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वीडियो : घर-घर काम करने वाली दीपिका म्हात्रे है मुंबई की पसंदीदा स्टैंड-अप कॉमेडियन!

फोटो: दीपिका म्हात्रे/डीएनए इंडिया

दिपिका म्हात्रे एक स्टैंड-अप कॉमेडियन, जिनका हाल ही में प्रसिद्द कॉमेडियन अदिति मित्तल की यूट्यूब सीरीज़ ‘बैड गर्ल्स’ में एपिसोड आया है। दिपिका म्हात्रे इस एपिसोड में कहती हैं कि लोग जो समझते हैं वही उनकी पहचान होती है। पर ऐसा नहीं है क्योंकि दीपिका की पहचान सिर्फ एक स्टैंड-अप कॉमेडियन की नहीं बल्कि उनकी पहचान के कई रूप हैं, घर-घर खाना बनाने वाली घरेलु सहायक या फिर मुंबई की लोकल में ज्वेलरी बेचने वाली।

मुंबई की एक मिडिल-क्लास परिवार से आनेवाली 43 वर्षीय दिपिका अपने पति और तीन बेटियों के साथ नाला सपोरा में रहती हैं। उनका दिन सुबह चार बजे से शुरू हो, आधी रात तक खत्म होता है। सुबह चार बजे से ट्रेन में ज्वेलरी बेचना और फिर 7:30 से मलाड के पांच घरों में खाना बनाना। अगर कोई स्टैंड-अप कॉमेडी शो न हो तो वे 4 बजे अपने घर के लिए निकलती हैं वर्ना फिर से काम, जो अक्सर आधी रात तक चलता है।

दीपिका हमेशा अपनी ज़िन्दगी और काम में ही लोगों को हंसाने के वाक़ये ढूंढ लेती हैं। इसीलिए पिछले साल ‘महिला दिवस’ पर पिटारा स्टूडियो की एक प्रतियोगिता में उन्होंने न केवल आम लोगों का बल्कि वहां आयी मशहूर कॉमेडियन अदिति मित्तल का भी दिल जीत लिया। अदिति के साथ एक साल की ट्रेनिंग के पश्चात् उन्हें ‘बैड गर्ल्स’ सीरीज में फीचर किया गया है।

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इस एपिसोड में दिपिका कहती हैं कि अक्सर कॉमेडियन अपनी बाई के किस्से सुनाते हैं पर आज एक बाई अपने साहिब-मैडम के किस्से सुनाएगी। आप उनका एपिसोड देख सकते हैं,  जिसके लिए अदिति मित्तल कहती हैं, “….हम इतिहास बनाने जा रहे हैं।”

इसके अलावा आप दिपिका की कहानी उन्हीं की जुबानी भी सुन सकते हैं। जी हाँ, रेडियो सिटी इंडिया के कार्यक्रम ‘आम आदमी की खास कहानी’ में,

दिपिका म्हात्रे यक़ीनन बहुत से लोगों के लिए प्रेरणा हैं। हम उम्मीद करते हैं कि लोग भी उनकी तरह ज़िन्दगी और समाज के प्रति सकारत्मक नजरिया रखें, क्योंकि आपकी सकारत्मक सोच बहुत कुछ बदल सकती है।


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

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