in

क्या बुखार/खांसी होते ही जाना है Covid-19 के टेस्ट के लिए? जानिए क्या हैं ICMR के निर्देश!

कोरोना वायरस के डर से आशंकित लोग घबरा कर अस्पताल भाग रहें हैं। ऐसे में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा दिशा-निर्देश जारी कर ये बताया गया है कि किसे, किन हालातों में अस्पताल जाने की ज़रूरत है।

मेरे अपार्टमेंट में काम करने वाली एक कुक की तबीयत खराब हो गई। उसे बुखार, थकान और पूरे शरीर में दर्द हो रहा था। जैसे इस बारे में सोसाइटी के लोगों को पता चला तो व्हाट्सअप पर सब बातें करने लगें और उनकी बातों में Covid-19 और कोरोना वायरस (Coronavirus) शब्दों का बार-बार इस्तेमाल हो रहा था।

कुछ लोग कह रहे थे कि सबको टेस्ट करा लेना चाहिए क्योंकि वह कुक अपार्टमेंट के 5 घरों में खाना बनाती थी। लेकिन डॉक्टर से चेकअप कराने के बाद पता चला कि उस महिला को सामान्य फ्लू है और वह दो-तीन में दवाइयां लेकर और आराम करके ठीक हो जाएगी।

इस घटना से एक बहुत ज़रूरी सवाल मन में उठता है कि हमें कब Covid-19 के टेस्ट के लिए जाना चाहिए और हमें किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए?

इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) हमारे इन सवालों के जवाब दे सकती है।

Covid-19 का टेस्ट आपको कब कराना चाहिए?

1. कोई भी व्यक्ति जिसने पिछले 14 दिनों में कहीं की यात्रा की है और उन्हें बुखार, खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ हो रही है।

2. अगर आप किसी कोरोना मरीज़ से मिले हैं, लेकिन आप में कोई लक्षण नहीं दिख रहे। तब भी आपको मरीज़ के संपर्क में आने के 5वें दिन से लेकर 14वें दिन के बीच में टेस्ट ज़रूर करवाना चाहिए। इसके साथ ही, सुनिश्चित करें कि आप घर में ही रहें और किसी से न मिलें।

यह भी पढ़ें: कोरोना वायरस अलर्ट: हाथों को धोने का सही तरीका, ताकि बच सकें इंफेक्शन से!

3. कोई भी स्वास्थ्यकर्मी जो Covid-19 के मरीज़ों की देखभाल कर रहे हैं और उनमें लक्षण दिखने लगे हैं या फिर वो लोग जो इन मरीज़ों के सीधा संपर्क में आए हैं।

4. ऐसे लोग, जो Covid-19 के मरीज़ों के घर में या फिर इनका इलाज़ करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के घर में रह रहें हैं और बिना कोई सावधानी बरते उनके संपर्क में आ रहे हैं। भले ही इन लोगों में लक्षण न दिखें लेकिन इन्हें भी टेस्ट करवाना ज़रूरी है।

5. सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री सिंड्रोम इंफेक्शन के सभी मरीज़ जो अस्पताल में भर्ती हैं। क्योंकि, इन्हें 38 डिग्री (100.4 °F) से ऊपर बुखार आता है और 10 दिनों से ज्यादा खांसी रहती है।

Coronavirus India
Coronavirus – COVID-19

Covid-19 के संपर्क में आने के बाद 2 से 14 दिनों के बीच दिखने वाले लक्षण:

1. बुखार

2. सूखी खांसी

3. सांस लेने में तकलीफ होना

4. थकान

Promotion

5. डायरिया (किसी-किसी मामले में)

मुंबई के फिजिशियन, डॉ. एस. पंडित का कहना है, “सबसे पहले और सबसे ज़रूरी यह है कि हम कोई डर न फैलाएं। Covid-19 से लड़ने के लिए ज़रूरी है कि हम घरों में रहें और लोगों के संपर्क में कम से कम आएं।”

यह भी पढ़ें: हाउसिंग सोसाइटी के ये कुछ कदम, कर सकते हैं कोरोनावायरस को खत्म!

वह आगे कहते हैं कि घर पर रहें, घर का बना पौष्टिक खाना खाएं, लोगों से दूरी बनाकर रखें और अल्कोहल का सेवन या फिर धुम्रपान न करें।

आपको कब अस्पताल जाना चाहिए?

अगर आपको बुखार और जुकाम है तो अपने ट्रीटमेंट के दौरान अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें। “जिन मरीज़ों को बुखार और जुकाम है, उन्हें हम पैरासिटामोल दे रहें हैं। लेकिन अगर बुखार कम ही नहीं हो रहा है और सांस लेने में तकलीफ है या फिर सीने में लगातार दर्द हो रहा है तो आपको अस्पताल जाना चाहिए,” उन्होंने आगे कहा।

कैसे पहुंचे अस्पताल:

“सबसे पहली सलाह यह है कि अस्पताल जाने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल न करें। अपनी गाड़ी से जाएं या फिर टैक्सी बुला लें। लेकिन कोशिश करें कि आप किसी चीज को छुएं नहीं। आपके पास एम्बुलेंस बुलाने का विकल्प भी है,” उन्होंने कहा।

प्राइवेट सेक्टर की लैबोरेट्रीज, जिनमें Covid-19 की टेस्टिंग शुरू की तैयारी की जा रही है, उनके लिए भी कुछ दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। इन निर्देशों का पालन करना बहुत ज़रूरी है:

1. लेबोरेटरी टेस्ट तभी किया जाएगा अगर एक योग्य फिजिशियन ने ICMR के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे करने के लिए कहा है।

2. ICMR लेबोरेटरी टेस्ट के लिए कुछ स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (SOPs) शेयर करेगा। फिर जब ये निजी लैब SOP के मुताबिक प्राइमर्स, प्रॉब्स और रिएजेंट इकट्ठा कर लेंगी तो उन्हें टेस्ट के लिए जरूरी नियंत्रण निर्देश दिये जाएंगे। टेस्ट के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कमर्शियल किट, ICMR- नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ वायरोलोजी (NIV), पुणे, के निर्देशों के अनुसार होनी चाहिए।

3. किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से सैंपल लेते समय, बायोसेफ्टी और बायोसिक्योरिटी का पूरा ध्यान रखें। इस के लिए एक निश्चित जगह भी निर्धारित की जा सकती है।

4. सभी प्राइवेट लैब यह सुनिश्चित करें कि टेस्टिंग का डाटा तुरंत IDSP (Integrated Disease Surveillance Program of Govt. of India) के अफसरों को और ICMR हेडक्वार्टर्स पहुँचा दिया जाएगा ताकि यह पता लगा सके कि मरीज़ किस-किस के सम्पर्क में आया है।

5. ICMR सभी प्राइवेट लैब संचालकों से अपील करता है कि वे Covid-19 का टेस्ट मुफ्त में करें!

घर में रहें, सुरक्षित रहें!

मूल लेख: विद्या राजा


यदि आपको इस कहानी से प्रेरणा मिली है, या आप अपने किसी अनुभव को हमारे साथ साझा करना चाहते हो, तो हमें hindi@thebetterindia.com पर लिखें, या Facebook और Twitter पर संपर्क करें। आप हमें किसी भी प्रेरणात्मक ख़बर का वीडियो 7337854222 पर व्हाट्सएप कर सकते हैं।

Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है. निशा की कविताएँ आप https://kahakasha.blogspot.com/ पर पढ़ सकते हैं!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Engineer adopted HIV+ Kids

लोगों के ताने और पत्थर की मार खाकर भी इंजीनियर ‘अप्पा’ ने लिया 55 HIV+ बच्चों को गोद!

21 दिनों का लॉकडाउन: जानिए क्या है इसका मतलब और हम क्या कर सकते हैं, क्या नहीं!