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गुरुग्राम: जॉब छोड़कर घर से शुरू किया बेकरी बिज़नेस, अब प्रतिदिन कमातीं हैं 10 हज़ार रूपये

आज इला केक, कुकीज, चॉकलेट्स, ग्लूटेन फ्री ब्रेड, डेसर्ट, आर्टिसनल ब्रेड जैसे बेकरी प्रोडक्ट की 40 से अधिक किस्में समेत अन्य स्वादिष्ट आइटम जैसे पैटी, स्टफ्ड बन्स, पिज्जा और गिफ्ट हैम्पर की पूरे एनसीआर में डिलीवरी करती हैं।

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सोशल मीडिया के जमाने में दुनिया अपनी मुट्ठी में हो गई है। ऐसे में घर से बिजनेस शुरू करना बहुत आसान हो गया है। लेकिन कुछ पल थमकर जरा उस वक्त के बारे में सोचिए और कल्पना कीजिए जब सोशल मीडिया नहीं था। उस वक्त आपके काम को लाइक और शेयर करने वाला कोई नेटवर्क मौजूद नहीं था। ऐसे ही दौर में  गुरुग्राम की रहने वाली इला प्रकाश सिंह ने अपनी बेकरी का काम शुरू किया था।

इला ने उस जमाने में ही अपना होम कैटरिंग और बेकिंग इंटरप्राइज शुरु किया, जिस समय सोशल मीडिया लोगों की पहुँच से कोसों दूर था। 48 साल की इला को शुरूआती दिनों में काफी संघर्ष और चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन सोशल मीडिया के आने के बाद उनके बेकरी बिजनेस को नए पंख लग गए।

इला मणिपाल के वेलकम ग्रुप ग्रेजुएट स्कूल ऑफ होटल एडमिनिस्ट्रेशन (WGSHA) से होटल मैनेजमेंट में ग्रेजुएट हैं। उन्होंने 2007 में गुरुग्राम में अपने होम बेकरी वेंचर Truffle Tangles की शुरुआत की।

इला ने लगभग 5,000 रुपये के निवेश से अपना बिजनेश शुरू किया था और आज वह करीब 10,000 रुपये हर दिन कमाती हैं।

आज वह केक, कुकीज, चॉकलेट्स, ग्लूटेन फ्री ब्रेड, डेसर्ट, आर्टिसनल ब्रेड जैसे बेकरी प्रोडक्ट की 40 से अधिक किस्में समेत अन्य स्वादिष्ट आइटम जैसे पैटी, स्टफ्ड बन्स, पिज्जा और गिफ्ट हैम्पर की पूरे एनसीआर में डिलीवरी करती हैं।

कैसे हुई Truffle Tangles की शुरूआत

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इला व उनके पति

मणिपाल से स्नातक करने के बाद इला ने एक दशक तक हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में काम किया। उन्होंने बेंगलुरु में विंडसर मैनर शेरटन होटल से अपने करियर की शुरुआत की। फिर दो साल चेन्नई के चोल शेरेटन में काम करने के बाद वह कोलकाता के ‘ताज बंगाल’ चली गईं, जहाँ उन्होंने सेल्स और मार्केटिंग डिवीजन में करीब पाँच साल बिताए।

इसके बाद इला ने शादी कर ली और पति के साथ गुरुग्राम आ गईं। माँ बनने के बाद वह दो-ढाई साल तक घर पर रहीं और बच्चों की देखभाल करती रहीं। इला मल्टी-लेवल मार्केटिंग से लेकर एमवे, ओरिफ्लेम और ऐसे कई अन्य कंपनियों के साथ काम कर चुकी थीं। इस दौरान इला को इस बात का अहसास हुआ कि यह सब उनके बस की बात नहीं है और उन्हें कुछ नया करना है।

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लगभग एक दशक पहले कुछ ऐसा केक बनाया था इला ने

इला ने अपने मित्र और पड़ोसी मनमीत कुमार से बातचीत के दौरान कुछ करने की इच्छा जाहिर की। मनमीत बताते हैं, “मैंने ताज में इला के साथ काम किया था और जानता था कि वह अपने काम को लेकर कितनी जुनूनी थी। कुछ साल बाद जब मैं गुरुग्राम में उनसे मिला तो उसके जुड़वा बच्चे हो चुके थे। मुझे उसकी बात याद है, वह कुछ करने के लिए उत्साहित थी।”

मनमीत ने ही इला को बिजनेस शुरू करने की सलाह दी। उन्होंने कहा,  “मुझे पता था कि वह सफल होगी क्योंकि वह बहुत करीने से काम करती है। खाने के साथ भी उसका एक अलग अनुभव था और उसके लिए अपने ग्राहक की संतुष्टि बहुत जरूरी थी। वह घर बैठकर समय बिताने वाली महिलाओं में से नहीं थी। मैं उसकी तरक्की देखकर काफी खुश हूँ।”

इला ने उठाए छोटे-छोटे कदम

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इला के बनाये बेकरी आइटम

इला कहती हैं, “जब मैंने बिजनेस शुरु किया तो पहले से कोई मेन्यू निर्धारित नहीं था और न ही कोई योजना थी। मैंने खुद ही पोस्टर बनाया और काम शुरू कर दिया। मैं विंडसर मैनर शेरेटन में अपने काम के दिनों के दौरान जो रेसिपीज़ बनाती थी, इसी से मैंने शुरूआत की। अपने अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स के चारों ओर जाती थी और उस पर अपने कॉन्टैक्ट डिटेल के साथ विज्ञापन चिपकाती थी।”

शुरूआत में इला को जन्मदिन की कई पार्टियों का ऑर्डर मिला। जिसमें उन्होंने खाना और केक सहित पूरा मेनू तैयार किया।  कई ऑर्डर उसके अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स से मिले थे जिससे उन्हें बाहर निकलने और अपने बिजनेस  को थोड़ा और बढ़ाने का विश्वास मिला।

पेटिसरी को बढ़ाने का एक मौका

इला कहती हैं, “ एक ऐसा भी समय था जब शहर में शायद ही कोई पेटिसरी (पेस्ट्री और केक की दुकान) थी। इससे मेरा रास्ता काफी आसान हो गया। मेरे चॉकलेट ट्रफल केक लोगों को काफी पसंद आए और इससे एक बढ़िया शुरूआत हुई। इस तरह मैंने बेकिंग का काम करना शुरू किया।”

इला के Truffle Tangles के कुछ बेस्टसेलर डिशेज में ट्रफ़ल केक, फ्रूट केक, वालनट ब्राउनी, प्लम केक, स्टफ्ड बन्स, पिज्जा और उनकी सिग्नेचर डिश मिष्टीडोई चीज़केक शामिल हैं।

मेले में लगाने लगीं फूड स्टॉल

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एक मेले के दौरान इला ला फूड स्टाल

इला को बहुत जल्द ही लगने लगा कि अपने ग्राहकों की सेवा करने और उनके साथ सीधे बातचीत करने का एक अलग ही आनंद है। उन्होंने गुरुग्राम में विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों में भाग लेना शुरू कर दिया, जिससे उन्हें अच्छी पहचान मिली।

वह कहती हैं, “जिन लोगों के लिए स्टॉल लगाने के लिए मैं इतनी मेहनत करती थी, उनसे मिलकर काफी खुशी होती थी। एक सीज़न में मैं लगभग 10 स्टॉल लगाती और एक स्टॉल के लिए गुडीज बनाने में लगभग तीन दिन लगते थे। आप सोच सकते हैं कि इस हिसाब से कितने दिन लगते होंगे।”

इला यह सब काम एक ऐसे समय में कर रही थीं जब उनके पास सिर्फ एक मिक्सर और ओवन था। “आप मुझे पुराने समय में वापस ले जा रहे हैं और मुझे यह सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं कि मैंने तब भी सब कुछ कैसे किया,” गुजरे दिनों को याद करते हुए इला कहती हैं।

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होम-बेकरी ही क्यों?

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इला की चॉकलेट व बेकरी आइटम खाकर आपके मुँह में पानी आ जायेगा

इला घर के बाहर भी काम कर सकती थी लेकिन उन्होंने घर पर रहकर काम करने का विकल्प चुना ताकि वह अपने जुड़वा बच्चों की देखभाल कर सके। वह कहती हैं, “जब मैंने अपना बिजनेस शुरू किया उस समय मुझे अपने बच्चों की देखभाल करनी थी और इसके लिए मुझे उनके पास रहना जरूरी था। अपने बिजनेस के साथ बच्चों के साथ समय बिताने का मौका मिल जाता था।  उन दिनों को याद कर खुशी मिलती है, मुझे अपने फैसले पर जरा भी पछतावा नहीं है। क्लास शुरू करने और बिजनेस को बढ़ाने के बहुत से मौके मिले लेकिन मैंने घर पर रहकर काम करने का विकल्प चुना क्योंकि मुझे अपने बच्चों को समय देना था।”

इला कहती हैं, “ऐसे भी दिन होते हैं जब मैं गुडीज को बेहतर बनाने के लिए लगभग 16 घंटे काम करती हूँ। मेहनत से ही संतुष्टि मिलती है।”

इला परफेक्शन की एक मिसाल हैं जो तैयारी से लेकर प्रूफिंग तक सबकुछ खुद ही करती हैं। वह कहती हैं, “मुझे याद नहीं कि पिछली बार मैंने कब ब्रेक लिया था। अगर मैं कभी ब्रेक लेती हूँ तो मुझे लगता है कि क्या कर रही हूँ।”

हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में काम का अनुभव होने के कारण इला लंबे समय तक बिना थके काम कर लेती हैं। उन्होंने कहा, “मुझे शुरू से ही काम की आजादी मिली। बेंगलुरू में विंडसर मैनर शेरेटन में पहली नौकरी की, वहाँ मैं अकेली महिला स्टाफ थी।” शुरूआत की नौकरी में लंबे समय तक काम के अनुभव, कठिन ट्रेनिंग और अनुशासन ने इला को उनके सफल बिजनेस में काफी मदद किया।

आज, वह दिन में आठ से पंद्रह घंटे तक बेकिंग और कुकिंग का काम करती हैं। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि उनके पास उस दिन के लिए कितने ऑर्डर हैं। “लॉकडाउन के दौरान जब अधिकांश बिजनेस मंद पड़ गए थे तब मैं सबसे ज्यादा और सबसे मेहनत वाला काम कर रही थी,” वह कहती हैं।

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खाली समय में इला एरियल योग करती हैं 

लॉकडाउन के दौरान इला के बारे में जानने वाली उनकी एक ग्राहक कावेरी गांगुली कहती हैं, “मुझे इला के बारे में पता चला, इसके लिए मैं जितना आभार जताऊं कम है। हमारे पूरे परिवार को बहुत अधिक बाहर जाना पसंद नहीं है, लॉकडाउन ने हमें घर में रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान इला और उनका फूड हमारे लिए सबसे अनोखा रहा। ” इला की वालनट ब्राउनी और ब्रेड, गांगुली के घर में सबसे ज्यादा पसंद की गई।

वह कहती हैं कि इला अपने काम को काफी ईमानदारी से करती हैं जो बहुत सराहनीय है। “मैं ऐसे कई पेशेवर बेकर्स को जानती हूँ जो किसी भी तरह से अपना फूड बेचने की कोशिश करते हैं लेकिन इला के प्रोफेशन में ऐसा नहीं दिखा। वह अपने काम के प्रति काफी ईमानदार हैं और आपको बताती है कि आपको कितना ऑर्डर देना चाहिए। ”

कोशा मैंगशो से लेकर मिष्टी दोई चीज़ केक तक

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यम्मी यम्मी मिष्टी दोई केक

देबांग्शु दास एक दशक से अधिक समय से इला को जानते हैं, वह कहते हैं, “मैं और मेरी पत्नी इला की कुकिंग के दीवाने हैं। आज भी अगर कोई ऑर्डर करना हो, तो हम केवल इला को बुलाते हैं।”

एक समय जब दास और उनकी पत्नी दोनों बीमार थे। उन्हें घर के बने पौष्टिक भोजन की जरूरत थी। तब उन्होंने कोशा मैंगशो से लेकर केक और पैटीज़ तक स्वाद चखा। जब उनके परिवार के पसंदीदा आयटम के बारे में पूछा गया तो वह तुरंत मिष्टी दोई चीज़केक का नाम लेते हैं। वह कहते हैं कि इसमें पूरी तरह से पारंपरिक मिष्टीदोई और चीज़केक का स्वाद आता है।

आगे बढ़ने की कहानी

अक्सर कहा जाता है कि पति की सफलता के पीछे महिलाओं का हाथ होता है। लेकिन इला को उनके पति राज ने काफी सहयोग किया। इला कहती हैं, “लॉकडाउन के दौरान अपने काम के अलावा मैंने घर के किसी भी काम में हाथ नहीं लगाया। कपड़े धोने से लेकर बच्चों की देखभाल करने, उन्हें पढ़ाई में मदद करने, घर की सफाई करने और साथ में ब्रेकफास्ट करने से सहित घर के सभी काम राज और बच्चों ने मिलकर किया।”

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अपने पति व बच्चों के साथ इला

लॉकडाउन के दौरान, राज ने इला के लिए डिलीवरी भी मैनेज की। लॉकडाउन के दौरान राज खुद फ़ूड डिलीवरी करते थे।

वह कहती हैं कि उन्होंने हरसंभव प्रयास किए जिससे रोजमर्रा के कामों का बोझ कम हो सके और इसके लिए डिशवॉशर, वॉशिंग मशीन, ड्रायर, घर को साफ करने के लिए एक रोबोट और हर साइज़ में पोछे तक खरीद के रख लिए।

बच्चों को लेकर माता-पिता को तनाव होना स्वाभाविक है। होम बिजनेस की वजह से बच्चों की देखभाल में परेशानी होती ही हैं। यही वजह है कि इला के बच्चे अब भी उनसे शिकायत करते हैं कि वह उन्हें समय नहीं देती हैं। इसके बारे में इला कहती हैं, “वीकेंड पर बच्चों का स्कूल बंद रहता है। लेकिन वही मेरे लिए सबसे व्यस्त दिन होता है और मैं उन्हें समय नहीं दे पाती हूँ। हालांकि, मैं जो करती हूँ, वह उसका दूसरा पहलू है। मुझे जो भी काम मिलता है, मैं उसके लिए ना नहीं कह सकती। मैं ऐसी ही हूँ। ”

इला अपने पिता की बात करते हुए भावुक हो जाती है। वह कहती हैं कि उनके पिता ने उन्हें हमेशा सही काम करने की सीख दी। “हमेशा सही काम करना चाहिए – भले ही आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने में समय लगे, लेकिन सही तरीके से करना चाहिए,” पिता के इन्हीं शब्दों से प्रेरित होकर उन्होंने अपना बिजनेस शुरू किया, जिसका पालन वह आज भी करती हैं।

यदि आप भी केक आदि के लिए ऑर्डर देना चाहते हैं या इला से संपर्क करना चाहते हैं तो आप उनके फेसबुक पेज के जरिए उन तक पहुँच सकते सकते हैं या 9818227512 पर कॉल कर सकते हैं। Truffle Tangles पूरे भारत में डिलीवरी करता है, ऑर्डर के लिए अभी कॉल करें।

मूल लेख- VIDYA RAJA

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Written by अनूप कुमार सिंह

अनूप कुमार सिंह पिछले 6 वर्षों से लेखन और अनुवाद के क्षेत्र से जुड़े हैं. स्वास्थ्य एवं लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर ये नियमित रूप से लिखते रहें हैं. अनूप ने कानपुर विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य विषय में स्नातक किया है. लेखन के अलावा घूमने फिरने एवं टेक्नोलॉजी से जुड़ी नई जानकारियां हासिल करने में इन्हें दिलचस्पी है. आप इनसे anoopdreams@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं.

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