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बिना कोचिंग, बने IPS अधिकारी, अब जम्मू-कश्मीर के युवाओं को दिखा रहे नई राह

IPS Hero: एक आईपीएस अधिकारी का मूल कर्तव्य समाज में कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करना होता है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में तैनात आईपीएस संदीप चौधरी अपने पहल ‘ऑपरेशन ड्रीम्स’ के तहत, ऐसे छात्रों को निःशुल्क कोचिंग देते हैं, जो सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते हैं।

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एक आईपीएस अधिकारी का मूल कर्तव्य समाज में कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करना होता है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एसएसपी के रूप में तैनात आईपीएस संदीप चौधरी अपने प्रयासों से राज्य के युवाओं को एक नई राह भी दिखा रहे हैं।

आईपीएस संदीप, अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर अपने पहल ‘ऑपरेशन ड्रीम्स’ के तहत, हर दिन ऐसे छात्रों को निःशुल्क कोचिंग देते हैं, जो सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते हैं।

इसके बारे में संदीप ने द बेटर इंडिया को बताया, “मैंने ऑपरेशन ड्रीम्स की शुरूआत साल 2018 में सब इंस्पेक्टर परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के साथ की। यह मेरा एक छोटा सा प्रयास है, ताकि ये युवा अपने जीवन में नई ऊँचाइयों को हासिल कर सकें।” 

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आईपीएस संदीप चौधरी

बता दें कि आईपीएस संदीप ने इस पहल की शुरूआत साउथ जम्मू स्थित अपने तत्कालीन ऑफिस से की थी। आरंभ में छात्रों की संख्या 10 थी, जो देखते ही देखते 150 हो गई। जिसके बाद, छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए कोचिंग को जम्मू के कम्युनिटी हॉल में  स्थानांतरित करना पड़ा। यहाँ कक्षाएँ सुबह 8 से 10 बजे तक आयोजित की जाती थीं।

आईपीएस संदीप के इस मेहनत और समर्पण ने रंग लाई और जेकेपी एसआई परीक्षा में उनके 38 छात्रों ने सफलता हासिल की। वहीं, एक छात्र ने यूजीसी जेआरएफ परीक्षा को क्रैक किया और वह फिलहाल, पीएचडी करने के साथ ही यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। एक अन्य छात्र ने यूपीएससी के इंटरव्यू में हिस्सा लिया और उन्होंने हाल ही में केएएस परीक्षा में सफलता अर्जित की।

खुद भी कई परीक्षाओं में हासिल कर चुके सफलता

आईपीएस संदीप कहते हैं, “जब मैं महज 16 साल का था तो 12वीं की परीक्षा के पाँच दिन पहले मेरे पिता जी का निधन हो गया। इसके बाद जिंदगी आसान नहीं थी। लेकिन, मैंने हिम्मत नहीं हारी। बाद में, इग्नू (पत्राचार) के माध्यम से बीए और एमए करने के बाद करीब 5 वर्षों तक डाकघर में क्लर्क के रूप में काम किया। मैंने पहले प्रयास में यूपीएससी क्लियर करने से पहले नाबार्ड में एक प्रोबेशनरी ऑफिसर और भारतीय स्टेट बैंक में सहायक प्रबंधक के रूप में काम किया।”

वह आगे बताते हैं, “मेरा मानना है कि किसी भी परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए सेल्फ स्टडी पर्याप्त है। कोचिंग और टेलर मेड स्टडी मैटेरियल महज एक बिजनेस है। इसकी वजह से संसाधन विहीन पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र काफी हतोत्साहित होते हैं।”

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छात्रों को कोचिंग देते आईपीएस संदीप चौधरी

आईपीएस संदीप कहते हैं कि ऑपरेशन ड्रीम्स का प्रयास युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने के लिए सेल्फ-स्टडी आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रेरित करना है। 

“मैंने सेल्फ स्टडी के जरिए 6 बैंक पीओ, पंजाब सिविल सर्विसेज, एसएससी, नाबार्ड, आरबीआई, यूजीसी नेट, सीएपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट और यूपीएससी एग्जाम क्लियर किए,” संदीप कहते हैं।

ओपन सोर्स का करते हैं भरपूर इस्तेमाल

संदीप कहते हैं, “ऑपरेशन ड्रीम्स के तहत जानकारी हासिल करने के लिए बुकोज, विकिपीडिया, बीबीसी आईप्लेयर और एनसीईआरटी जैसे ओपन सोर्स का इस्तेमाल किया जाता है।”

वह बताते हैं कि साल 2018 में उनका तबादला एसएसपी के रूप में शोपियां में हो गया। यहाँ स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण थी, इस वजह से ऑपरेशन ड्रीम्स कक्षाएं संक्षिप्त अवधि के लिए आयोजित की गई थी।

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संदीप आगे बताते हैं, “मेरी फरवरी 2020 में अनंतनाग के एसएसपी के रूप में तैनाती हुई। यहाँ कोचिंग को चलाने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। लेकिन, कोरोना महानारी की वजह से कक्षाओं को गूगल मीट के जरिए आयोजित करना पड़ा।”

इसके तहत, हर रविवार को ऑनलाइन कक्षाएँ आयोजित की जाती थी। जिसमें राज्य के कई हिस्से से 70 – 80 छात्र हिस्सा लेते थे।

संदीप कहते हैं, “ऑनलाइन माध्यमों की अपनी चुनौतियाँ हैं, क्योंकि इसके जरिए छात्रों को प्रेरित करने के लिए मानवीय तत्वों की कमी होती है। इसलिए हमने ऑफलाइन क्लास आयोजित करने का फैसला किया। जिसमें 45-50 छात्र हिस्सा लेते हैं।”

आईपीएस संदीप की योजना जल्द ही दैनिक आधार पर कक्षाओं को आयोजित करने की है, क्योंकि कोचिंग में छात्रों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।

छात्रों को अपने सपनों के पीछे भागने के लिए करते हैं प्रेरित

आईपीएस संदीप बताते हैं, “पिता जी के गुजरने के बाद जिंदगी में कई कठिनाइयाँ आईं, लेकिन मैंने कभी अपने सपनों का पीछा करना नहीं छोड़ा। मैं ऑपरेशन ड्रीम्स के तहत छात्रों को हमेशा परिस्थितियों से लड़ कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता हूँ।”

वह आगे बताते हैं, “जैसा कि मैंने खुद भी कई प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है, तो मेरी कक्षाएँ काफी परीक्षा-उन्मुख होती हैं। मैं सुनिश्चित करता हूँ कि परीक्षा से पहले छात्रों के सभी जरूरी विषयों की तैयारी हो जाए।”

सबसे गौरवशाली क्षण

आईपीएस संदीप बताते हैं, “मेरे लिए अब तक का सबसे गौरवशाली क्षण यह है कि पिज्जा डिलीवरी बॉय के रूप में काम करने वाले मेरे एक छात्र, मोईन खान, ने एसआई की परीक्षा पास कर ली। उन्होंने अपनी पूरी तैयारी ऑपरेशन ड्रीम्स के माध्यम से की। आज वह जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं।” 

द बेटर आईपीएस अधिकारी संदीप चौधरी के जज्बे को सलाम करता है।

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Written by कुमार देवांशु देव

राजनीतिक और सामाजिक मामलों में गहरी रुचि रखनेवाले देवांशु, शोध और हिन्दी लेखन में दक्ष हैं। इसके अलावा, उन्हें घूमने-फिरने का भी काफी शौक है।

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