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छत पर 250 से अधिक फूलों की खेती, स्विमिंग पूल से लेकर स्लाइडर भी है यहाँ

संदीप के पास 250+ पेड़-पौधे हैं। अपने बच्चे को प्रकृति के करीब रखने के लिए उन्होंने टेरेस गार्डन को प्ले गार्डन बना दिया है, जहाँ स्विमिंग पूल से लेकर स्लाइडर तक है।

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र के सुमेरपुर कस्बे के रहने वाले संदीप सोनी पिछले 4 वर्षों से अपने घर की छत पर बागवानी कर रहे हैं। संदीप पेशे से कपड़ा व्यवसायी हैं और उन्हें बचपन से ही पेड़-पौधों से एक विशेष लगाव रहा है। अपने इसी जुनून को पूरा करने के लिए उन्होंने बागवानी शुरू की।

संदीप द बेटर इंडिया से कहते हैं, “मैं 8 साल की उम्र से कपड़े की दुकान चला रहा हूँ और इस सिलसिले में मेरा अक्सर कानपुर जाना होता है। रास्ते में मैं देखता था कि लोग अपने घरों में पेड़-पौधे लगाए हुए हैं। इसी से प्रेरित होकर मैंने भी बागवानी करने का फैसला किया।”

संदीप अपने टेरेस गार्डन में

वह बताते हैं, “मेरा 30×65 फुट का एक टेरेस गार्डन है, जहाँ 250 से अधिक गमलों में एडिनियम, लिली, गुलाब, अपराजिता जैसे कई सजावटी पौधे और फूल लगे हुए हैं। इसके अलावा मेरे पास दो अन्य बगीचे भी हैं, जहाँ हम नींबू, अमरूद, अनार जैसे छह प्रकार के फलदार पेड़ों की खेती करते हैं।”

कला का अद्भुत नमूना है संदीप का टेरेस गार्डन

महज 7 पौधे से बागवानी की शुरुआत करने वाले संदीप के पास आज 250 से अधिक पेड़-पौधे हैं। संदीप के घर के पास कोई नर्सरी नहीं होने के कारण उन्हें पेड़-पौधों को अपने घर से 80 किमी दूर कानपुर से लाना पड़ता है। इस वजह से उनके घरवाले काफी नाराज भी होते हैं। लेकिन, संदीप इसकी चिंता किए बिना अपने बागवानी के दायरे को लगातार बढ़ाते जा रहे हैं, इसी के तहत वह जल्द ही एक किचन गार्डन भी बनाएंगे।

लॉक डाउन के दौरान संदीप की छत पर बनाये प्ले गार्डन में खेलते बच्चे

दिलचस्प बात यह है कि अपने बच्चों को प्रकृति से नजदीक रखने के लिए संदीप ने टेरेस गार्डन को प्ले गार्डन बना दिया है, जहाँ स्विमिंग पूल से लेकर स्लाइडर तक है।

इसमें उन्होंने 15-20 सोलर लाइट लगाकर सूखे पेड़ों से कई तरह के सजावटी कार्य भी किए हैं, जिससे कि रात में काफी खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। इसके अलावा, उन्होंने अपने बगीचे में पक्षियों के रहने के लिए कई डिब्बे भी लगाए हैं और उनके दाने-पानी की व्यवस्था की।

रात में संदीप के टेरेस गार्डन का नज़ारा देखते बनता है

संदीप के इन कार्यों से प्रेरित होकर उनके कई दोस्तों और रिश्तेदारों ने भी बागवानी शुरू की है और सोशल मीडिया पर लोग उनसे कई आवश्यक सलाह भी मांगते हैं।

द बेटर इंडिया ने संदीप से खास बातचीत की और बागवानी के बारे में उनके अनुभवों को जाना। आप हमारी बातचीत का अंश यहाँ पढ़ सकते हैं। साथ ही, देखें संदीप के टेरेस गार्डन की खूबसूरत तस्वीरें। 

प्र. यदि कोई छत पर इस तरह बागवानी करना चाहता है, तो उसे शुरुआत कैसे करनी चाहिए?

संदीप- जो बागवानी शुरू करना चाहते हैं उन्हें सबसे पहले घर की बेकार चीजों, जैसे – बाल्टी, बर्तन या डिब्बे का उपयोग करके टमाटर, मिर्च, नींबू, और फूलों में गेंदा, गुलाब, पोर्टुलाका जैसे पौधों को लगाना चाहिए, क्योंकि ये किसी भी गमले में आसानी से लग जाते हैं।

 

प्र. बागवानी के लिए मिट्टी किस तरीके से तैयार करनी चाहिए?

संदीप – बागवानी के लिए मिट्टी का निर्माण गाय के गोबर या वर्मी कम्पोस्ट से करनी चाहिए। मैं 20 प्रतिशत कोकोपीट और थोड़ी मात्रा में बालू मिलाकर मिट्टी तैयार करता हूँ।

 

प्र. छत पर बागवानी करने से क्या कोई नुकसान होता है?

संदीप – छत पर बागवानी करने से कोई नुकसान नहीं हैं, बल्कि कई फायदे हैं। यह हमारे मन को शांति देती है और सेहत के लिए भी अच्छी होती है। बस निरंतर समय पर अपनी छत को साफ करते रहें।


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बागवानी के लिए कम लागत में संसाधनों की पूर्ति कैसे करें?

संदीप – बागवानी के लिए घर में बेकार पड़े प्लास्टिक के गमलों, बोतल, बाल्टी, बर्तनों या सीमेंट के थैले का उपयोग करना चाहिए। इससे आपको कोई लागत नहीं आएगी।

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प्र. सिंचाई के लिए किस विधि का उपयोग करना चाहिए?

संदीप – मैं पौधौं की सिंचाई के लिए बाल्टी और मग का इस्तेमाल करता हूँ। जितना संभव हो रात के वक्त सिंचाई करें।

प्र. बागवानी शुरू करने के लिए उचित समय क्या है?

संदीप – बागवानी शुरू करने के लिए सबसे अच्छा समय जून से लेकर अगस्त है।

प्र. पेड़-पौधों की देखभाल कैसे करें, कब सिंचाई करें और कितनी धूप उनके लिए जरूरी है?

संदीप – हर हफ्ते कम से कम एकबार मिट्टी की जाँच करें कि इसमें कीट तो नहीं लग रहे हैं। हर महीने दो बार मिट्टी की खुदाई करें। यदि मिट्टी सख्त हो गई है तो उसमें थोड़ा बालू मिला दें, इससे सिंचाई के दौरान पानी आसानी से जड़ों तक पहुँच जाएगी। इसके साथ ही, सुबह 8 से 12 बजे तक का धूप पौधों को जरूर लगने दें।


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पेड़-पौधों के पोषण के लिए घरेलू नुस्खे क्या हैं?

संदीप – बागवानी के लिए जैविक खाद का उपयोग करें। जैसे कि फलों और सब्जियों के छिलके, पेड़-पौधों की पत्तियों आदि से निर्मित खाद पौधों के लिए काफी पोषक होते हैं।

प्र. हमारे पाठकों के लिए कुछ जरूरी सुझाव?

संदीप – मैं यही कहना चाहूंगा कि शुरुआत छोटे स्तर पर ही करनी चाहिए। जो आपका दिल कहे, उसे सुनना चाहिए। मेरे दोस्त और परिवार वाले, सब मेरे खिलाफ हैं कि मैं इसी में लगा रहता हूँ। लेकिन, मैंने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया। मैंने 7 पौधों से शुरुआत की थी आज मेरे पास तीन बगीचे हैं। आप भी बस शुरुआत करें।

तसवीरें साभार- संदीप सोनी

यह भी पढ़ें- पुणे: बिना मिट्टी के ही घर की छत पर उगा रहीं हैं फल, सब्जियाँ और गन्ने भी, जानिए कैसे!

अगर आपको भी है बागवानी का शौक और आपने भी अपने घर की बालकनी, किचन या फिर छत को बना रखा है पेड़-पौधों का ठिकाना, तो हमारे साथ साझा करें अपनी #गार्डनगिरी की कहानी। तस्वीरों और सम्पर्क सूत्र के साथ हमें लिख भेजिए अपनी कहानी hindi@thebetterindia.com पर!

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Written by कुमार देवांशु देव

राजनीतिक और सामाजिक मामलों में गहरी रुचि रखनेवाले देवांशु, शोध और हिन्दी लेखन में दक्ष हैं। इसके अलावा, उन्हें घूमने-फिरने का भी काफी शौक है।

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