in ,

घर पर ही सिलाई मशीन से इस तरह बनाएं फेस मास्क!

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक मैन्युअल के मुताबिक अगर 80 फीसदी लोग बाहर निकलते समय फेस-मास्क का इस्तेमाल करते हैं तो महामारी के प्रकोप को प्रभावी तरीके से रोका जा सकता है!

How to make face-mask

कोरोना वायरस महामारी के शुरूआती चरण के दौरान, केवल संक्रमित लोगों को लगातार फेस मास्क पहनने की सलाह दी जा रही थी। लेकिन अब चीजें थोड़ी बदल गई हैं।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक मैन्युअल में कहा गया है कि विश्लेषण के अनुसार यदि 50% आबादी मास्क पहनती है, तो केवल 50% आबादी ही वायरस से संक्रमित होगी। लेकिन अगर 80% आबादी मास्क का उपयोग करे, तो इस महामारी के प्रभाव को तुरंत रोका जा सकता है।

अब इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आपको कोई बीमारी के लक्षण हैं या नहीं। अगर आप स्वस्थ भी हैं और आपको किसी बहुत ज़रूरी काम की वजह से घर से निकलना पड़ रहा है तो मास्क पहनकर ही निकलें। यह आपको बहुत हद तक वायरस के संक्रमण से बचा सकता है।

COVID-19 वायरस आसानी से हवा के कणों से फ़ैल सकता है। दरअसल, अगर कोई संक्रमित व्यक्ति बिना किसी मास्क के बात कर रहा है, खांस-छींक रहा है या फिर जम्हाई ले रहा है तो यह वायरस हवा के कणों में आ जाता है। यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति उस हवा में सांस ले तो वह भी संक्रमित हो सकता है। ध्यान रहे कि हवा में यह वायरस 3 घंटे तक और प्लास्टिक व स्टेनलेस स्टील की सतहों पर 3 दिन तक जिन्दा रह सकता है।

अगर आपने अपने मुंह और नाक को अच्छे से ढका हुआ है तो बहुत ही कम सम्भावना है कि आप इस संक्रामित हवा में सांस लें। वैसे तो घर पर बने सूती कपड़े के मास्क, N-95 और N-99 सर्जिकल मास्क की तुलना में सिर्फ 70% तक ही प्रभावी हैं। लेकिन फिर भी संक्रमण से बचने के लिए यह एक बेहतर विकल्प है। सर्जिकल मास्क मुख्य रूप से सबसे आगे खड़े स्वास्थ्य सेवा कर्मचारियों और COVID-19 से जूझ रहे लोगों के लिए हैं और इन मास्क की देश भर में पहले से ही काफी मांग है।

COVID-19 India

लेकिन आपको मास्क खरीदने के लिए कहीं बाहर जाने की ज़रूरत नहीं है। आप अपने घर में ही रहकर मास्क बना सकते हैं और इसके लिए आपको बहुत ही सामान्य सी चीजें चाहिएं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, 100% सूती कपड़े की डबल परत छोटे कणों को रोकने में सबसे ज्यादा असरदार है। यह सांस लेने में आरामदायक होने के साथ-साथ घर पर आसानी से मास्क बनाने के योग्य भी है।

मास्क बनाने के लिए आप कोई भी सूती कपड़ा/पुरानी बनियान या टी-शर्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं। मास्क बनाने से पहले, इस बात का ध्यान रखें कि आपने कपड़े को उबलते हुए पानी में 5 मिनट तक अच्छे से धो लिया है और सुखा लिया है। पानी में थोड़ा नमक भी डाल लें।

सामग्री:

सूती कपड़ा: वयस्कों के लिए 9*7 इंच का और बच्चे के लिए 7*5 इंच का

स्ट्रिप/डोरी: सूती कपड़े से 4 स्ट्रिप्स काटें पाइपिंग और बांधने के लिए। 1.5*5 इंच के दो पीस और 1.5*40 के दो पीस।

सिलाई मशीन, कैंची

तरीका:

1. कटे हुए कपड़े को लें और इसके एक सिरे से 1.5*5 इंच वाली स्ट्रिप को पाइपिंग की तरह जोड़ लें।

2. इसके बाद, करीब 1.5 इंच कपड़े को, 3 बार नीचे की ओर मोड़ते हुए प्लीट्स बना लें और इन्हें सिल दें।

How to make face-mask
Steps to make mask at home (Source)

3. कपड़े को अब दूसरी तरफ मोड़ कर इन्ही स्टेप्स को दोहराते हुए प्लीट्स बनाएं। दोनों तरफ प्लीट्स बन जानें के बाद कपड़े की लम्बाई 9 इंच से घटकर 5 इंच रह जाएगी।

4. अब दोनों तरफ की प्लीट्स पर पाइपिंग लगा दें और ध्यान रखें कि सभी प्लीट्स नीचे की ओर रहें।

How to make face-mask
Steps to make mask at home (Source)

5. अब 40 इंच की स्ट्रिप्स को मास्क बांधने के लिए मास्क के ऊपर और नीचे की ओर जोड़ें।

6. अब इन स्ट्रिप्स को 3 बार फोल्ड कर के सिल दें और आपका मास्क तैयार है।

COVID-19 Homemade mask
Mask is ready (Source)

घर पर बने मास्क की खासियत है कि इसे इस्तेमाल करने के बाद धोकर फिर से उपयोग कर सकते हैं। जबकि सर्जिकल मास्क सिर्फ एक ही बार उपयोग में आ पाते हैं। आपको सिर्फ इतना करना है कि उपयोग के बाद कपड़े के मास्क को साबुन और गर्म पानी से अच्छे से धोना है और फिर इसे बाहर 5 घंटे धूप में सुखाना है।

यह भी पढ़ें: कोरोना लॉकडाउन: आमजन को राहत पहुंचाने वाले सरकार के ज़रूरी कदम!

कवर फोटो

मूल लेख: चारू चौधरी


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं।

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Unknown Freedom Fighter

घूंघट छोड़कर आज़ादी की लड़ाई से जुड़ने के लिए प्रेरित करने वाली राधाबाई की कहानी!

कार्टन से स्कूल डेस्क बना रही हैं मुंबई की मोनिशा, हर साल 750 टन कचरा होता है रीसायकल!