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तुलसी से लेकर चेरी टोमैटो तक: नागपुर की सिमरन से जानें घर पर औषधीय पौधे उगाने के तरीके! 

सिर्फ 45 दिनों में, आपको आपके पास्ता, सूप आदि के लिए ताजा और जैविक उपज मिलने लगेगी! #UrbanGarden #CoronaLockdown

स्वस्थ्य जीवन के लिए औषधीय पौधों का खास महत्व है। भोजन में तुलसी, रोजमेरी, अजमोद, हरा लहसुन और चेरी टोमैटो जैसे औषधीय गुण वाले पौधों का इस्तेमाल करना चाहिए। इन्हें हर कोई अपने घर में भी उगा सकता है और जब खाने का मन हो तो बगीचे से तोड़कर इनका उपयोग कर सकता है, लेकिन यदि आपको लगता है कि इन पौधों को उगाना मुश्किल है तो सिमरन दुआ आपकी मुश्किल आसान कर रही हैं।

द बेटर इंडिया ने नागपुर की एक उद्यमी सिमरन से संपर्क किया जो अपने घर में औषधीय पौधे उगाती हैं और इसमें दिलचस्पी रखने वाले लोगों को इनडोर बागवानी सिखाती हैं।

यहां वह कुछ उपयोगी टिप्स बता रही हैं!

अपने बगीचे में औषधीय पौधे उगाने के सरल उपाय

How to Grow Herbs
Image Sources: (L) PickPik and (R) WallpaperFlare
  • बीज को पानी में एक या अधिक से अधिक दो दिन के लिए भिगोएं। फिर उन्हें अंकुरित होने दें।
  • इस दौरान एक छोटे बर्तन में नम कोकोपीट भरकर तैयार रखें। कोकोपीट से पौधों को अधिक पोषण प्राप्त होता है। मिट्टी की बजाय कोकोपीट में औषधीय पौधे उगाना काफी आसान है।
  • शुरू में 10 दिनों तक दिन में दो बार बर्तन में पानी दें। ध्यान रखें कि बहुत अधिक प्रेशर से पानी न दें।
  • 10 वें दिन तक बीज अंकुरित हो जाने चाहिए। अंकुरण, किसी भी औषधीय पौधे के बढ़ने के समय की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। यदि पौधे स्वस्थ अंकुरित होते हैं तो आपको बाद में इसकी देखभाल में बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता नहीं है। अन्यथा, बढ़ते हुए पौधों में टूटने या ख़राब होने का डर बना रहता है।
  • ध्यान रहे बर्तन को ऐसी जगह रखें जहां उन्हें सामान्य धूप और हवा मिल सके।
  • आप जैविक उर्वरक जैसे कंपोस्ट का भी प्रयोग कर सकते हैं।
  • शुरुआती 30 दिनों के बाद आप दिन में सिर्फ एक बार पौधों को पानी दे सकते हैं। पौधों पर पानी छिड़कें ताकि इससे तनों को नुकसान न पहुंचे।  हल्के हाथ से पानी दें वरना मिट्टी में बीज नष्ट हो जाएंगे।
  • 45 वें दिन तक औषधीय पौधे उपयोग के लिए तैयार हो जाएंगे। अपनी जरूरत के अनुसार पत्तियों या तने को काटें और पौधे को बढ़ने दें।

पौधों की देखभाल के लिए विशेष टिप्स

प्रत्येक पौधे की अपनी आवश्यकताएं होती हैं, सिमरन पौधों को हरा भरा बनाए रखने के लिए कुछ टिप्स बता रही हैं।

उदाहरण के लिए, यदि आपका पौधा सामान्य धूप मिलने के बावजूद कमजोर हो रहा है तो इसे छाये में रख दें। अगर पौधा पर्याप्त पानी नहीं सोख रहा है तो कम पानी दें। 

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  • रोजमेरी: यह ठंडी जलवायु में उगती है। इसलिए इसे बाहर या अपने किचन में न रखें, जहां उपकरणों और चूल्हे की गर्मी बहुत ज्यादा हो। इसके बजाय इसे अपने लिविंग रूम या बेडरूम में उगाएं क्योंकि यह अन्य जगहों की अपेक्षा ठंडे होते हैं।  
  • तुलसी: यह 1 से 2 फीट की ऊंचाई तक बढ़ती है। इसके पत्ते भी काफी जगह घेरते हैं। इसलिए प्रत्येक बीज को 2 फीट की दूरी पर बोएं। यदि आपके पास जगह की कमी है तो एक बर्तन में एक पौधा लगाएं और उन्हें अलग रखें।
  • अजमोद: शुरु में औषधीय पौधों को सीडिंग ट्रे में उगाना और फिर एक महीने के बाद उन्हें बर्तनों में लगाना बेहतर होता है। यह प्रक्रिया बेशक लंबी है और आपको पौधों को दूसरे बर्तन में रोपते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है लेकिन यह एक सफल विधि है और पौधे काफी स्वस्थ उगते हैं। 
  • अरूगुला के पत्ते (Rocket leaves) : इन पौधे के अपने बीज होते हैं। इसका मतलब है कि इनके फूल में बीज होते हैं और एक पौधे से अपने आप कई पौधे उगा सकते हैं। यदि आप इससे बचना चाहते हैं, तो खिलने से पहले फूलों की कलियों को बाहर निकाल दें। पौधों को हर समय नम रखें और यदि आपके क्षेत्र का मौसम गर्म है तो उन्हें छाया में उगाएं।
  • हरा लहसुन: यह हफ्ते भर में बड़ी हो जाती हैं। इसलिए ध्यान रखें कि इन्हें लगभग 8 से 12 इंच की दूरी पर बोएं। यदि आप अरूगुला की पत्तियों की तरह लहसुन के बीज नहीं चाहते हैं तो कलियों को जड़ से उखाड़ लें या जमीन से एक इंच बढ़ने पर पत्तियों को काट लें। 
  • चेरी टोमैटो: इसे पर्याप्त धूप में उगाएं। इन पौधों को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है। आप अंडे के छिलके का इसमें इस्तेमाल कर सकते हैं। 

बागवानी की शौकीन सिमरन कहती हैं, “हर पौधा अनोखा होता है और इसके लिए आपको धैर्य रखना पड़ सकता है। इसलिए, अपने पौधों की जरूरतों को समझें और उसके अनुसार रणनीति बनाएं।

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अगली बार जब आपको हेल्दी सलाद खाने का मन करे तो अपने बगीचे में लगाए औषधीय पौधों की पत्तियों का इस्तेमाल करें।

कवर फोटो: सिमरन दुआ

मूल लेख: तन्वी पटेल


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Written by अनूप कुमार सिंह

अनूप कुमार सिंह पिछले 6 वर्षों से लेखन और अनुवाद के क्षेत्र से जुड़े हैं. स्वास्थ्य एवं लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर ये नियमित रूप से लिखते रहें हैं. अनूप ने कानपुर विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य विषय में स्नातक किया है. लेखन के अलावा घूमने फिरने एवं टेक्नोलॉजी से जुड़ी नई जानकारियां हासिल करने में इन्हें दिलचस्पी है. आप इनसे anoopdreams@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं.

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