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कोविड टाइम: क्या करें जब डोमेस्टिक हेल्प लौट आए काम पर?

मुंबई में कार्यरत डॉ. राठी आज आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप बाहर से आनेवाली सहायिकाओं को लेकर सावधानी बरत सकती हैं।

कोविड 19 के इस दौर में लोगों पर घर की पूरी-पूरी ज़िम्मेदारी आ पड़ी है। घर की साफ़-सफाई से लेकर खाना बनाने तक का काम सभी अपने हाथों से कर रहे हैं। लेकिन एक बात सभी को परेशान कर रही है, वो है सिंक में जमा होते बर्तन। जिसे देख कर लोग परेशान हो रहे हैं। लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने कुछ बातों पर छूट दे दी है, जिसके अनुसार आप ऑनलाइन खरीददारी, इत्यादि कर सकते हैं। इसे देखते हुए कहा जा रहा है कि लॉकडाउन के चौथे चरण में शायद सरकार लोगों के घरों में डोमेस्टिक हेल्प यानी कि घरेलू सहायिकाओं को आने की छूट दे दे। यदि आप भी इन सहायिकाओं को घर पर बुलाने का प्लान बना रहे हैं, तो अपने घर को कोरोना वायरस से सुरक्षित रखने के ये गुर ज़रूर सीख लें। मुंबई में कार्यरत डॉ. राठी आज आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे आप बाहर से आनेवाली सहायिकाओं को लेकर सावधानी बरत सकती हैं।

मास्क का ऐसे करें इस्तेमाल


Precautions When Maid Is Back During Covid-19 Time

सहायिकाओं को बगैर मास्क के घर में आने देना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। बेहतर होगा कि आप सहायिका को घर में इस्तेमाल करने के लिए अलग मास्क दें। साथ ही जब तक सहायिका आपके घर में काम कर रही हो, तब तक घर के सभी सदस्य मास्क का इस्तेमाल करें। सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए उनसे कम से कम 6 फ़ीट की दूरी बना कर रखें। घर में मौजूद बच्चों और बुज़ुर्गों को अलग रूम में रखें।

सहायिकाओं के सामन को ना दें घर में एंट्री

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डॉ. राठी कहते हैं कि अक्सर ये सहायिकाएं अपने साथ बैग ले आती हैं, जो अनेक लोगों के संपर्क में पहले से ही आ चुका होता है। ऐसे में आपको बैग इत्यादि को घर में नहीं लाने देना चाहिए। साथ ही बाहर से आई चप्पलों और जूतों को घर से बाहर ही रखना चाहिए।

हाथ और पैर की सफाई

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जब ये सहायिकाएं घर में आती हैं, तो उन्हें हाथों और पैरों को साबुन या हैंडवाश से अच्छी तरह धोने की हिदायत देनी चाहिए। बाहर से चल कर आने पर कई बार पैरों में भी वायरस के होने का अंदेशा होता है, इसलिए अच्छी तरह से हाथ और पैर धोने के बाद उन्हें सैनेटाइज़र से साफ़ करना भी बेहद ज़रूरी हो जाता है।

नोट: सहयिकाओं द्वारा इस्तेमाल किये गए सामान, जैसे झाड़ू, पोछा, डस्टिंग क्लॉथ, इत्यादि से भी
संक्रमण का ख़तरा हो सकता है। अतः इन सामानों को पुनः इस्तेमाल से पहले सेनेटाइज़ करना
आवश्यक माना जाता है। आप चाहें तो इन सामानों को घरेलू सैनेटाइजर की मदद से साफ़ कर सकते हैं।

बूट्स और ग्लव्स का इस्तेमाल

यदि आप पूरी तरह सावधानी बरतना चाहते हैं, तो सहायिकाओं को प्लास्टिक के बूट्स और हैंड ग्लव्स इत्यादि मुहैया करवाएं। ध्यान रखें कि बर्तन धोने और किचन का काम करने के लिए वे अलग से रखे हुए रबर ग्लव्स का इस्तेमाल करें। इस तरह आपके घर और किचन में रखे पदार्थ त्वचा के संपर्क में आने से बचे रहेंगे।

नोट: भले ही सरकार ने लॉकडाउन के इस चरण में कुछ छूट दे दी हो, लेकिन फिर भी देश में कोरोना के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे समय में बेहतर यही होगा कि आप सहायिकाओं को खाना बनाने का काम ना सौंपे।

कुक के लिए खास हिदायतें

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यदि किसी कारणवश आपको कुक की आवश्यकता हो, तो आपको और भी ज़्यादा सचेत रहने की ज़रुरत पड़ेगी। किचन ही एक मात्र ऐसी जगह है, जहां से संक्रमण आसानी से फ़ैल सकता है, अतः आपको कुछ बातों का ख़ास ध्यान रखना चाहिए। कुक के लिए किचन के सिंक के पास हैंडवाश और सैनेटाइजर ज़रूर रखें, साथ ही उसे बार-बार हाथ धोने की हिदायत दें। ज़रूरी है कि किचन में जाने से पहले कुक हैंड ग्लव्स और हेयर कैप ज़रूर पहने। ध्यान रखें कि कुक का इस्तेमाल किया गया किचन क्लॉथ, हैंड ग्लव्स, इत्यादि आप रोज़ धोएं और उसके द्वारा इस्तेमाल किये गए बर्तनों को भी दोबारा साफ़ करें। साथ ही किचन में मौजूद नल के टैप, माइक्रोवेव, फ्रिज के हैंडल इत्यादि जगहों को रोज़ सैनेटाइज़ करें।
नोट: कोशिश करें कि कुक को खाना पकाने का सामान आप खुद निकालकर दें, जिससे उसे किचन की दराज़ों, फ्रिज, इत्यादि को कम से कम छूने की ज़रुरत पड़े।

लेडीज़ कवरऑल है अच्छा उपाय

यदि आपकी सहायिका और भी घरों में काम कर रही है, तो बेहतर है कि आप उन्हें लेडीज़ कवर ऑल मुहैया करवाएं। कई बार कपड़ों में भी जर्म्स के होने के आसार होते हैं। यदि ये सहायिकाएं कवर ऑल पहनती हैं, तो लगभग पूरी तरह से आपका घर सुरक्षित बना रहेगा।

मौजूदा हालत को देखें, तो कोरोना का कहर देश में थमने का नाम नहीं ले रहा, इसलिए बेहतर होगा कि आप इन सहयिआओं को घर में अभी ना बुलाएं। लेकिन यदि आप इन्हे बुलाना ही चाहते हैं, तो इन सहायिकाओं को वेतन ज़रूर दें। देश में गरीबों की स्थिति दिन पर दिन खराब होती जा रही है, ऐसे में इनकी मदद करना हमारा कर्तव्य माना जाएगा। कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए घर में रहें और सरकार द्वारा जारी की गई हिदायतों का पूर्ण रूप से पालन करें।

संपादन – मानबी कटोच 

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Written by तोषिनी राठौड़

लेखन से गहरा जुड़ाव रखने वाली तोषिनी राठौड़ लंबे समय से मीडिया में कार्यरत है। संगीत से लगाव और अपने प्राणी-प्रेम के लिए लोगों के बीच पहचान रखती तोषिनी एक गायिका तो हैं ही , इसके साथ ही वह कई एनीमल एनजीओ के साथ काम भी करती हैं। बचपन से किताबी कीड़ा रह चुकी तोषिनी के लिए उनका लेखन एक मेडिटेशन की तरह काम करता है।

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