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वेटिंग में है टिकट तो चुने भारतीय रेलवे की विकल्प योजना!

गर आप भारतीय रेल से सफर करते हैं और खिड़की से बाहर देखते हुए लम्बी यात्राओं में भारत भ्रमण का सुख भोग चुके हैं तो टिकट मिलने की जद्दोजहद से भी आप कभी-न-कभी रु-बी-रु ज़रूर हुए होंगे! टिकट समय पर मिल जाए तो ठीक, पर यदि वेटिंग लिस्ट में आ जाये तो यात्रा के दिन तक मन में धुक-धुक लगी रहती हैं कि सीट कन्फर्म भी होगी या नहीं?

ऐसे में यात्रियों की परेशानी को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे ने विकल्प योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को दूसरी ट्रेनों में कन्फर्म बर्थ उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि ये निर्भर करता है कि यात्री दूसरी ट्रेन से जाना चाहते है या नहीं और इस बात पर भी कि दूसरी ट्रेनों में बर्थ उपलब्ध हैं या नहीं।

इस योजना के बारे में आपको आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर सभी जानकारियां मिल जाएँगी। यदि आपकी टिकट दूसरी ट्रेन में कन्फर्म हो जाती है तो टिकट रद्द करने पर शुल्क भी दूसरी ट्रेन के नियम के मुताबिक ही कटेगा।

भारतीय रेलवे के मुताबिक आपने जिस ट्रेन में टिकट बुक की है उसके वास्तविक समय से 30 मिनट से 12 घंटे के भीतर चलने वाली दूसरी ट्रेनों में आपको सीट दी जा सकती है।

कुछ अन्य नियम:

  • विकल्प की सुविधा सभी ट्रेनों और क्लास के यात्रियों के लिए मान्य है।
  • यह सुविधा बिना किसी बुकिंग कोटा और रियायत के निरपेक्ष सभी वेटिंग-लिस्ट के यात्रियों के लिए उपलब्ध है
  • इस योजना के तहत, यात्री अपनी स्वेच्छा से कोई भी पांच ट्रेन चुन सकते हैं।
  • कोई भी यात्री जिसने वेटिंग में टिकट बुक कराई हो और आखिरी चार्टिंग के बाद भी वेटिंग में ही है, केवल उसी के लिए विकल्प की सुविधा मान्य है।
  • ट्रेन टिकट के शुल्क में अंतर होने पर भी उससे ना तो कोई अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा और न ही अतिरिक्त प्रतिदाय (रिफंड) किया जाएगा।
  • विकल्प योजना के अंतर्गत दूसरी ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्रियों के साथ साधारण यात्रियों जैसा ही व्यवहार किया जाएगा और सभी यात्री अपग्रेड के लिए योग्य होंगे।
  • विकल्प चुनने वाला यात्री जिसे दूसरी ट्रेन में कन्फर्म सीट दी गयी है, यदि अपनी टिकट रद्द करता है तो उसे दूसरी ट्रेन के नियमों के मुताबिक शुल्क भरना होगा।

इस योजना से जुड़े बाकी नियमों की जानकारी के लिए क्लिक करें।

(संपादन – मानबी कटोच )


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Written by निशा डागर

Blessed with a talkative nature, Nisha has done her masters with the specialization in Communication Research. Interested in Development Communication and Rural development, she loves to learn new things. She loves to write feature stories and poetry. One can visit https://kahakasha.blogspot.com/ to read her poems.

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