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शैम्पू से लेकर दर्दनिवारक तक: 10 चीजें जिन्हें मैं बाजार से नहीं खरीदती!

शैम्पू से लेकर दर्दनिवारक तक: 10 चीजें जिन्हें मैं बाजार से नहीं खरीदती!

इयरबड्स, ड्रेन डी-क्लॉगर, फेस स्क्रब और भी बहुत कुछ – आइये जानते हैं कि मैं इन सामानों को अपनी शॉपिंग लिस्ट में शामिल क्यों नहीं करती हूं। इससे मेरा महीने का काफी खर्च बच जाता है। #LiveGreen

गभग दो साल पहले तक सैनिटरी नैपकिन, कॉटन बॉल, ईयरबड मेरे महीने की खरीदारी लिस्ट का हिस्सा रहते थे। लेकिन 2018 में जब मेंस्ट्रुअल कप और कुछ चीजें घर पर बनाकर उनका इस्तेमाल करने लगी तो धीरे-धीरे मुझे इसकी आदत पड़ गयी और ये चीजें मेरी शॉपिंग लिस्ट से निकल गईं। मुझे ये तो पता था कि इससे मेरे पैसे बच रहे हैं लेकिन कितने पैसे बच रहे हैं, ये नहीं पता था! 

कल मैं हिसाब लगाने बैठी कि इस तरह की जीवनशैली अपनाकर मैं कितने पैसे बचा रही हूँ।

  • सैनिटरी पैड की जगह मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल कर: 1000 रुपये प्रति माह
  • बालों का घरेलू उपचार करके: 200 रुपये प्रति माह
  • मार्केट प्रोडक्ट की बजाय ख़ुद के बनाए फेस स्क्रब से: 300 रुपये प्रतिमाह

मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि मुझे इतनी बचत की उम्मीद नहीं थी!

मेरी ही तरह कई अन्य लोगों ने यही तरीका अपनाकर महीने का खर्च बचाना शुरु किया। हमने बेंगलुरु की तकनीकी विशेषज्ञ सीमा शर्मा और मुंबई के थाणे की योग प्रशिक्षक प्रिया पंचवडकर से बातचीत की, ये दोनों लोग जीरो-वेस्ट लाइफस्टाइल फॉलो करती हैं। हम सभी ने इससे जो अनुभव हासिल किया उसमें सबसे कॉमन यह था कि इससे कचरा तो कम निकला ही लेकिन काफी पैसों की भी बचत हुई।

यहां उन दस चीजों के बारे में बताया गया है जिन्हें हमने खरीदना बंद कर दिया है और आप इसे कैसे करें, इसके बारे में सुझाव दिए गए हैं:

लंबे समय तक टिकाऊ – मेंस्ट्रुअल कप का करें इस्तेमाल!

सच कहूं तो, मुझे हैवी पीरियड्स होते हैं और हर महीने पैड खरीदना मुझे काफी महंगा पड़ता था। जब से मैंने सैनिटरी पैड की जगह मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करना शुरू किया है, तब से महीने के मेरे एक हजार रुपये बच जाते हैं।

Sustainable DIY Tips
Image Courtesy: Seema Sharma

2. केमिकल डिश सोप की जगह बायो-एंजाइम का करें इस्तेमाल

संतरे के छिलके और नींबू का आप क्या करते हैं? इन्हें बायो-एंजाइम में बदलें और आपका बर्तन धोने का साबुन तैयार है! सीमा ने बताया कि बायो एंजाइम से बर्तन अच्छी तरह साफ हो जाते हैं और बर्तन धोने वाले साबुन के पूरे पैसे बच जाते हैं। 

उन्होंने द बेटर इंडिया को बताया, “अब मैं डिशवाश या डिटर्जेंट नहीं खरीदती। बायो-एंजाइम से मेरे बर्तन और कपड़े अच्छी तरह साफ हो जाते हैं।’

3. पैकेट के चिप्स, ना बाबा ना

Seema’s grocery shopping is done in reusable containers. Image Courtesy: Seema Sharma

एक माँ होने के नाते सीमा जानती हैं कि उनके बच्चे स्कूल, ट्यूशन या खेलकर घर आने के बाद रोज स्नैक खाने की जिद करते हैं। इसलिए प्लास्टिक की पैकेजिंग में आने वाले चिप्स और बिस्कुट खाने की उनकी इच्छा को कंट्रोल करने के लिए वे उन्हें फलों और घर पर बने स्वादिष्ट स्नैक्स खाने को देती हैं।

वह बताती हैं, ‘अगर वे स्कूल पिकनिक पर जाते हैं तो मैं उन्हें उनकी पसंद की चीजें खरीदने से नहीं रोक सकती। लेकिन घर पर प्लास्टिक के पैकेट में बंद कोई भी स्नैक नहीं खाने देती हूं।

वह कहती हैं कि सुपरमार्केट के बजाय वह पास के दुकान से किराने की खरीदारी करना पसंद करती हैं ताकि वह अपने डिब्बे और कंटेनर को अनाज, दाल, चावल और अन्य जरुरी सामान लाने के लिए ले जा सकें।

4. क्या आप अभी भी प्लास्टिक इयरबड्स खरीदते हैं?

यह एक ऐसी चीज है जिसका इस्तेमाल मेरे परिवार में काफी लंबे समय से हो रहा है। हम माचिस की तीली के ऊपर कॉटन लगाकर इयरबड्स के रुप में इस्तेमाल करते हैं। आप उम्मीद भी नहीं कर सकते कि हम कितनी मात्रा में प्लास्टिक बचा लेते हैं। 

5. चेहरे को नैचुरल तरीके से करें स्क्रब!

Representative image.

प्रिया ने हमारे साथ घर पर आसानी से बनने वाली स्क्रब रेसिपी शेयर की। “एक चम्मच कॉफी में 5-10 बूंद नारियल तेल मिलाकर स्क्रब तैयार करें। इसे अच्छे से मिलाएं और अपने गालों, ठुड्डी, माथे और गर्दन पर रगड़ें। ठंडे पानी से धोने से पहले स्क्रब को लगभग 15 मिनट तक लगा रहने दें।

6. रंग-बिरंगे प्लास्टिक लूफा को कहें अलविदा और कोकोनट हस्क इस्तेमाल करें

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लूफा चेहरे को एक्सफोलिएट करता है और मृत त्वचा को हटाने में मदद करता है। जब तक कोकोनट हस्क लूफा के बारे में मुझे नहीं पता था तब तक प्लास्टिक लूफा ही मेरे लिए एकमात्र विकल्प था। लेकिन अब मैं हमेशा सिर्फ कोकोनट से बने लूफा का ही उपयोग करती हूँ, इससे नैचुरल शायद कुछ नहीं हो सकता है।

7. जोड़ों में दर्द है? होममेड क्रीम का जादुई असर देखें

प्रिया कहती हैं कि वह यूकेलिप्टस, पिपरमिंट और लैवेंडर एसेंशियल ऑयल और नारियल तेल से घर पर एंटी-इंफ्लेमेटरी क्रीम बनाती है। यह क्रीम मांसपेशियों में दर्द को कम करने में मदद करती है जिससे आप पूरे दिन काम करने के लिए तैयार रहती हैं।

टिप्स : इन जड़ी बूटियों की जगह सिट्रोनेला ऑयल में नारियल तेल या एलोवेरा जेल मिलाकर मच्छर भगाने की नैचुरल दवा (mosquito repellent) तैयार की जा सकती है।

8. प्लास्टिक की बोतल में शैम्पू? अब और नहीं!

शैम्पू की बोतलों से धरती पर प्लास्टिक का कचरा बढ़ता है। सीमा ने कहा कि वह अब शैम्पू की बोतल नहीं खरीदती हैं। वह रीठा, शिकाकाई और आंवले को रात भर भिगोती हैं। अगले दिन वह उसे मसलकर पेस्ट बनाती हैं और शैंपू के रुप में इस्तेमाल करती हैं। इससे बालों की जड़ों से धूल और गंदगी बाहर निकल आती है।

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Sustainability: Does your shampoo look anything like this?

9. एपल सिदर विनेगर चमकदार बालों के लिए

प्रिया कहती हैं कि उनके मुलायम और चमकदार बालों का राज महंगा हेयर कंडीशनर नहीं बल्कि एपल साइडर विनेगर (सेब का सिरका) है। दरअसल वो अब हेयर कंडीशनर नहीं खरीदती हैं क्योंकि उनके बालों पर विनेगर अच्छा असर डालता है।

इसका उपयोग करना बहुत आसान है: एक मग पानी में दो बड़े चम्मच एपल साइडर विनेगर मिलाएं और शैंपू करने के बाद अपने बालों को इससे धोएं। एक या दो मिनट बाद बालों को फिर से धो लें।

10. नालियां जाम हो गई हैं? बेकिंग सोडा से करें साफ

जब बेकिंग सोडा और विनेगर से काम चल जाए है तो गंदे पाइपों को साफ करने के लिए ड्रेन पाउडर क्यों खरीदें? प्रिया बहुत आसान किचन टिप्स बताती हैं जो आपके पाइप और जल निकायों को विषाक्त बनाए बिना इनकी सफाई करने में मदद करता है।

यह भी पढ़ें: कम में ज्यादा जीना, बिल्कुल भी नहीं है मुश्किल, सीखिए इन 5 लोगों की जीवनशैली से!

आपने अपने घर को हरा-भरा और साफ-सुथरा बनाने के लिए क्या-क्या खरीदना बंद कर दिया है? कमेंट्स बॉक्स में हमें बताएं।

मूल लेख: तन्वी पटेल 


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अनूप कुमार सिंह

अनूप कुमार सिंह पिछले 6 वर्षों से लेखन और अनुवाद के क्षेत्र से जुड़े हैं. स्वास्थ्य एवं लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर ये नियमित रूप से लिखते रहें हैं. अनूप ने कानपुर विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य विषय में स्नातक किया है. लेखन के अलावा घूमने फिरने एवं टेक्नोलॉजी से जुड़ी नई जानकारियां हासिल करने में इन्हें दिलचस्पी है. आप इनसे anoopdreams@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं.
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