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पिता चारा बेचकर पढ़ा रहे बेटी को, बेटी ने 12वीं में 98.86 पर्सेंटाइल हासिल कर किया नाम रौशन

पिता चारा बेचकर पढ़ा रहे बेटी को, बेटी ने 12वीं में 98.86 पर्सेंटाइल हासिल कर किया नाम रौशन

नेहा का संयुक्त परिवार है, जिसमें माता-पिता, दो भाई-बहन, उसके चाचा और उनका परिवार साथ रहता है। नौ सदस्यों का यह परिवार दो कमरों के घर में रहता है जहां नेहा को अक्सर दिन में घर के कामों में मदद करनी पड़ती है।

हाल ही में, गुजरात सेकेंड्री एंड हायर सेकेंड्री एजुकेशन बोर्ड ने 12वीं कक्षा के परिणाम की घोषणा की है। इस परीक्षा में 17 वर्षीया नेहा यादव ने 98.86 पर्सेंटाइल अंक हासिल किए हैं। नेहा कहती हैं, “मुझे दिन में पढ़ाई करने का ज्यादा मौका नहीं मिला क्योंकि मैं घर के काम में मदद करती हूँ। इसलिए मैंने रात भर जाग कर पढ़ाई की और अपना सिलेबस पूरा किया।”

गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाली नेहा के पिता को अपनी बेटी की सफलता पर बेहद गर्व है। नौ सदस्यों वाला नेहा का परिवार दो कमरे के एक छोटे मकान में रहता है। नेहा के पिता मवेशियों के लिए चारा बेचते हैं और इससे मिलने वाली मामूली आय से बड़ी मुश्किल से परिवार का गुज़ारा चलता है। उनकी इच्छा है कि नेहा पढ़-लिख कर डॉक्टर बने।

नेहा अहमदाबाद के राष्ट्र भारती हिंदी हाई स्कूल की छात्रा है। परीक्षा परिणाम बताते हैं कि नेहा एक मेहनती लड़की है। दो साल पहले 10वीं की बोर्ड परीक्षा में भी नेहा ने 98 फीसदी स्कोर और  99.49 पर्सेंटाइल अंक हासिल किया था। इसके बाद उसने फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और बायोलॉजी के साथ पीसीएम/बी स्ट्रीम चुना।

शिक्षकों से मिला पूरा सहयोग

नेहा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति से परिचित थी। इसलिए, वह साइंस विषय लेने में हिचकिचा रही थी क्योंकि कॉमर्स और ह्यूमैनिटी कोर्स की तुलना में साइंस की पढ़ाई ज्यादा मंहगी है। लेकिन नेहा की हमेशा से इच्छा साइंस ही पढ़ने की रही थी। नेहा कहती है कि उनके शिक्षकों से उन्हें भरपूर समर्थन मिला, जिन्होंने उसे अपनी पसंद के विषय पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

Gujarat Cattle Feed Seller’s Daughter
Neha (centre) with her siblings

नेहा कहती है, “मैं अपने शिक्षकों के प्रति बहुत आभारी हूँ जिन्होंने मुझे पूरा समर्थन दिया। वे मेरे लिए एक्सट्रा क्लास की व्यवस्था करते थे और स्कूल समाप्त होने बाद भी मुझे पाठ समझने में मदद करते थे। मैं विशेष रूप से प्रिंसिपल सर, प्रदीप गुप्ता का उल्लेख करूंगी, जिन्होंने मेरी हर संभव मदद की।”

डॉक्टर बनने की ख्वाहिश

नेहा का संयुक्त परिवार है, जिसमें माता-पिता, दो भाई-बहन, उसके चाचा और उनका परिवार साथ रहता है। नौ सदस्यों का यह परिवार दो कमरों के घर में रहता है जहां नेहा को अक्सर दिन में घर के कामों में मदद करनी पड़ती है। शांति से पढ़ाई करने का समय उन्हें केवल रात को ही मिल पाता है, जब सारा घर सो रहा होता है। 

उनके माता-पिता अपनी बेटी की उपलब्धि पर काफी खुश हैं, खासकर तब जब उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों से जूझने के बावजूद, हमेशा अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी है। नेहा के बड़े भाई अब कॉमर्स में डिग्री ले रहे हैं, जबकि उनकी छोटी बहन 12वीं कक्षा में जाने वाली है।

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वर्तमान में, पूरे फोकस के साथ नेहा अगले साल की NEET प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है। भविष्य के प्रयासों के लिए हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।

मूल लेख: सायंतनी नाथ


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पूजा दास

पूजा दास पिछले दस वर्षों से मीडिया से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य और फैशन से जुड़े मुद्दों पर नियमित तौर पर लिखती रही हैं। पूजा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है और नेकवर्क 18 के हिंदी चैनल, आईबीएन7, प्रज्ञा टीवी, इंडियास्पेंड.कॉम में सक्रिय योगदान दिया है। लेखन के अलावा पूजा की दिलचस्पी यात्रा करने और खाना बनाने में है।
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