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जानिए न्यूयॉर्क में रहते हुए इस भारतीय ने कैसे जीती कोरोना से जंग!

30 वर्षीय कौशिक विश्वनाथ न्यूयॉर्क शहर में काम करते हैं। उन्हें पता चला कि वह कोविड-19 से संक्रमित हैं। लेकिन कोविड-19 के साथ जंग में वह जीते और इस बीमारी से पूरी तरह उबरने के बाद द बेटर इंडिया के साथ अपने अनुभव साझा किए।

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कोरोना वायरस (COVID-19) महामारी के बढ़ते आकंड़ों से पूरे देश में चिंता और डर का माहौल बना हुआ है। देश में 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की गई है और हर दिन कोविड-19 के कई मामले सामने आ रहें हैं। ज्यादा मामले सामने आने का मतलब है कि अब पहले की तुलना में ज़्यादा टेस्ट हो रहें हैं। जितने ज्यादा टेस्ट होंगे, उतनी ही जल्दी हम संक्रमित लोगों का इलाज कर सकते हैं और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हो सकते हैं। इस संक्रमण से घबराएं नहीं क्योंकि इस लेख में हम आपको न्यूयॉर्क में रहने वाले ऐसे भारतीय की कहानी बताएंगे जिन्होंने इस बीमारी को मात दे दी है।

30 वर्षीय कौशिक विश्वनाथ मूल रूप से चेन्नई के रहने वाले हैं और कुछ सालों से अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर (NYC) में काम कर रहें हैं। लगभग दो हफ्ते पहले उन्हें पता चला कि वह कोविड-19 से संक्रमित हैं। लेकिन कोविड-19 के साथ जंग में वह जीते और अब पूरी तरह ठीक हो गये। इस बीमारी से पूरी तरह उबरने के बाद न्यूयार्क से ईमेल के ज़रिए कौशिक ने द बेटर इंडिया के साथ अपने अनुभव साझा किए।

साक्षात्कार के संपादित अंश:

आपको पहली बार कब लगा कि आपमें COVID-19 के लक्षण हो सकते हैं?

गुरुवार 12 मार्च को मुझे गले में थोड़ी खराश महसूस हुई। शुक्रवार,13 मार्च को मुझें खांसी शुरू हो गई और देर दोपहर तक हल्का बुखार भी चढ़ने लगा। तब मुझे लगा कि मैं निश्चित रूप से बीमार हूँ और ऐसे में मुझे घर के भीतर ही रहना चाहिए और फ्लैट में रहने वाले लोगों से दूरी बना कर रखनी चाहिए।

आपको कब पता चला कि आप COVID-19 से संक्रमित हैं और आप तक यह संक्रमण कैसे पहुंचा?

15 मार्च को, जब मेरा बुखार कम नहीं हो रहा था, मैंने एक अर्जेंट केयर क्लिनिक से संपर्क किया और पता किया कि क्या मेरा टेस्ट किया जा सकता है। एक डॉक्टर ने मेरी जांच की और मेरे लक्षणों (हल्की खांसी और लगातार बुखार) और अस्थमा जैसी अन्य समस्याओं से पीड़ित होने पर सवाल किया। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या मैं किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आया हूँ जो कोविड-19 से संक्रमित है लेकिन मैं किसी व्यक्ति के संपर्क में नहीं था। पहले मेरी फ्लू की जांच की गई और फ्लू का टेस्ट निगेटिव आने पर कोरोना वायरस के लिए टेस्ट किया गया। मुझे बताया गया कि इस टेस्ट का रिपोर्ट आने में 2 से 3 दिन का समय लगेगा। इस बीच, उन्होंने मुझे डेक्विल (सर्दी-खांसी और फ्लू की दवा) लेते रहने के लिए कहा। बुधवार 18 मार्च को, एक डॉक्टर ने मुझे फोन किया और बताया कि मेरा टेस्ट पॉज़िटिव आया है।

मुझे ठीक से पता नहीं कि मैं इससे संक्रमित कैसे हुआ। मैं सोशल डिस्टेंसिंग यानी लोगों से दूरी बना कर ही चल रहा था लेकिन पिछले कुछ दिनों में कुछ लोगों से मिला था। 10 मार्च को, मैं भारत से आए एक दोस्त और उसके पति से मिलने के लिए कुछ दोस्तों के साथ डिनर करने के लिए बाहर गया था। अगले दिन मैं पास ही एक रॉक क्लाइम्बिंग जिम में गया था।

ये दोनों जगह जाना शायद मेरे लिए गलत फैसला था।

क्या आप अस्पताल में भर्ती थे?

मैं भाग्यशाली था कि मुझे अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा। मेरे लक्षण कभी बहुत गंभीर नहीं थे। पहले तीन दिन के भीतर मेरी खांसी चली गई और मुझे सांस लेने की समस्या भी नहीं हो रही थी या इस तरह के कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे थे। मुझे बस बुखार था जो 99 और 102 डिग्री के बीच में चढ़ और उतर रहा था और कभी-कभी सिरदर्द होता था। मैंने पहले भी श्वसन संक्रमण और बुखार जैसी समस्याओं का सामना किया है और यह निश्चित रूप से पिछले बीमारियों के मुकाबले ज़्यादा गंभीर नहीं था। हालांकि, यह सबसे लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों में से था और इसे ठीक होने में दस दिन से ज़्यादा समय लगा।

क्या आपको कभी डर लगा? आपका इलाज किस तरह किया गया?

मुझे डर नहीं लगा क्योंकि लक्षण कभी बहुत गंभीर नहीं थे। हालांकि, लगातार बुखार रहने और सुधार ना होते दिखाई देने से मैं चिंतित हो गया कि किसी भी समय मेरे लक्षण और बद्तर हो सकते हैं। बुखार कम करने के लिए दवा लेने के अलावा कोई इलाज नहीं था।

Kaushik Viswanath

क्वारंटीन के दौरान आपको क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

मेरी पत्नी सिरैक्यूज़ (Syracuse) में पढ़ती है और न्यूयॉर्क आती-जाती रहती है। जैसे ही मैं बीमार हुआ, मैंने उसे यहां आने के लिए मना कर दिया ताकि यह संक्रमण मेरे ज़रिए उस तक ना पहुंचे। यह देखते हुए कि न्यूयॉर्क में कोविड-19 रोगियों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हो रही है और यात्रा करना उचित नहीं है, वह पिछले कई हफ्तों से सिरैक्यूज़ में ही है। जिस दिन से मैं बीमार पड़ा, टेस्ट कराने के लिए एक दिन बाहर जाने के अलावा मैं ज्यादातर अपने फ्लैट के कमरे में ही रहा।

मैं एक फ्लैटमेट के साथ रहता हूँ और वह संक्रमित न हो इसके लिए मैंने सख्त सावधानी बरतने की कोशिश की। मैंने ध्यान रखा कि जब भी मैं कमरे से बाहर निकलूं, चेहरे पर मास्क हो। मैंने कमरे के बाहर कुछ भी छूने से पहले हाथ धोये, नल और फ्लश हैंडल जैसे सतहों को छूने के बाद उसे ठीक से साफ किया। मेरा फ्लैटमेट सौभाग्य से बीमार नहीं पड़ा है, हालांकि उसे कुछ दिनों से हल्की खांसी थी।

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मेरे बीमार होने के बाद से वह भी हमारे अपार्टमेंट में सेल्फ-क्वारंटीन था। अब जब मैं ठीक हो गया हूँ, तो डॉक्टर के दिशानिर्देशों के अनुसार मैं क्वारंटीन से बाहर आ सकता हूँ। हालांकि, मेरा फ्लैटमेट बीमार नहीं पड़ा है, हम समझ नहीं पा रहे हैं कि उसके लिए अपार्टमेंट से बाहर निकलना कब ठीक होगा।

क्वारंटीन में आप कब तक थे? पूरी तरह आप कब ठीक हुए?

9 मार्च (बीमार पड़ने से पहले) से मैं घर से काम कर रहा था और सामाजिक दूरी का अभ्यास कर रहा था। लेकिन जिस दिन (13 मार्च) से मुझे पता चला कि मैं बीमार हूँ, मैं पूरी तरह से क्वारंटीन में चला गया । 22 मार्च को जब मैं उठा तो मुझे हल्का बुखार था और उस दिन मुझे दवा लेने की ज़रूरत नहीं पड़ी। उस दिन से बुखार नहीं बढ़ा है। सावधानी बरतते हुए मैं अब भी अपने घर से बाहर नहीं निकला हूँ, हालांकि, डॉक्टर ने मुझसे कहा था कि मैं लक्षणों की शुरुआत होने के 10 दिनों के बाद और लक्षण खत्म होने के तीन दिनों के बाद क्वारंटीन से बाहर आ सकता हूँ।

COVID-19 से संक्रमित या सेल्फ क्वारंटीन में रह रहे लोग अक्सर अकेलापन महसूस करने की बात कहते हैं। आप इस भावना से कैसे निपटे?

एक तरह से देखा जाए तो सामान्य परिस्थितियों के मुकाबले, इस समय मैं दोस्तों और परिवार से अधिक जुड़ा हुआ था। मैंने कई सारे दोस्तों के साथ ग्रुप वीडियो कॉल के ज़रिए बातें की और यहां तक कि हम सबने मिल कर ‘ओम शांति ओम’ और ‘मैं हूँ ना’ जैसी फिल्में भी देखी। अगर मेरे पास अपने दोस्तों और परिवार से जुड़े रहने के लिए इंटरनेट नहीं होता तो मैं शायद अकेला होता।

अब आपकी वर्तमान स्थिति क्या है? क्या आप अभी भी क्वारंटीन में हैं?

अब मुझे ठीक हुए चार दिन से ज़यादा हो चुका है। मैं तकनीकी रूप से क्वारंटीन से बाहर आ सकता हूँ, लेकिन मैं कुछ और दिनों के लिए घर पर ही रह रहा हूँ।

आपको क्या लगता है कि COVID-19 को लेकर लोगों की सबसे बड़ी गलतफहमी क्या है?

मेरे शहर में सबसे अधिक निराशाजनक चीजों में से एक मैंने यह देखी कि जिस दिन मैं टेस्ट के लिए घर से बाहर निकला था, उस दिन भी सड़कों पर काफी संख्या में लोग घूम रहे थे। ज़्यादातर लोग ग्रुप में भी थे। उस समय तक, लोगों को बीमारी के दुष्प्रभाव को अधिक गंभीरता से लेना चाहिए था। बेशक, मैं अपने बीमार होने से पहले इसे अधिक गंभीरता से नहीं लेने के लिए खुद को दोषी मानता हूँ।

Take all necessary precautions!

भारत के लोगों के लिए आप क्या सलाह देंगे?

अब, लॉकडाउन के साथ, मुझे लगता है कि इसे लेकर भारत में पर्याप्त स्तर पर चेतावनी दे दी गई है। भारत में मेरे परिवार के सदस्यों को यह समझाने में कुछ समय लगा कि यह एक बड़ी समस्या है और अब मैं ज्यादातर कई संवेदनशील लोगों के लिए चिंतित हूँ, जो लॉकडाउन से परेशान होंगे। मैं उन्हें सलाह देना चाहूंगा कि, लॉकडाउन में भी, अगर आप बीमार पड़ते हैं तो आप यह संक्रमण अपने साथ रहने वाले लोगों में फैला सकते हैं। अगर आपके घर में जगह है तो, आप एक कमरे में रहें और घर के दूसरे सदस्यों के साथ संपर्क में आने से बचें। कमरे से बाहर आने पर, हमेशा मास्क पहने, हाथ अच्छी तरह धोएं, और नल और दूसरी सतहों को साफ रखें।

एक बार फिर, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि प्रत्येक मामले की गंभीरता अलग है। हमेशा एक योग्य चिकित्सक से परामर्श करें। सभी आवश्यक सावधानी बरतें और घर के अंदर रहें ताकि संक्रमित होने की संभावना कम रहे।

मूल लेख: रिनचेन नोरबू वांगचुक

संपादन – अर्चना गुप्ता


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