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छोटी सी जगह में इन 6 आसान तरीकों से बनाएँ वर्टिकल गार्डन!

थोड़ी सी क्रिएटिविटी दिखाकर आप अपने दीवार को सब्जियों, औषधीय पौधों और फूलों से भरे खूबसूरत बगीचे में बदल सकते हैं।

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वर्टिकल गार्डन देखने में काफी खूबसूरत होते हैं। ये कमरे को तरोताजा रखते हैं, बैकग्राउंड को रंगीन बनाते हैं और हवा को शुद्ध करने के साथ ही आवश्यक पोषण भी प्रदान करते हैं!

लेकिन क्या आप यह सोच रहे हैं कि वर्टिकल गार्डन बनाने के लिए आपको 20 मंजिला इमारत, हाईटेक सिंचाई की आवश्यकता पड़ेगी या काफी पैसे खर्च करने पड़ेंगे?

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ऐसा कुछ भी नहीं है। सच तो यह है कि वर्टिकल गार्डन किसी भी जगह, किसी भी बजट में बनाया जा सकता है और इसके लिए अलग से कोई स्किल भी नहीं सीखनी है।

यहाँ कुछ आसान तरीके दिए गए हैं जिनसे आप अपनी दीवार को वर्टिकल गार्डन में बदल सकते हैं:

  1. लोहे की जाली और लकड़ी का फ्रेम

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  • लोहे की जाली को लकड़ी के फ्रेम में बाँधें ताकि वह मजबूती से खड़ी रहे। दीवार पर एक प्लास्टिक शीट या बोर्ड चिपकाएँ जिसे आप वर्टिकल गार्डन में बदलना चाहते हैं। यह दीवार को सीलन से बचाएगा।
  • प्लास्टिक शीट दीवार पर लगाने के बाद 10x5x5 सेमी लंबाई-चौड़ाई वाले 4-6 लकड़ी के ब्लॉक तैयार करें। इन्हें एक जूट के कपड़े से जोड़ें जो आपके वर्टिकल गार्डन का आधार होगा।
  • जूट का कपड़ा लें जो लकड़ी के फ्रेम से कम से कम 20 सेमी बड़ा हो।
  • प्लास्टिक शीट के सबसे ऊपरी कोने पर जूट के कपड़े के एक छोर को पकड़ें, उसके ऊपर एक लकड़ी का ब्लॉक रखें और उसमें एक कील ड्रिल करें। जूट का कपड़ा प्लास्टिक और लकड़ी के ब्लॉक के बीच मजबूती से टिका रहना चाहिए।
  • निचले कोने में यही प्रक्रिया दोहराएँ। आप अपने वर्टिकल गार्डन के आकार के आधार पर लकड़ी के दो या तीन ब्लॉकों का उपयोग कर सकते हैं।
  • अब जूट के कपड़े को दूसरी तरफ फैला दें। यहाँ पर आपको ट्रिक अपनानी पड़ेगी। इस तरफ के लकड़ी के ब्लॉकों को इस तरह से ड्रिल करें कि वे कपड़े के अंदर मुड़ जायें।
  • जूट और प्लास्टिक शीट के बीच की दूरी कम से कम 5 सेमी ( ब्लॉक की चौड़ाई) होनी चाहिए। यदि आप ऐसे पौधे लगा रहे हैं जिनकी जड़ें लंबी हैं तो आधार को 10 सेमी मोटा बनाने के लिए लकड़ी के ब्लॉक को उल्टा कर दें।
  • एक बार जब यह तैयार हो जाए तो एक मोटी प्लास्टिक शीट में ढंके लकड़ी के तख्ते के साथ फ्रेम के नीचे सुरक्षित करें।
  • जूट के आधार पर लोहे की जाली के फ्रेम को ड्रिल करें। जूट बेस में मिट्टी, खाद और कोको पीट का मिश्रण डालें।
  • बीज को लोहे की जाली और जूट के कपड़े के छेद के माध्यम से उचित दूरी पर लगाएं। इन पर नियमित पानी का छिड़काव करें।
  1. लोहे की जाली से गमले वाले बर्तन लटकाना (हैंगिंग पॉट)

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लोहे की जाली का उपयोग करने और वर्टिकल गार्डन बनाने का दूसरा तरीका है कि बर्तन को वर्गाकार में लटकाएँ। पहली विधि की तरह लोहे की जाली को लकड़ी के फ्रेम में फिट करें (जाली में कम से कम एक इंच का छेद होना चाहिए)। अपनी दीवार पर एक प्लास्टिक शीट को लगाएं और उस पर लकड़ी के फ्रेम को ड्रिल करें। सुरक्षा के लिए फ्रेम और लोहे को पेंट करें। 

अब, उन पर बर्तन रखकर फँसाएँ और उन्हें लोहे के फ्रेम पर नियमित दूरी पर अटैच करें। प्लास्टिक की बोतलों को काटकर भी आप अपने प्लांटर्स बना सकते हैं। एक मजबूत स्ट्रिंग या धागे को बोतल के एक तरफ से चलायें और इसे लोहे की जाली पर कसकर बाँध दें। ध्यान रखें कि बोतल और बाँधने वाली रस्सी या धागा इतना मजबूत हो कि वह मिट्टी, पौधे और पानी के भार को संभाल सके।

  1. अपने वर्टिकल गार्डन में ताक या शेल्फ बनाना

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यदि आपके पास ऐसा बाड़ या एक दीवार है जिसमें हुक वाले कंटेनरों को लटकाया जा सकता है तो वर्टिकल गार्डन बनाना काफी आसान होगा।

धातु या प्लास्टिक के कंटेनर को पौधों के बर्तनों में बदलकर उन्हें दीवार या बाड़ पर लटका दें। ध्यान रखें कि अतिरिक्त पानी को बाहर निकलने के लिए उनमें नीचे की तरफ छेद हो। यदि आपके पास उचित बाड़ या दीवार नहीं है, तो इसे आजमाएं: दीवार के दोनों तरफ रॉड होल्डर या एल कोण पर ड्रिल करें। उनके बीच एक कर्टेन रॉड, लकड़ी की छड़ी या एक पतली पीवीसी पाइप जोड़ें। अपने पौधों के गमलों को उन पर लटका दें।

सबसे बड़ी छड़ को उतनी ऊंचाई पर रखें जहाँ तक आप आराम से पहुंच सकें। सबसे छोटी छड़ को जमीन पर या जमीन से लगभग एक फुट की ऊंचाई पर रखें।

  1. सामानों को लटका कर बनाएं वर्टिकल गार्डन
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पुराने जूतों या बच्चों के सामानों से एक सुंदर बगीचा बनाया जा सकता है। इन्हें एक दीवार पर लटकाएँ और कील ठोककर सुरक्षित करें ताकि वे पौधों का वजन संभाल सकें। मिट्टी और कोकोपीट का मिश्रण भरें और हर पॉकेट में छोटे पौधे लगाएं। 

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याद रखने वाली मुख्य बात यह है कि उन सामानों के कपड़े या सामग्री बहुत मजबूत होना चाहिए। उनमें वही पौधे लगाएं जो बहुत ज्यादा फैलते हैं और बढ़ने के लिए ज्यादा मिट्टी या पानी की जरूरत नहीं होती है। रोज़मेरी, तुलसी, चिव्स जैसी जड़ी-बूटियां इस तरह के कॉम्पैक्ट पॉकेट में आसानी से बढ़ सकती हैं।

  1. पीवीसी पाइप
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वर्टिकल गार्डन के लिए पीवीसी पाइप सबसे बढ़िया आधार हो सकते हैं। अगर आपके पास सही उपकरण हैं, तो इन्हें बनाना अपेक्षाकृत आसान हैं।

दीवार पर बराबर दूरी पर स्टील पाइप होल्डर को ड्रिल करें। दोनों सिरों पर एक होल्डर और बीच में कम से कम दो होना चाहिए (यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने लंबे पाइप का उपयोग कर रहे हैं)। यह ध्यान रखें कि वे पूरी तरह से सीधी रेखा में ड्रिल हों।

पीवीसी पाइपों को आधा सीढ़ी लम्बाई में (वर्टिकल) काटें। ध्यान से उन्हें होल्डर पर रखें और ड्रिल करें, ताकि वे सही जगह में रहें। आप बगीचे को हरा-भरा बनाने के लिए पंक्तियों को वर्टिकल रख सकते हैं।

मिट्टी, कोको पीट आदि मिलाएं और उन पौधों को उगाएं जो क्षैतिज रूप से फैलते हैं। धनिया, पुदीना, मेथी ऐसे वर्टिकल गार्डन में अच्छी तरह से बढ़ते हैं।

  1. खिड़की का उपयोग

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चाहे खिड़की घर के अंदर खुलती हो या बाहर की ओर, अगर आपके पास ऐसी खिड़की है जिसका कोई उपयोग नहीं है, तो वहां एक वर्टिकल गार्डन बना दें!

आइए जानते हैं कैसे: तख्ते के ऊपर ड्रिल करें और उसमें नायलॉन की रस्सी बांधकर हवा में लटकाएं। प्लास्टिक की बोतल में ऊपर और नीचे छेद करें। इन छेदों में नायलॉन की रस्सी बांधें और बोतलों को अपनी पसंद के अनुसार व्यवस्थित करें। बोतलों को सुरक्षित करने के लिए गांठ बांधें। इसमें मिट्टी भरें और अपनी पसंदीदा जड़ी बूटियों को लगाए!

वर्टिकल गार्डन बनाते समय अपनाएँ ये टिप्स:

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  • हमेशा ऐसी सामग्री का चयन करें जो पौधे के बड़े होने पर मिट्टी और पौधों दोनों का वजन संभाल सके।
  • ऐसे पौधों को एक साथ लगाएं जिनमें एक बराबर धूप और तापमान की ज़रूरत पड़ती हो।
  • ऐसी जगह चुनें जो बारिश से सुरक्षित हो। लेकिन पर्याप्त धूप मिलनी चाहिए।
  • ड्रिप सिंचाई प्रणाली की व्यवस्था करने पर विचार करें। इस तरह पौधे का बेस बहुत भारी नहीं होगा।
  • हमेशा मिट्टी, कोकोपीट, खाद और जैविक उर्वरकों के हेल्दी मिश्रण का उपयोग करें। चूँकि पौधे एक सीमित जगह में बढ़ते हैं इसलिए उन्हें पोषक तत्वों की आवश्यकता होगी।
  • पौधों का चयन सावधानीपूर्वक करना चाहिए। जैसे कि फूलों वाले पौधे वर्टिकल गार्डन में अच्छी तरह से नहीं बढ़ पाते हैं और इन्हें सीधे धूप भी नहीं मिलती है। अपने पौधों को चुनते समय प्लांटर्स की गहराई, चौड़ाई और मजबूती पर ध्यान दें।
  • हमेशा बगीचे से दीवार को अलग करने वाली प्लास्टिक की एक परत लगायें। दीवार को सीलन या फंगस से बचाने के लिए सिरेमिक टाइल वाली दीवारों पर वर्टिकल गार्डन विकसित कर सकते हैं।

मूल लेख-TANVI PATEL

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Written by अनूप कुमार सिंह

अनूप कुमार सिंह पिछले 6 वर्षों से लेखन और अनुवाद के क्षेत्र से जुड़े हैं. स्वास्थ्य एवं लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर ये नियमित रूप से लिखते रहें हैं. अनूप ने कानपुर विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य विषय में स्नातक किया है. लेखन के अलावा घूमने फिरने एवं टेक्नोलॉजी से जुड़ी नई जानकारियां हासिल करने में इन्हें दिलचस्पी है. आप इनसे anoopdreams@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं.

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