, जिसके बाद उसे उल्टियां और दस्त हुए। धीरे-धीरे तबियत और बिगड़ गयी। बाद में पता चला कि लौकी का रस जहरीला था। दरअसल, लौकी का रस निकालने से पहले जाँच करनी चाहिए थीं कि लौकी कड़वा तो नहीं है।

हरी सब्ज़ियाँ जैसे लौकी, खीरा, करेला आदि में कुकुरबिटासिन नामक तत्व होता है, जो हमारे शरीर में जहर फैला सकता है। यदि सब्जी की बिना जांच के आप उसका रस पी रहें हैं तो यह खतरनाक हो सकता है।

Promotion

गाजर, पालक आदि का रस भी यदि अत्यधिक मात्रा में पिया जाये तो शरीर को हानि पहुंचाता है। आँखों के लिए उपयुक्त बताये जाने वाला गाजर का रस अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में शुगर बढ़ा देता है, जिससे हमारी त्वचा का रंग नारंगी हो सकता है। इसके अलावा यदि आप गोभी का सेवन अत्यधिक मात्रा में करते हैं, तो किडनी संबंधित परेशानियाँ हो सकती है।

तो यदि आप सब्ज़ियों के रस पीने के शौक़ीन हैं तो बिल्कुल पीजिये, लेकिन अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए और ज़रूरी सावधानियों के साथ। कहते हैं न अति किसी भी चीज़ की बुरी होती है।

( संपादन – मानबी कटोच )


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ बांटना चाहते हो तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखे, या Facebook और Twitter पर संपर्क करे।

शेयर करे

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत को सहेज रहे हैं ये आठ विदेशी कलाकार!

देश का पहला ऑक्सी रीडिंग ज़ोन छत्तीसगढ़ के रायपुर में – शिक्षा के क्षेत्र में एक बेमिसाल पहल!