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अक्टूबर में बोएं इनके बीज और सर्दियों में खाएं ताज़ा सब्ज़ियां

अक्टूबर में बोएं इनके बीज और सर्दियों में खाएं ताज़ा सब्ज़ियां

अक्टूबर का महीना इन सब्जियों के बीज लगाने के लिए सबसे ज़्यादा उपयुक्त है।

सर्दी का मौसम आने वाला है। बाजार में हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ ही मौसमी फलों की मांग बढ़ने लगती है। ऐसे में अक्टूबर के शुरूआती हफ्ते में ही हरी सब्जियों की बुआई शुरू कर देनी चाहिए। दरअसल सर्दियों के लिए हरी और पौष्टिक सब्जियों को बोने का सबसे सही समय अक्टूबर ही है। यदि आप किचन गार्डनिंग करते हैं तो सर्दी के मौसम के लिए हरी सब्जी लगाने की तैयारी आज से ही शुरू कर दें।

लखनऊ में पिछले 4 सालों से टेरेस गार्डनिंग कर रहे अंकित बाजपेई हमें बता रहे हैं कि अक्टूबर में किस तरह की सब्जी उगाई जा सकती है। साथ ही किस सब्ज़ी को उगाते समय क्या ध्यान में रखने की ज़रूरत है। अंकित कहते हैं, “अगर आप गार्डनिंग में नए हैं तो सुझाव यही है कि आप हरी पत्तेदार सब्जी जैसे मेथी, पालक और धनिया से शुरुआत करें। इन्हें उगाने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत की ज़रूरत नहीं होती है। इसके बाद आप और सब्जी जैसे प्याज, लहसुन, पत्ता गोभी, मटर, गाजर, मूली आदि उगा सकते हैं।”

अंकित का सुझाव है कि यदि आपके इलाके का तापमान 30 डिग्री से कम होने लगा है तो आप प्याज, लहसुन, पत्ता गोभी, मटर, गाजर, मूली जैसी सब्ज़ियों की बुआई शुरू कर सकते हैं। बुआई से पहले पॉटिंग मिक्स बनाने के लिए आप मिट्टी में रेत और गोबर की खाद या फिर वर्मी कंपोस्ट मिलाकर तैयारी शुरू कर सकते हैं। याद रहे कि इसमें मिट्टी 30%, रेत 30% और कंपोस्ट 40% होना चाहिये। इसमें आपको पर्लाइट और वर्मीक्यूलाइट मिलाना होगा ताकि पोषक तत्व बढ़ें। आपका पॉटिंग मिक्स तैयार है।

जानिए कौन-कौन से बीज लगा सकते हैं:

1. मेथी:

मेथी को आप अपने घर पर रखे मेथी के बीजों से ही लगा सकते हैं। सर्दियों में आपको मेथी के अच्छे पत्तों की फसल मिलेगी, जिससे आप मेथी के पराठे, सब्ज़ी आदि बना सकते हैं।

  • सबसे पहले मेथी के बीजों को 24 घंटे भिगो कर रखें।
  • मिट्टी में आप कोकोपीट या फिर रेत और खाद मिला सकते हैं। अच्छी उपज के लिए आप थोड़ा-थोड़ा वर्मीक्युलाईट और पर्लाईट भी मिला सकते हैं।
  • अब आप या तो ऊँगली से लाइन बनाकर मिट्टी में डाल सकते हैं या फिर सीधा बुरक सकते हैं और इनके ऊपर हल्की-हल्की मिट्टी डाल दें।
  • अब आप ऊपर से पानी का स्प्रे करें।
  • ध्यान रहे कि मिट्टी बहुत ज्यादा न सूखे नहीं तो बीज खराब हो जाएंगे।
  • एक हफ्ते में बीज अंकुरित हो जाएंगे और आपको सैप्लिंग दिखने लगेंगे।
  • लगभग 15-20 दिन में पौधे और बड़े हो जाएंगे।
  • पौधों में नियमित पानी देने के साथ-साथ आप हर 15 दिन में सरसों खली का लिक्विड स्प्रे बनाकर पौधों को दे सकते हैं।

लगभग डेढ़ महीने में मेथी इतनी बड़ी हो जाएगी कि आप इसके ऊपर के पत्ते काटकर इस्तेमाल कर पाएंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसके ऊपर से पत्ते काटेंगे तो थोड़े दिन बाद यह और बढ़ जाएगी। इस तरह से सीजन में आप कई बार मेथी उपज ले पाएंगे।

वीडियो देखें:

2. पालक:

सर्दियां आते ही घर में पालक के पराठे, रोटियाँ और पालक का साग बनना शुरू हो जाता है। मेरे घर में तो कढ़ी में भी पालक डाला जाता है नहीं तो पालक के पकौड़े बनाए जाते हैं। लेकिन बाहर से मिलने वाले पालक में आधे से ज्यादा घास-फूस निकलती है और इसे साफ़ करना भी एक काम हो जाता है। इसलिए सबसे बेस्ट तरीका है घर पर ही जैविक पालक उगाना, तो जानिए कैसे उगा सकते हैं?

आपको इसके लिए पालक के बीज लाने होंगे। पालक उगाने के लिए सबसे सही तापमान है 20 से 30 डिग्री के बीच। आप बारिश के मौसम में, फिर सितंबर से नवंबर के महीने में और फिर फरवरी के अंत में भी पालक उगा सकते हैं।

  • पालक के बीजों को आप सीधा बो सकते हैं या फिर 12 से 24 घंटे पानी में भिगोने के बाद भी इन्हें लगा सकते हैं।
  • सबसे पहले आप गमले में तैयार मिट्टी पर पानी का स्प्रे करें ताकि यह हल्की-हल्की गीली हो जाए।
  • अब चारों तरफ बीज डाल दें और ऊपर से थोड़ा और पॉटिंग मिक्स डाल दें।
  • इसके ऊपर फिर से पानी से स्प्रे करें।
  • हफ्ते भर में पालक के पौधे उगने लगते हैं।
  • लगभग एक महीने के बाद आपको पालक को उर्वरक देना चाहिए।

“हम जब कम जगह में हरी सब्जी उगाते हैं तो कोशिश करें कि आप ऑर्गेनिक स्प्रे डालें। आप बाहर से लेने की बजाय गोबर के उपलों को पानी में डालकर भी स्प्रे बना सकते हैं। या फिर आप नीमखली या सरसों की खली को पानी में मिलाकर पौधों को दे सकते हैं,” उन्होंने आगे कहा।

  • लगभग डेढ़ महीने में आपकी पालक तैयार हो जाएगी और आप इसके ऊपर के पत्ते निकालकर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके बाद आप और कई बार हार्वेस्ट ले सकते हैं और अगर आप पौधे पूरे मैच्योर होने के बाद निकालते हैं तो आपको बीज भी मिल जाते हैं।

अंकित कहते हैं कि हार्वेस्ट करने के बाद आप हल्का सा पानी बाकी बचे पौधों को दें और इसके तीन-चार दिन बाद ऑर्गेनिक स्प्रे करें, इससे और अच्छा उत्पादन मिलेगा।

वीडियो देखें:

3. हरे प्याज का साग या स्प्रिंग ऑनियन:

आप अपने घर में उपलब्ध प्याज से भी यह उगा सकते हैं। अंकित कहते हैं कि हरे प्याज उगाने का फायदा यह होता है कि इसमें आपको साग तो मिलता ही है, साथ ही, आपको मौसम के अंत में बीज भी मिल जाते हैं। जिन्हें आप अगले सीजन के लिए रख सकते हैं।

Winter Vegetables in October

  • सबसे पहले अपने घर से चार-पाँच प्याज लें और ध्यान रहे कि प्याज अच्छी क्वालिटी की हो।
  • इनके छिलके को उतारे बिना ही, बस जड़ वाले हिस्से को काट लें। यह वही हिस्सा होता है जिसे अक्सर हम कचरे में फेंक देते हैं।
  • प्याज की कटिंग लेकर आप अपना पॉटिंग मिक्स तैयार करें।

अंकित कहते हैं कि आप जो भी गमला या प्लांटर इस्तेमाल करें, ध्यान रहे कि उसका ड्रेनेज अच्छा हो। इसमें पानी ठहरना नहीं चाहिए क्योंकि अगर पानी ठहरा तो प्याज खराब हो जाएगी।

  • अब गमले में तैयार मिट्टी में हल्का सा गड्ढा करके उसमें प्याज की कटिंग को लगा दें। ध्यान रहे कि जड़ वाला हिस्सा नीचे की तरफ रहे और अब ऊपर से इन्हें मिट्टी से ढक दें।
  • अब पानी स्प्रे करें।
  • जब आपको मिट्टी सूखी लगने लगे तब ही पानी दें। अनावश्यक पानी न दें।
  • लगभग एक महीने में आपके हरे प्याज बढ़ने लगेंगे।

आप इससे कई बार हरा साग हार्वेस्ट कर सकते हैं! इसके साथ ही आप बोतल में कैसे हरे प्याज का साग उगा सकते हैं, यह इस वीडियो में देखें:

4. लहसुन:

प्याज के साथ-साथ लहसुन भी लगभग हर सब्ज़ी में इस्तेमाल होता है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे भी आप लहसुन की जड़ से ही उगा सकते हैं। लहसुन को अक्टूबर या नवंबर में उगाया जाता है।

  • सबसे पहले एक कोई अच्छा-सा लहसुन लें और फिर सीडलिंग तैयार करने के लिए गमले में पॉटिंग मिक्स तैयार करें।
  • अब इसमें पानी डालें और ध्यान रहे कि गमले में अच्छा ड्रेनेज सिस्टम हो।
  • अब लहसुन की कुछ कलियाँ लें और उन्हें मिट्टी में लगा दें।

ध्यान रहे कि जड़ वाला हिस्सा नीचे की तरफ रहे और इन्हें मिट्टी में दबा दें।

  • ज़रूरत के हिसाब से पानी दें।
  • 20 दिनों में आपके पौधे तैयार हो जाएंगे और अब इन्हें ट्रांसप्लांट करें।
  • अलग-अलग गमलों में पौधों को लगाने के बाद इनमें पानी और लिक्विड स्प्रे देते रहें।

लगभग एक-डेढ़ महीने में पौधे बढ़ने लगेंगे और दो ढाई महीने में आपको उपज मिलेगी!

वीडियो देखें:

5. ब्रोकोली:

सितंबर से लेकर नवंबर तक आप ब्रोकॉली उगा सकते हैं। आप बीज से यह उगा सकते हैं। सबसे पहले आप ऐसा गमला लें जिसमें अच्छा ड्रेनेज सिस्टम हो।

  • पॉटिंग मिक्स तैयार करके आप बीज बुरक दें और फिर इन्हें हल्का सा दबा दें।
  • अब एक मिट्टी की लेयर डालने के बाद हल्का सा पानी स्प्रे करें।

Winter Vegetables in October

“इसके लिए ऐसी जगह चुनें जहाँ बहुत ज्यादा धूप न आती हो। सीधे धूप इसके लिए सिर्फ 2 घंटे पर्याप्त हैं। पानी भी आप ज़रूरत के हिसाब दें,” उन्होंने कहा।

  • लगभग 10 दिनों बाद पौधे उगने लगेंगे और अब आप इसे धूप में रख सकते हैं।
  • लगभग 20 दिन बाद आप इन पौधों को दूसरे गमलों में ट्रांसप्लांट कर सकते हैं।
  • एक गमले में आप एक ही पौधा लगाएं ताकि ब्रोकॉली अच्छे से ग्रो करें।
  • पौधों को ट्रांसप्लांट करें और ध्यान रहे कि अब ब्रोकॉली के पौधे को ट्रांसप्लांट करने के 4 दिन बाद सीधी धूप चाहिए तो सही जगह का चुनाव करें।
  • अब हर 15-20 दिन में पौधों को जैविक उर्वरक देते रहें ताकि पोषण अच्छा हो।
  • लगभग 3 महीने बाद हार्वेस्ट करने के लिए आपकी ब्रोकॉली तैयार होगी।

वीडियो देखें:

अंकित आगे कहते हैं कि टमाटर, फूलगोभी, हरी मिर्च, शिमला मिर्च जैसे सब्जियों की सीडलिंग अगर आपने सितंबर में नहीं की है तो वह भी आप अभी कर सकते हैं। यह मौसम इन्हीं सब सब्जियों का है तो आप अलग-अलग बैच में थोड़े-थोड़े दिन के अन्तराल पर अगर सब्जियां बोयेंगे तो आपको सर्दियों के पूरे सीजन सब्जियां मिलेंगी!

यहाँ पढ़िए कैसे बो सकते हैं टमाटर, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, बैंगन और फूलगोभी के बीज!

तो देर किस बात की, आप भी अपने गमले में या फिर खुली जगह में सर्दी के मौसम के लिए हरी सब्जी उगाने की तैयारी शुरू कर दें।

यदि आप गार्डनिंग के संबंधित किसी ख़ास विषय पर जानकारी चाहते हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं!

हैप्पी गार्डनिंग!!!


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निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.
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