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सन फार्मास्युटिकल्स ने लॉन्च की 35 रुपये की टेबलेट, कोविड-19 के मरीज़ों के लिए है कारगर

मुंबई के डॉ. एस. पंडित कहते हैं कि डॉक्टर से कंसल्ट किए बिना यह दवाई न लें क्योंकि इसके साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं!

कोविड-19 का इलाज सभी लोगों तक पहुंचे और मरीज़ों के सिर से महंगी दवाइयों और इलाज का बोझ कम हो, इसलिए सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज ने एंटीवायरल टेबलेट (गोली)- फेविपिराविर 200 MG को ‘फ्लूगार्ड’ नाम से लॉन्च किया है।

भारत में कोविड-19 के सामान्य लक्षणों से जूझ रहे मरीजों के इलाज में इसे इस्तेमाल किया जाएगा और एक टेबलेट की कीमत 35 रुपये होगी।

मूल रूप से फेविपिराविर का निर्माण, जापान की फुजीफिल्म होल्डिंग्स कॉर्प कंपनी ने इन्फ्लुएंजा के इलाज के लिए किया था। भारत में इसे कोविड-19 के ऐसे मरीजों के इलाज में इस्तेमाल करने की मंजूरी मिली है जिनका संक्रमण सामान्य है और स्थिति गंभीर नहीं हुई है। कोविड-19 के लिए भारत में मंजूर होने वाला यह पहला ओरल एंटीवायरल ट्रीटमेंट है। मतलब कि यह पहली दवाई है जिसे टेबलेट के तौर पर मरीज़ों को दिया जाएगा।

कंपनी के मुताबिक, इस हफ्ते में फ्लूगार्ड के स्टॉक बाज़ारों में आ जाएंगे। साथ ही, कंपनी ने निश्चय किया है कि वह सरकार और चिकित्सा कर्मियों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि देशभर के मरीज़ों तक सही समय पर यह दवा पहुँच सके।

मरीजों के लिए कैसे है कारगर:

Sun Pharmaceuticals Launch Favipiravir

मद्रास मेडिकल कॉलेज के एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि फ़िलहाल देश में कोविड-19 के मरीज़ों का इलाज दूसरी कंपनियों द्वारा बनाई जा रही एंटी-वायरल दवाइयों से हो रहा है।

यह कोविड-19 का निश्चित इलाज नहीं है लेकिन वायरल इन्फेक्शन के इलाज का तरीका ज़रूर है। गंभीर हालत में पहुँच चुके मरीज़ों के लिए अलग ट्रीटमेंट है लेकिन जब किसी भी मरीज को अस्पताल में दाखिल किया जाता है तो सबसे पहले एंटीवायरल दवाइयां ही दी जाती हैं। बेशक, दूसरी फार्मास्युटिकल्स कंपनी भी यही दवाई बना रही हैं लेकिन इनका मूल्य एक नहीं है। इसलिए अगर कोई दवाई इतनी सस्ती है तो यह मरीज़, अस्पताल और सरकार के लिए फायदेमंद है।

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मुंबई के डॉ. एस. पंडित, इस दवाई के बारे में कहते हैं, “यह वायरस के संक्रमण को रोकता है और बीमारी बढ़ने के खतरे को कम करता है और इससे अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत नहीं पड़ती। यह ड्रग/दवाई सामान्य संक्रमण के मामलों में काफी प्रभावी है।”

वह यह भी कहते हैं कि बिना डॉक्टर के कंसल्टेशन के यह दवाई बिल्कुल भी नहीं लेनी चाहिए। “बिना अपने डॉक्टर की सहमति के यह दवाई बिल्कुल भी नहीं खरीदनी है। इस दवाई के साइड-इफेक्ट भी हैं और यह मरीज को अलग तरह से प्रभावित कर सकती है,” उन्होंने कहा।

फेविपिराविर के अलावा कोविड-19 के इलाज के इस्तेमाल होने वाली दवाई है, रेमडेसिविर– यह दवा उन मरीज़ों के लिए है जो ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इसने भी कोविड-19 के इलाज में काफी प्रभावी नतीजे दिए हैं। इसे सिप्ला द्वारा सिप्रेमी और हीटरो लैब्स द्वारा कॉविफोर के नाम से बनाया जा रहा है!

मूल लेख: रोशिनी मुथुकुमार 

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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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