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10 साल तक बच्चन परिवार का इंतज़ार करने के बाद आखिर गांववालों ने खुद पैसे जमा कर खोला कॉलेज!

ब आम लोग साथ में मिलकर साधन जुटाते हैं तो यक़ीनन कोई न कोई कमाल करते हैं। यह कहानी है उत्तर प्रदेश के रिहायशी इलाके बारांबकी की।

लगभग दस साल पहले बारांबकी में अभिनेता अमिताभ बच्चन जी ने श्रीमती ऐश्वर्या बच्चन कन्या महाविद्यालय की आधारशिला रखी थी। साथ ही दौलतपुर पंचायत को कॉलेज के निर्माण के लिए 10 बीघा जमीन भी दान दी थी। गांव को उन्होंने 5 लाख रूपये भी दिए।

और दस साल बाद, उसी गांव में आज कॉलेज खड़ा है। पर इस कॉलेज के निर्माण का श्रेय बच्चन परिवार को नहीं बल्कि उन गांव वालों को जाता है जिन्होंने कॉलेज के निर्माण के लिए चंदा इकट्ठा कर धनराशि एकत्रित की।

सत्यवान शुक्ला नाम के एक व्यक्ति ने इस ईमारत के निर्माण की पहल की और धीरे-धीरे बाकि गांववालें भी उनके साथ मिल गए। जो जितना भी दे सकता था सब ने दिया। जैसे कि राममिलन शुक्ला जी ने 13 एकड़ जमीन दी और कुछ अन्य गांववालों ने पैसे इकट्ठा करना शुरू किया।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज का निर्माण 17 नवंबर 2017 में शुरू किया गया। आर. एम. एल. यूनिवर्सिटी, फैज़ाबाद से मान्यता प्राप्त इस कॉलेज में अभी बी. ए और बीएससी जैसे कोर्स पढ़ाये जाएंगे।

दौलतपुर निवासी रमेश चंद्र ने बताया, “जब बच्चन जी ने यहां आधरशिला रखी तो हमें लगा कि अब हमारे दिन बदलेंगे पर दस साल तक कहीं कुछ नहीं हुआ। तो सभी ने चंदा इकट्ठा कर कॉलेज निर्माण का विचार किया ताकि युवाओं को पढ़ने के लिए दूर न जाना पड़े। यहां से सबसे पास जो कॉलेज है वह भी 30 किलोमीटर दूर है।”

आज जब बहुत से लोग बदलाव के नाम पर केवल सरकार और किस्मत को कोसते रहते हैं, ऐसे में इन गांववालों ने जो किया वह वाकइ में काबिल-ए-तारीफ़ है। हम इन गांववालों के हौसलें और हिम्मत को सलाम करते हैं और उम्मीद करते हैं कि और भी बहुत से लोग इनसे प्रेरणा लेंगे।

featured image source – Youtube

( संपादन – मानबी कटोच )


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Written by निशा डागर

Nisha Dagar has done her Masters in Communication from the University of Hyderabad. She has a specialization in Communication Research. Along with her academics, she has interned with web portals like Your DOST, MaStyle Care and NGOs like Indus Action and Literacy India.
She is working as a staff writer with The Better India. She loves to write feature stories and poetry. She writes poems with the pen name Kahakasha. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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