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50 साल पुरानी टाइल्स और आँगन के पेड़ की लकड़ियों से दरवाज़ें, और बस 19 लाख में बन गया घर

यह घर एक छात्र ने अपने शिक्षक के लिए बनाया है!

घर बनाना आसान काम नहीं है। लोग अपनी जीवन भर की कमाई एक घर बनाने में खर्च कर देते हैं। अगर आपके पास अपनी ज़मीन भी हो तब भी घर के निर्माण में काफी पैसा खर्च होता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे घर के बारे में बता रहे हैं जिसका निर्माण ‘बजट होम और इको-फ्रेंडली कांसेप्ट’ के आधार पर किया गया।

केरल के मलप्पुरम के मंजेरी स्थित 1450 स्क्वायर फ़ीट का यह घर केवल 19 लाख रुपये में बनकर तैयार हुआ है। यह बजट आज के हिसाब से काफी कम है। घर दिखने में आधुनिक है और सभी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन इसे बनाते समय कई सस्टेनेबल तरीकों को अपनाया गया है। इस घर का निर्माण मंजेरी स्थित कंस्ट्रक्शन फर्म, द बेस कॉन्सेप्ट्स ने किया है।

Architect Safeer Edaloli
Safeer Edaloli, The Base Concepts

इस फर्म को शुरू किया है आर्किटेक्चर सफीर एडालोली ने। सफीर ने NIT कैलीकट से सिविल इंजीनियरिंग की है। उनका अपना आर्किटेक्ट फर्म है। वह बताते हैं कि अपनी फर्म के ज़रिए वह केरल में घरों की डिजाइनिंग, कंसल्टेशन और कंस्ट्रक्शन आदि की सुविधा देते हैं और केरल से बाहर वह अपने क्लाइंट्स को डिजाइनिंग और कंसल्टेशन की सर्विसेज दे रहे हैं।

“हम वैसे तो सभी तरह के घर, सामान्य से लेकर लक्ज़री घरों तक के डिज़ाइन बनाते हैं और क्लाइंट की ज़रूरत के हिसाब से कंस्ट्रक्शन भी करते हैं। लेकिन इस घर के लिए हमें पहले ही खास तौर पर बजट बताया गया था और साथ ही, उन्होंने हमें कुछ और ज़रूरतें भी बताई थीं, जिन्हें हमने निर्माण के समय ध्यान में रखा,” उन्होंने बताया।

शिक्षक के लिए बनाया घर:

Architect Safeer Edaloli

यह घर सफीर ने, मंजेरी के रहने वाले एक स्कूल शिक्षक, कमाल के लिए बनाया है। दिलचस्प बात यह है कि कमाल, सफीर के भी शिक्षक रहे हैं और इसलिए, जब उन्हें पता चला कि उनका अपना छात्र आर्किटेक्ट है तो उन्होंने अपने घर के निर्माण की ज़िम्मेदारी सफीर को दी।

“सर ने हमने पहले ही अपनी सभी ज़रूरतें समझा दी थीं। यह ज़मीन उनकी ही थी और पहले इस पर उनका पुश्तैनी मकान था। जिसे वह तुड़वाकर आधुनिक मकान बनवाना चाहते थे। लेकिन उनका बजट निश्चित था और इसलिए हमने उसी हिसाब से सभी डिज़ाइन तैयार किए,” सफीर ने बताया।

बजट के साथ-साथ कमाल ने सफीर को यह भी बताया कि उन्हें हवादार और खुला घर चाहिए। जिसमें सूरज की धूप भी आए और हवा भी। इसके साथ ही, वह घर में सीमित फर्निशिंग चाहते थे ताकि घर खुला-खुला रहे। सफीर कहते हैं कि पहले उनका घर काफी गर्म हो जाया करता था इसलिए उन्होंने डिज़ाइन ऐसा रखने के लिए कहा, जिससे कि घर के अंदर ठंडक बनी रहे।

इस्तेमाल की पुराने घर की टाइल्स:

Architect Safeer Edaloli
Old Roofing Tiles has been used

सफीर बताते हैं कि उनके पुराने घर को जब तोड़ा गया तो काफी सारा सामान निकला। जिसे बेकार फेंकने की बजाय फिर से इस्तेमाल में लाया गया। छत से निकली पुरानी टाइल्स को फिर से उपयोग में लिया गया। “हमने लगभग 50 साल पुरानी टाइल्स को इस्तेमाल किया और छत को सामान्य से दुगुनी ऊंचाई पर रखा है ताकि घर के अंदर गर्मी न बने और यह प्राकृतिक तौर पर ठंडा रहे। छत और ग्राउंड फ्लोर के बीच एक मेज़ानाइन फ्लोर भी डिज़ाइन किया है,” उन्होंने कहा।

इसके अलावा, उनके घर के आँगन में बरसों पुराना पेड़ था, जिसकी लकड़ी का इस्तेमाल घर के निर्माण में हुआ। “पेड़ों की कीमत, कमाल सर के घर के बाहर लगे एक पेड़ से ही समझ में आ गई। सालों पुराने इस पेड़ की लकड़ी से घर की खिड़कियाँ, दरवाजे और यहाँ तक कि सीढ़ियाँ भी बनाई गई हैं। यह लकड़ी काफी काम आई और इस वजह से बजट बिल्कुल भी नहीं बढ़ा।”

Wood has been used for major things

उन्होंने एक पेड़ की लकड़ी का इस्तेमाल अपने घर के लिए किया और साथ में, घर के आसपास और 10 पेड़ लगाए हैं।

सफीर आगे कहते हैं कि अक्सर लोग नए घर की फर्निशिंग के चाव में घर को ज़रूरत से ज्यादा भर देते हैं। लेकिन इस घर में उन्होंने बहुत ही कम फर्निशिंग की। घर में तीन बेडरूम, लिविंग और डाइनिंग एरिया, और किचन हैं। मेज़ानाइन फ्लोर डाइनिंग एरिया के ऊपर है, जहां बच्चों के लिए स्टडी रूम बनाया गया है।

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Study Room on Mezzanine Area

घर का इंटीरियर काफी खुला है और खिड़कियाँ भी बड़ी-बड़ी हैं, जिस वजह से वेंटिलेशन काफी अच्छा है। इसके अलावा, उन्होंने दीवारों पर प्लास्टर के बाद, सीधा पेंट किया है। कोई पुट्टी या दूसरी चीज़ इस्तेमाल नहीं की है क्योंकि यह खर्च के साथ-साथ घर के तापमान को भी बढ़ाती है।

“हमने कोई भी चीज़ सिर्फ दिखावे के लिए इस्तेमाल नहीं की है। इस घर में सभी ज़रूरत की चीजें लगाई गईं हैं। इस प्रोजेक्ट के बाद यह एक कांसेप्ट भी समझ में आया है कि हम घर को सिर्फ आकर्षक दिखाने के चक्कर में अपना बजट तो बढ़ाते ही हैं, साथ ही ऐसी चीजें भी इस्तेमाल करते हैं जो पर्यावरण के हिसाब से बिल्कुल भी सही नहीं हैं,” सफीर ने कहा।

Minimum Furnishing and Open-Style Interiors

मशहूर हुआ ‘बजट होम’ का कांसेप्ट:

1450 स्क्वायर फ़ीट में बना कमाल का यह घर एक नज़र में लोगों के मन को भा जाता है। कमाल खुस सफीर के काम से बहुत खुश हैं और उनका कहना है कि उन्हें जैसा घर चाहिए था, यह बिल्कुल वैसा है।

सफीर बताते हैं कि इस घर के बाद उनके पास बहुत से ऐसे ही घरों के लिए क्लाइंट आये हैं। यहीं से उनका बजट होम कांसेप्ट शुरू हुआ है, जिसमें वह क्लाइंट के बजट के हिसाब से डिज़ाइन तैयार करते हैं और उनके हिसाब से ही घर का निर्माण किया जाता है।

Architect Safeer Edaloli

“बहुत से लोग हमसे ऐसा ही घर बनवाना चाहते हैं। कमाल सर का घर 2019 में बनकर तैयार हो गया था, तब से हमें काफी सारे लोगों ने संपर्क किया है। मुझे ख़ुशी है कि हम सर की ज़रूरत के हिसाब से उनका घर बना पाए और इसके ज़रिये बहुत से लोगों तक हमारा काम भी पहुंचा है,” उन्होंने कहा।

सफीर केरल से बाहर भी लोगों को डिजाइनिंग और कंसल्टेशन में मदद करते हैं। यदि आप उनसे संपर्क करना चाहते हैं तो उनका इंस्टाग्राम अकाउंट फॉलो कर सकते हैं!

तस्वीर साभार: सफीर

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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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