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इन फूलों के पौधे लगाएं और घर को खुश्बू से महकाएं, जैसे ये कर रहे हैं

अपने घर को 7000 पेड़-पौधों से सजानेवाले काबरा की फूलों के पौधों में विशेष रूचि है। इस लेख में वह कई ऐसी बातें बताते हैं जिनका अक्सर हमें ज्ञान नहीं होता, जैसे – चंपा की सिर्फ एक किस्म में ही खुशबूदार फूल होते हैं बाकी सभी किस्में सिर्फ आकर्षक होती हैं!

पेड़-पौधे किसे अच्छे नहीं लगते, कोई खुद अपनी साग-सब्जियां उगाना चाहता है तो कोई इंडोर गार्डन। लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी हैं जिन्हें रंग-बिरंगे फूलों वाले पेड़ लगाना पसंद होता है। उनके घर में प्रवेश करते ही एक भीनी-भीनी खुशबू आती है मन चहक उठता है।

आज इस लेख में हम आपको यही बता रहे हैं कि आप कैसे अपने घर में फूलों की बगिया लगा सकते हैं। हालांकि, यह कोई चंद दिनों का काम नहीं है, इसमें वक़्त लगेगा लेकिन अगर आप शुरुआत ही नहीं करेंगे तो नतीजा कैसे मिलेगा?

इसलिए आज हमारे #गार्डनिंग_एक्सपर्ट रवींद्र काबरा से जानिए कि आप कैसे अपने घर के टेरेस या बालकनी को एक खुशबूदार गार्डन में तब्दील कर सकते हैं।

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Ravindra Kabra

जोधपुर के रहने वाले रवींद्र काबरा का गार्डन साढ़े तीन हज़ार वर्ग फुट में है। उनके घर के बाहर लगभग 5000 पेड़-पौधों का गार्डन है और टेरेस पर लगभग 1400 पेड़-पौधे हैं। उन्होंने अपने दादाजी से गार्डनिंग की प्रेरणा पाई और उन्हीं के नाम पर अपने गार्डन का नाम दिया- ‛गोकुल – द वैली ऑफ फ्लॉवर्स’!

“वैसे तो मैं थोड़ी बहुत सब्जियां भी उगाता हूँ लेकिन मुझे फूलों का बेहद शौक है। मेरे यहाँ देसी से लेकर विदेशी तक, सभी किस्मों के फूल हैं। गार्डनिंग करते हुए मेरी गोल्डन जुबली पूरी हो चुकी है, जी हाँ मेरा 55 सालों का रिश्ता हैं गार्डनिंग से जो हर दिन सिर्फ गहराया है,” उन्होंने कहा।

आज 66 वर्ष की उम्र में भी वह खुद अपने इतने बड़े गार्डन को संभालते हैं। उन्होंने कोई माली या हेल्पर नहीं रखा है। सुबह 5 बजे से दिन के 11 बजे तक और फिर शाम में 4 बजे से रात 9 बजे तक अपने गार्डन की देखभाल करना उनका रूटीन है। हर काम, मिट्टी तैयार करने से लेकर खाद डालने तक और पेड़-पौधों की कटिंग या प्रूनिंग करने तक, वह स्वयं करते हैं। इसके साथ ही, वह प्रोफेशनल तौर पर भी लैंडस्केप डिजाइनिंग करते हैं।

द बेटर इंडिया ने उनसे खास बातचीत की और जाना कि अगर कोई अपने यहाँ खुशबूदार फूलों के पेड़-पौधे लगाना चाहता है तो कैसे शुरुआत करे।

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His Garden

रवींद्र काबरा बताते हैं कि बहुत से फूल ऐसे होते हैं जो दिखने में आकर्षक होते हैं लेकिन उनमें खुशबू नहीं होती है। इसलिए अगर आप कहें कि आपको बिल्कुल खुशबू वाले ही फूलों के पेड़ लगाने हैं तो यह मुश्किल है। आपका गार्डन ऐसा होना चाहिए कि उसमें अलग -अलग तरह के पेड़-पौधे हों ताकि आपका गार्डन खुशबूदार होने के साथ-साथ मन मोहक और आकर्षक भी हो। आप छोटी जगह में भी इसकी शुरूआत कर सकते हैं।

आइडियल गार्डन:

इसमें कुछ ऐसे फूलों के पेड़ जो खुशबूदार हैं, फिर कुछ ओरनामेंटल या इंडोर पेड़-पौधे, कुछ परमानेंट/पक्के पौधे जो पूरे साल रहते हैं और कुछ मौसमी जैसे गर्मी और सर्दी वाली पौधे और इनके साथ, अगर आप चाहें तो कुछ बल्ब/गाँठ से उगने वाले पौधे भी लगा सकते हैं।

कुछ सामान्य पौधे, जिनसे कर सकते हैं शुरुआत:

रवींद्र काबरा कहते हैं कि जूही, मोगरा और चमेली- ये तीन ऐसे पौधे हैं जिन्हें बेल और पेड़, दोनों रूप में लगाया जा सकता है। अगर आप चाहते हैं कि ये बेल बनें तो आपको इन्हें सपोर्ट देना होगा और अगर गमले में पेड़ रूप में रखना है तो आप इनकी कटिंग करते रहें। जूही बारिश के मौसम में खिलता है और मोगरा अप्रैल से अगस्त तक।

इनके अलावा, आप रातरानी, मधुकामिनी और गार्डेनिया जैसे फूलों के पेड़ भी लगा सकते हैं। इनकी खुशबू भी काफी मनमोहक होती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी छत पर पेड़ फैले तो आप मधुमालती की बेल लगा सकते हैं।

Mogra, Madhukamini, Chameli, Juhi, Gardenia, Raatrani (Source: Wikipedia and Facebook)

चंपा के पौधे कई तरह के होते हैं और अलग-अलग रंग के भी। लेकिन खुशबूदार सिर्फ सफेद चंपा होता है बाकी सभी चंपा की किस्में सिर्फ दिखने में आकर्षक होती हैं। जैसे कि स्वर्ण चंपा, यह दो रंग का होता है, एक क्रीम और दूसरा गोल्डन। लेकिन इसमें कोई महक नहीं होती।

अगर आप स्वर्ण चंपा लगा रहे हैं तो आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि इस पौधे को मात्र आधे घंटे के लिए हल्की धूप चाहिए होती है बाकी इसे छांव में रखना होता है। जबकि फूलों के बाकी सभी पौधों को खूब धूप की ज़रूरत होती है।

इसके अलावा, खुशबू के लिए आप हरसिंगार और रजनीगंधा के पौधे लगा सकते हैं। रजनीगंधा का अगर एक फूल भी खिला जाए तो पूरा बगीचा महक जाता है। वहीं हरसिंगार के फूल सूर्य की किरण पड़ते ही नीचे गिर जाते हैं।

Harsingar (Source)

आप इनमें से कोई भी पेड़-पौधे चुनकर अपने बगीचे में लगा सकते हैं। लेकिन ज़रूरी है कि आप इनका पूरा ध्यान रखें।

कैसे करें देखभाल:

1. गार्डनिंग शुरू करने से पहले आप सही जगह चुनिए। यह देखिए कि वहां धूप कैसी आती है, कितने समय तक रहती है और छांव कितनी है।

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2. अच्छा यही होगा कि आप मिट्टी के गमले इस्तेमाल करें क्योंकि वही सबसे अच्छे होते हैं और 10 इंच या 12 इंच के गमलों में आप कोई भी पेड़-पौधे आराम से लगा सकते हैं।

3. पॉटिंग मिक्स के लिए आप मिट्टी और खाद का 80-20 का अनुपात रख सकते हैं। खाद के लिए आप लगभग 6 महीने पुरानी गोबर की खाद या फिर केंचुए की खाद या फिर किचन कंपोस्ट इस्तेमाल कर सकते हैं।

4. ध्यान रखें कि स्वर्ण चम्पा और इंडोर पौधों को छोड़कर, बाकी सभी पौधों को कम से कम डेढ़-दो घंटे अच्छी धूप मिले।

Rajanigandha (Wikipedia)

5. पानी का खास ध्यान रखें। आपको मौसम के हिसाब से और पौधों की ज़रूरत के अनुसार पानी देना है। जैसे गर्मियों में सुबह शाम, सर्दियों में एक दिन छोड़कर एक दिन और बारिश में तीन दिनों में एक बार।

6. अक्सर लोग सलाह देते हैं कि हर महीने आपको पेड़-पौधों में खाद देनी चाहिए। लेकिन रवींद्र कहते हैं कि अगर साल में तीन बार भी आप अच्छे से अपने गार्डन में खाद देते हैं तो भी वह बहुत है।

7. आपके बगीचे में पेस्ट न आएं इसके लिए आप बेकिंग पाउडर को पानी में मिलाकर स्प्रे कर सकते हैं और नीमखली का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

8. पेड़-पौधे लगाने का सबसे सही समय होता है मार्च के महीने में। इसके बाद, आप बारिश में भी गार्डन की शुरुआत कर सकते हैं क्योंकि यह सबसे उपयुक्त समय माना गया है।

9. शुरुआत में आप पूरे साल रहने वाले पेड़-पौधे लगाएं न कि मौसमी और जब आपका गार्डन बढ़ने लगे तब मौसमी फूलों के पेड़-पौधे भी लगाएं।

रवींद्र आगे कहते हैं कि जब भी आप नर्सरी में पौधे लेने जाएं तो अच्छे से पूछें कि पौधे पक्के हैं या कच्चे। पक्के पौधे परमानेंट रहने वालों को कहते हैं जो सदाबहार हैं। वहीं कच्चे पौधों से मतलब सीजनल/मौसमी पौधों से है। आप कितनी भी कोशिश कर लें लेकिन सर्दी के मौसम वाले पौधे को गर्मियों में नहीं बचा पाएंगे और गर्मी के पौधों को सर्दियों में नहीं रखा जा सकता। शुरू में ऐसे पौधे लें जो पूरे साल लगने वाले हों।

Ravindra Kabra’s Garden

अपने गार्डन में हमेशा अलग-अलग किस्म के पेड़-पौधे रखें ताकि यह खूबसूरत लगे। ओरनामेंटल पौधे गार्डन की शोभा बढ़ाते हैं और मौसमी फूलों के पौधे बगिया में रंग भर देते हैं। वहीं खुशबूदार फूलों के पेड़ आपके पूरे घर को महकाते हैं।

रवींद्र के बगीचे में 25 प्रकार के कमल, 250 प्रजातियों के अडेनियम, 250 प्रजातियों के गुलाब, 25 प्रजातियों के बोगनवेलिया सहित 6000 गमलों में 150 से भी ज्यादा प्रकार के पौधे हैं।

अंत में वह सिर्फ इतना कहते हैं कि किसी को कॉपी करने की कोशिश न करें। हर किसी का बगीचे से, पेड़-पौधों से अलग जुड़ाव होता है और उनका देखभाल करने का समय और तरीका भी अलग-अलग होता है। इसलिए आप अपने हिसाब से अपने बगीचे को रूप दें और पूरी देखभाल करें।

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तो देर किस बात की, आज ही अपने आस-पास ढूंढे कोई नर्सरी या बगिया और ले आइये फूलों के पौधे। शुरू कीजिये अपने घर में फूलों की वादी। इसमें वक़्त लगेगा लेकिन जब आपकी बगिया में फूल खिलेंगे तो आपको बेहद ख़ुशी और सुकून मिलेगा!

अगर आपको भी है बागवानी का शौक और आपने भी अपने घर की बालकनी, किचन या फिर छत को बना रखा है पेड़-पौधों का ठिकाना, तो हमारे साथ साझा करें अपनी #गार्डनगिरी की कहानी। तस्वीरों और सम्पर्क सूत्र के साथ हमें लिख भेजिए अपनी कहानी hindi@thebetterindia.com पर!

यह भी पढ़ें: हॉलेंड के ट्यूलिप से लेकर महाबलेश्वर की स्ट्रॉबेरी तक; 6000 पौधों का खज़ाना है इनके बाग़ में!


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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