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कोरोना हीरोज़: मात्र 30 रुपये की लागत वाली फेस-शील्ड बना रही है यह टीम!

IIT दिल्ली की इनोवेशन सेल के साथ काम कर रहे सचिन पवार ने इस फेस-शील्ड का डिज़ाइन बनाया है और अब वह वीडियो के माध्यम से देश के अलग-अलग भागों में लोगों को इसे बनाना सिखा रहे हैं!

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त्तर-प्रदेश के नोएडा में रहने वाले कुछ युवाओं ने मिलकर इन्फेक्शन से बचने के लिए कम लागत की फेस-शील्ड बनाई है। यह फेस शील्ड उन्होंने खासतौर पर स्वास्थ्य कर्मचारियों, सफाई कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और देश के अन्य लोग जो सबसे आगे बढ़कर कोरोना से जंग लड़ रहे हैं, उनके लिए बनाई है। इस टीम में पांच लोग शामिल हैं- सचिन पवार, सुनील नगर, अनुज कसाना, राजीव मावी और देवेन्द्र खारी। टीम का नेतृत्व करने वाले और इस फेस शील्ड का डिज़ाइन बनाने वाले सचिन पवार आईआईटी दिल्ली की इनोवेशन सेल से जुड़े हुए हैं। सचिन फ़िलहाल अपना स्टार्टअप ‘योर ओन ग्रीन एरिया (YOGA)‘ चला रहे हैं।

सचिन पवार ने द बेटर इंडिया को बताया, “जब से कोरोना वायरस के बारे में खबरें आने लगी तभी से मैं और मेरे कुछ दोस्त इन खबरों पर नज़र रख रहे थे। मुझे लगा कि देश के नागरिक होने के नाते हमारी भी ज़िम्मेदारी बनती है कि हम किस तरह से देश की इस मुश्किल घड़ी में मदद कर सकते हैं। मैंने अपने कुछ आईआईटियन दोस्तों का एक ग्रुप बना लिया और हम सब विचार-विमर्श करने लगे की हम क्या कर सकते हैं और क्या नहीं?”

सचिन और उनके दोस्तों ने इस बात पर फोकस किया कि सबसे आगे खड़े होकर जो लोग इस जंग में शामिल हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चत हो। इसलिए उन लोगों ने तरह-तरह के डिज़ाइन और प्रोटोटाइप बनाना शुरू कर दिया। सचिन ने अपने स्तर पर फेस-शील्ड बनाने की ठानी लेकिन ऐसी फेस-शील्ड जिसकी लागत बहुत ही कम हो। उन्होंने बताया कि बहुत से लोग फेस-शील्ड बना रहे हैं लेकिन उन्होंने ऐसा डिज़ाइन बनाया जिससे कोई भी अपने लिए फेस-शील्ड बना सकता है। उन्होंने जैसे-तैसे इसके लिए रॉ मटेरियल जुटाया और इसके लिए उन्हें प्रशासन की सहायता मिली।

IIT Delhi Alumni
Sachin Pawar

सचिन ने बताया, “मैंने नोएडा प्रशासन से मदद मांगी और उन्होंने मेरा पूरा सहयोग किया। मैंने अपनी फेस-शील्ड के कुछ पीस तैयार कर लिए और इसकी लागत भी बहुत कम आई। इसके बाद मैंने इन्हें राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान को दिया ताकि वह जांच सके कि यह सही है या नहीं। उनसे मंजूरी मिलने के बाद अपने कुछ स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत साथियों तक पहुँचाया। वहां से भी प्रतिक्रिया सकारात्मक ही थी। लेकिन अब समस्या थी कि कैसे इसे बड़े स्तर पर बनाया जाए और बांटा जाए। ऐसे में मेरे दोस्त, सुनील नागर ने मदद की।”

सुनील पहले से ही सामाजिक कार्यों में आगे रहे हैं और इस वजह से उनका नेटवर्क भी अच्छा है। उन्होंने अपने साथ और कुछ लोगों को जोड़ा और सभी ज़रूरी अनुमति लेकर इस फेस-शील्ड का काम शुरू किया। सचिन के मुताबिक, इस फेस शील्ड की कीमत 30 रुपये है और अब तक वह लगभग 21, 500 फेस शील्ड बनाकर बाँट चुके हैं। उन्होंने अब तक GIMS नोएडा, पारस अस्पताल, एम्स दिल्ली, कृष्णा मेडिकल कॉलेज, चरक अस्पताल, अरुणा आसिफ अस्पताल, जीटीबी अस्पताल जैसे संस्थानों में यह फेस-शील्ड भिजवाई हैं।

Photo Courtesy: Sachin Pawar

“हमने गौतम बुद्ध नगर के कमिश्नर और डीआईजी को भी कुछ फेस-शील्ड सप्लाई की हैं। यूपी के 70 पुलिस स्टेशन और नोएडा की आरएडब्ल्यू सोसाइटी के गार्ड्स को भी यह फेस-शील्ड दी गयी हैं। इसके अलावा, तेलंगाना और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी हमने लगभग 5000 फेस-शील्ड भिजवाई हैं,” सचिन ने कहा।

लॉकडाउन के दौरान उनकी फेस-शील्ड को अलग-अलग जगह पहुंचाने की ज़िम्मेदारी भारतीय डाक सेवा ने ली। सचिन ने ट्विटर के ज़रिए उनसे सम्पर्क किया और उन्होंने तुरंत इस काम में सहयोग दिया। इसके अलावा, सचिन ने फेस-शील्ड का प्रोडक्शन अपनी जेब से ही शुरू किया था लेकिन जैसे-जैसे लोगों को उनके अभियान के बारे में पता चला तो उन्हें काफी जगह से मदद मिली।

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IIT Delhi Alumni design
Packed Face-shield and they are shipping these to various hospitals (Photo: Sachin Pawar)

फेस-शील्ड का रॉ मटेरियल:

सचिन बताते हैं कि उन्होंने फेस-शील्ड बनाने के लिए क्लियर पॉलीस्टर शीट, फोम, डबल साइड टेप, इलास्टिक का इस्तेमाल किया है। उन्होंने शीट के एक सिरे पर पहले डबल टेप लगाई फिर इस पर फोम को लगाया और फिर इसके दोनों तरफ छेद करके इलास्टिक को फिट कर दिया।

साथ ही, स्टरलाइजेशन के लिए उन्होंने शीट पर एक नैनो सोल्यूशन की कोटिंग चढ़ाई गई है ताकि धूप में यह खुद ही स्टरलाइज्ड हो जाए। लेकिन 15 हज़ार शीट के बाद उनके पास सोल्यूशन की कमी हो गई। ऐसे में, उन्होंने 4 वीएचपी चैम्बर बनाए जहां इन्हें लगभग 4 घंटे के लिए रखा जाता है।

सचिन कहते हैं कि उन्होंने फेस-शील्ड बनाने का तरीका एक वीडियो के माध्यम से दूसरे लोगों तक भी पहुँचाया है। ताकि लोग खुद अपने इलाके में यह बनाकर पुलिस और प्रशासन की मदद कर सकें। उन्हें कई जगह से लोगों ने संपर्क भी किया है कि वे भी अपने यहाँ फेस-शील्ड बना रहे हैं।

फोटो साभार: सचिन पवार

सचिन बताते हैं, “मुझे यकीन है जल्द ही हम 50 हज़ार फेस शील्ड बनाने में कामयाब होंगे। प्रशासन के सहयोग से हम जगह-जगह से आ रही मांग की आपूर्ति करने में जुटे हैं। आगे हमारी योजना यह भी है कि हम एन95 मास्क का प्रोडक्शन करें। मैंने इसका एक प्रोटोटाइप बनाया है और जैसे ही हमें अनुमति मिलेगी, हम इस काम में जुट जाएंगे। तब तक के लिए सबसे यही अपील है कि घरों में रहें और सुरक्षित रहें।”

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सचिन पवार से संपर्क करने के लिए आप उन्हें 9873855518 पर कॉल कर सकते हैं!


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