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माँ-बाप ने पैदा होते ही छोड़ा, महिला कॉन्सटेबल ने अपना दूध पिला बचाई जान

फोटो: द हिन्दू

जूनियर कुमारस्वामी जब से इस दुनिया में आया है जीने के लिए संघर्ष कर रहा है। जिसे अपने ही माता-पिता ने छोड़ दिया, बंगलुरु पुलिस ने बचाया, एक महिला कॉन्स्टेबल ने अपना दूध पिलाया, और आखिर में कर्नाटक के मुख्यमंत्री के नाम पर उसका नाम रखा गया। यह नवजात शिशु बिना कुछ जाने ही जिंदगी की जद्दोज़हद से गुजर रहा है।

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार की सुबह कुमारस्वामी एक कचरा बीनने वाले को सेलिब्रिटी लेआउट, डोडादाथोगुरु में एक निर्माण स्थल पर एक झाड़ी के नीचे एक प्लास्टिक बैग में बंद मिला। उस ने पास में एक दुकानदार को इस बारे में सुचित किया।

दूकानदार ने पुलिस को जानकारी दी तो उप सब-इंस्पेक्टर नागेश तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।

उप सब-इंस्पेक्टर नागेश ने द हिन्दू को बताया, “बच्चा बहुत ही बुरी अवस्था में था। वह खून से लथपथ था और गर्भनाल को उसकी गर्दन के चरों और लपेटा हुआ था।” बच्चे को पास के ही अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।

उपचार के बाद, बच्चे को स्थानीय पुलिस स्टेशन ले जाया गया और उसे एक महिला कॉन्स्टेबल अर्चना की देखभाल में रखा गया। उस कमजोर और गतिहीन बच्चे को देख अर्चना को बहुत दुःख हो रहा था।

दरअसल, अर्चना का भी 3-महीने का एक बच्चा है और हाल ही में वे अपने मातृत्व अवकाश के बाद ड्यूटी पर आयी हैं। अर्चना ने बच्चे को अपना दूध पिलाने का निर्णय लिया। द हिन्दू के मुताबिक, इसके कुछ समय बाद ही बच्चे के रोने की आवाज पुलिस स्टेशन में गूंजने लगी।

इसके बाद ही एएसआई नागेश पास की दुकान से बच्चे के लिए नए कपडे लाये और उसका नामकरण किया। “अब यह सरकार का बच्चा है। इसलिए हमने उसका नाम कुमारस्वामी रखा है और अब इसकी देखभाल सरकार ही करेगी,” एएसआई ने बताया।

बच्चा अब होसूर रोड पर शिशु मंदिर अनाथालय की देखभाल में है।

इलेक्ट्रॉनिक सिटी पुलिस ने इस बच्चे को बचाया, पर महिला कॉन्स्टेबल अर्चना ने उसे अपना दूध पीला नया जीवनदान दिया। बेंगलुरू पुलिस के प्रयासों के वजह से आज यह बच्चा जीवित है।


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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