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IBM की नौकरी छोड़ शुरू किया खुद का काम,अब बनातीं हैं ऐसे बर्तन, जिन्हें खा भी सकते हैं आप।

ज़रा सोचिए आपको आपकी मनपसंद चॉकलेट आईसक्रीम एक ऐसी कटोरी में दी जाए जो चॉकलेट से ही बनी हो या फिर मज़ेदार सूप पीने के लिए एक खाने योग्य मसालेदार चम्मच दी जाए तो कैसा रहेगा? 

मीठे हलवे से भरी कटोरी हो या आईसक्रीम, हम सब लज़ीज खाने का भरपूर स्वाद लेना चाहते हैं। यहाँ तक कि कभी-कभी कटोरी,चम्मच या प्लेट को चाट कर साफ करने से भी नहीं चूकते। हालांकि, चम्मच-कटोरी को चाटना हमारे यहाँ खराब शिष्टाचार माना जाता है और ऐसा नहीं करने के लिए हम सभी ने कभी ना कभी डांट ज़रूर खाई है। 

अब ज़रा सोचिए कि स्वादिष्ट खाने की आखरी बूंद तक का मज़ा लेने के लिए हम वो कटोरियाँ या चम्मच भी खा पाएँ जिनमें खाना परोसा गया है तो कितना मज़ा आएगा? 

ज़रा सोचिए आपको आपकी मनपसंद चॉकलेट आईसक्रीम एक ऐसी कटोरी में दी जाए जो चॉकलेट से ही बनी हो या फिर मज़ेदार सूप पीने के लिए एक खाने योग्य मसालेदार चम्मच दी जाए तो कैसा रहेगा? 

यह शायद आपको किसी कहानी की तरह भले ही लग रहा हो लेकिन बेंगलुरू स्थित एक स्टार्ट-अप ने इस कल्पना को वास्तवकिता में बदल दिया है। यह कंपनी EdiblePRO ब्रांड के नाम से इको-फ्रेंड्ली, ज़ीरो वेस्ट खाने योग्य कटलरी यानी कांटे,छुरी,चम्मच,प्लेट, कटोरी बनाती है।

यानी खाना परोसे जाने वाली प्लेट और कटोरी भी एक मीठी डिश हो सकती है। 

EdiblePRO ऐसे प्रॉडक्ट बनाती है जिसका इस्तेमाल सिंगल यूज प्लास्टिक के बर्तन जैसे कि चम्मच, कप, कटोरा आदि के स्थान पर किया जा सकता है। ये उत्पाद पौष्टिक होते हैं जिन्हें खाया जा सकता है या फिर कूड़ा-खाद में निपटाया जा सकता है। इनके उत्पाद बेहतर होते हैं क्योंकि इन्हें बायोडिग्रेड होने में करीब एक सप्ताह का समय लगता है, जबकि प्लास्टिक को बायोडिग्रेड होने में 500 साल लगते हैं। 

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शैला गुरुदत्त और लक्ष्मी भीमाचार अपनी टीम के साथ

इस स्टार्टअप की स्थापना शैला गुरुदत्त और लक्ष्मी भीमाचार ने की है। डिजाइन, स्वाद, रंग और बनावट के संदर्भ में इस कंपनी द्वारा 80 से अधिक प्रकार के प्रॉडक्ट बनाए जाते हैं और इनकी कीमत भी सामान्य होती है। 

इससे पहले शैला और लक्ष्मी, दोनों IBM कंपनी में काम करती थीं। यह पर्यावरण की रक्षा के प्रति उनका जुनून था कि उन्होंने IBM की नौकरी छोड़ 2018 में इस कंपनी की स्थापना की। 

शैला ने द बेटर इंडिया को बताया, “सिंगल यूज प्लास्टिक कटलरी आइटम से पर्यावरण और जल निकायों को पहुंचने वाले नुकसान के बारे में हम सब जानते हैं। प्लास्टिक सैकड़ों वर्षों तक रहता है जो हमारे स्वास्थ्य को कई तरीकों से प्रभावित कर सकता है। मैं हमेशा से पर्यावरण के प्रति जागरूक रही हूँ। मैं शुरू से ही खाद्य उद्योग में पर्यावरण के अनुकूल विकल्प पेश करना चाहती थी। EdiblePRO प्लास्टिक के उपयोग को कम करने का एक तरीका है।”

लक्ष्मी ने बताया कि उन्होंने 28 साल तक नौकरी की लेकिन वह अपने जीवन में कुछ ऐसा करना चाहती थीं कि जिससे समाज में बदलाव आए। वह कहती हैं, “लोग प्राकृतिक संसाधनों का सही मूल्य नहीं समझते हैं। पर्यावरण के लिए काम करने का यह सही समय है। इसी इरादे से मैंने शैला के साथ काम करने का फैसला किया है।”

कंपनी की शुरूआत ठीकठाक रही। रिसर्च और विकास पर इन्हें करीब एक साल का समय लगा। इस काम में उन्हें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन का निर्देशन और समर्थन मिला। 

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इन प्रोडक्ट्स की शेल्फ लाइफ 6 महीने की है

शैला ने घर के बने आटे और अन्य सामग्री से कई तरह का प्रयोग किये और उत्पाद बनाए। 

बेंगलुरु में एफएसएसएआई-प्रमाणित प्रयोगशाला द्वारा कटलरी के नमूनों को मंजूरी मिलने के बाद ही उन्होंने आधिकारिक तौर पर कंपनी पंजीकृत की। 

आपको EdiblePRO क्यों चुनना चाहिए

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Edible PRO के पास खाने वाली कटलरी की काफी वैरायटी है

इस स्टार्ट-अप द्वारा बनाए जाने वाले प्रॉडक्ट में किसी भी तरह के आर्टिफिशिअल रंग या  प्रीज़र्वटिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इसलिए ये प्रॉडक्ट 100 फीसदी प्राकृतिक होते हैं। वो चुकंदर, गाजर और पालक जैसी सब्जियों और फलों से निकाले गए प्राकृतिक रंगों का उपयोग करते हैं।

सभी उत्पाद बाजरा, अनाज, दाल और मसालों से बने होते हैं और सीधे स्थानीय किसानों से लिए जाते हैं। यह कटलरी फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होते हैं।

यह उत्पाद पलानहल्ली में तैयार किया जाता है जहाँ ग्रामीण महिलाओं को रोजगार दिया जाता है। वो ‘अनाज से तैयार उत्पाद’ प्रक्रिया का पालन करते हैं, जो उत्पाद के शेल्फ लाइफ यानी कि भंडार और उपयोग होने तक की अवधि को बढ़ाता है। महिलाएं सामग्री और फॉर्मूला में मिलावट से बचती हैं।

भोजन और नाश्ते में उपयोग होने वाले उत्पादों का शेल्फ लाइफ छह महीने का है। चम्मच, चाकू, कांटा, कटोरे, प्लेट, कप, आदि को बिना पकाए सीधे खाया जा सकता है, वो मजबूत होते हैं औऱ लंबे समय तक चलते हैं।

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यह प्रोडक्ट्स सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए हैं।

उदाहरण के लिए, सूप में एक बार डुबोने के बाद चम्मच को गलने में 1.5 घंटे का समय लगेगा। इन उत्पादों में, चॉकलेट चम्मच सबसे लोकप्रिय हैं क्योंकि सभी आयु समूहों के लोग इसे पसंद करते हैं।

हाल ही में, स्टार्टअप ने बच्चों के लिए टेडी-बियर के आकार के चॉकलेट चम्मच और वर्णमाला के आकार का कटलरी बनाया है।

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स्वाद के मामले में, स्टार्टअप आपको अपनी पसंद का स्वाद देने की पूरी कोशिश करता है।

शैला कहती हैं कि वह आवश्यकता के अनुसार कस्टमाइज भी करती हैं जैसे कि ग्लुटन-फ्री, रंग, चीनी की मात्रा, फाइबर आदि को ध्यान में रखते हुए उत्पाद बनाया जाता है। कंपनी द्वारा बनाए जाने वाले कुछ अनोखे स्वाद हैं जिनमें शिमला मिर्च के अर्क, पान, वेनिला, दालचीनी, इलाइची शामिल है। ग्राहकों के लिए स्वाद, आकार, रंग के काफी विकल्प हैं।

इन उत्पादों की कीमत 2 रुपये से 155 रुपये के बीच है। हालांकि यह प्लास्टिक कटलरी से अधिक है।

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लक्ष्मी के अनुसार, उनकी कंपनी सुनिश्चित करती है कि सभी सामग्रियां प्रामाणिक, प्राकृतिक और पौष्टिक हों। वो गुणवत्ता के मामले में समझौता नहीं करते। लक्ष्मी कहती हैं, “यदि हम दावा करते हैं कि हमारे उत्पाद -40 डिग्री में सही रह सकते हैं, तो उनका इस आधार पर सफलतापूर्वक परीक्षण किया जाता है।”

इस कंपनी ने अपनी यात्रा की शुरूआत एक चम्मच के साथ की थी और दो वर्षों में अब यह 25 प्रॉडक्ट बनाती है और जो भारत और विदेशों में बेचे जाते हैं। 

EdiblePRO के अधिकांश ग्राहक B2B हैं जिनमें रेस्तरां, आइसक्रीम पार्लर और थोक व्यापारी शामिल हैं। हालांकि, वो बड़े समारोहों जैसे शादी, जन्मदिन आदि के लिए कस्टमाइज उत्पाद भी मुहैया कराते हैं।

चुनौतियां और आगे का रास्ता 

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जागरूकता की कमी शायद सबसे बड़ी चुनौती है जो संस्थापकों को अपने उद्यम के प्रत्येक चरण में सामना करना पड़ा है। भारत जैसे देश में, जहाँ प्लास्टिक प्रचुर मात्रा में है और पानी से कम महंगा है, ऐसी चुनौती का रास्ते में आना स्वभाविक है। 

खुद की भलाई के लिए चंद पैसों में मिलने वाले उत्पाद की बजाय दो रूपये की कीमत वाला उत्पाद खरीदने के लिए किसी को मनाना लगभग असंभव है। 

लक्ष्मी और शैला ने जब स्थायी उत्पाद के साथ भारतीय बाजार में प्रवेश किया तभी उन्हें इस वास्तविकता का पता था। लेकिन वो बदलाव लाना चाहती थीं, जिसमें उनमें सफलता मिल रही है। 

शैला कहती हैं कि बदलाव एक रात में नहीं लाया जा सकता है। अपने उत्पादों के माध्यम से वो लोगों को शिक्षित करने और बड़े पैमाने पर प्रभाव लाने की पूरी कोशिश कर रही हैं। वह कहती हैं, “अगर हम समाज के एक वर्ग की मदद करने में सफल होते हैं या खानपान व्यवसायों को पर्यावरण के अनुकूल बदलने में सफल होते हैं, तो यह एक बहुत बड़ी बात होगी।” शैला का अंतिम लक्ष्य अपने उत्पादों को अंतरिक्ष यान में भेजना है और यह सुनिश्चित करना है कि अंतरिक्ष कचरे से ढका नहीं है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, भारत में हर साल नौ मिलियन टन से अधिक प्लास्टिक उत्पन्न होता है, जिसमें से कटलरी का महत्वपूर्ण योगदान है। हालाँकि, केवल 60 प्रतिशत प्लास्टिक कचरा रिसायकल किया जाता है और बाकी अक्सर लैंडफिल या महासागरों में चला जाता है जो पर्यावरण को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है।

पर्यावरण के अनुकूल विकल्प प्रदान करने वाली EdiblePRO जैसी कंपनियां प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने की सक्रिय कोशिश में लगी है। इन कंपनियों के साथ हम स्थायी बदलाव ला सकते हैं और आस-पास को बेहतर बना सकते हैं। 

आप कंपनी की वेबसाइट से उत्पाद खरीद सकते हैं।

मूल लेख- GOPI KARELIA

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Written by पूजा दास

पूजा दास पिछले दस वर्षों से मीडिया से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य और फैशन से जुड़े मुद्दों पर नियमित तौर पर लिखती रही हैं। पूजा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है और नेकवर्क 18 के हिंदी चैनल, आईबीएन7, प्रज्ञा टीवी, इंडियास्पेंड.कॉम में सक्रिय योगदान दिया है। लेखन के अलावा पूजा की दिलचस्पी यात्रा करने और खाना बनाने में है।

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