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हाउसिंग सोसाइटी के ये कुछ कदम, कर सकते हैं कोरोनावायरस को खत्म

इस संकट के समय, जब वायरस तेज़ी से फैल रहा है, इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। क्या आपकी सोसाइटी ने किए हैं ये उपाय?

कोरोनावायरस (COVID-19) महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए लाखों लोग घर से काम कर रहे हैं। घर से काम करने का विकल्प कहीं कंपनी ने दिया है तो कहीं लोगों ने खुद ही चुना है। वजह कुछ भी रही हो लेकिन ये नए एहतियाती उपाय हमारे वर्क कल्चर में एक ज़रूरी बदलाव ला रहे है। सेल्फ क्वारंटीन यानी खुद को लोगों से अलग रखने का मतलब दुनिया से पूरी तरह से कट जाना नहीं होता है। हम अब भी अपनी घरेलू सहायकों, डिलीवरी एजेंटों और सुरक्षा कर्मियों पर निर्भर हैं, जो काम पर रोज़ आते हैं।

इस कठिन समय में, यह देख कर दिल को सुकून पहुंचता है कि हाउसिंग सोसाइटीज़ ने कुछ अहम कदम उठाए हैं और वहां रहने वालों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मचारियों और डिलीवरी एजेंटों की सुरक्षा सुनिश्चित की है। अहमदाबाद, बंगलुरु, मुंबई और अन्य शहरों में कई सोसाइटीज़ कोविड-19 के खतरे को देखते हुए सजग हुए हैं। इन सोसाइटीज़ द्वारा वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कदम उठाए गए हैं।

कोरोनवायरस से बचाव के लिए हाउसिंग सोसाइटीज़ द्वारा उठाए गए कुछ महत्वपूर्ण कदम:

  1. कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम की दिशा में पहला कदम जागरूकता फैलाना है। हाउसिंग सोसाइटियों की मैनेजिंग कमेटियां अपने व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल ग्रुप के ज़रिए एहतियाती उपायों के बारे में सलाह और दिशा-निर्देश दे रहीं हैं।
  2. ज्यादा तापमान के साथ बुखार होना कोरोनावायरस के बताए गए लक्षणों में से एक है। शरीर का तापमान आसानी से मापा जा सकता है और इसलिए कई हाउसिंग सोसाइटियों में डिजिटल, कॉन्टैक्टलेस थर्मामीटर उपलब्ध हैं। सोसाइटी में प्रवेश करने पर तापमान चेक करना अनिवार्य कर दिया गया है।
  3. इसके साथ ही हाथ साफ करने के लिए हैंड वॉश और सैनिटाइज़र भी हरेक एंट्री और कॉमन एरिया पर रखे गए हैं। कोरोनोवायरस संक्रमण को रोकने के लिए वहां रहने वाले, अतिथि, डिलीवरी एजेंट और अन्य लोग इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

कोरोनावायरस से बचने के लिए ज़रूरी उपाय

कोविड-19 संक्रमण तेजी से फैल रहा है और लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की ज़रूरत है। इसका इन्क्युबेशन पीरियड यानी रोगोद्भवन काल 2 से 14 दिन है। इसका मतलब यह है कि हो सकता है कि कोई व्यक्ति वायरस से आज संक्रमित हुआ हो लेकिन लक्षण कुछ हफ़्ते के बाद दिखाई दे (यह व्यक्ति से व्यक्ति पर निर्भर करता है)। इसलिए, हाउसिंग सोसाइटियां निवासियों को कम से कम कुछ दिनों के लिए सामाजिक सामारोहों में हिस्सा ना लेने की हिदायत दे रहीं हैं।

अहमदाबाद में एक हाउसिंग कॉम्पेक्स, सफल परिसर II ने हाल ही में गुजरात से बाहर यात्रा करने वाले सभी निवासियों से अपने स्वास्थ्य, यात्रा स्थान और अवधि आदि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मैनेजिंग कमेटी सदस्यों को बताने के लिए कहा है।

मैनेजिंग कमेटी के सदस्य, चिराग खंबाती ने द बेटर इंडिया को बताया “हमने निवासियों से कॉमन एरिया में ग्रुप में बैठने से बचने के लिए कहा है। इसके अलावा, हम कोरोनवायरस से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एलेवेटर बटन, डोरनॉब्स और अन्य कॉमन प्वाइंट को स्टरलाइज़ करते हैं। शाम के 6 बजे के आसपास, क्लब हाउस जैसे कॉमन एरिया में कीटनाशक धुंआ स्प्रे किया जाता है।”

20 मार्च तक अहमदाबाद में कोरोनावायरस के दो मामले सामने आए थे और इसलिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त उपाय लागू करना आवश्यक है। मुंबई में अब तक 18 मामलों की सूचना है और कई सोसाइटियों ने वायरस से निपटने के लिए गंभीर कदम उठाए हैं।

मुंबई की एक सोसयटी में रहने वाली निवासी सुचारिता कहती हैं, “इस माहामारी के बाद, विदेशों में पढ़ने वाले कई छात्र घर वापस आ गए हैं। ऐसे लोगों के लिए 14-दिन का सेल्फ-क्वारंटीन ज़रूरी है। अगर कोई इसका पालन नहीं करता है, तो उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। हमने पांच दिन पहले जिम, स्विमिंग पूल और प्ले एरिया को बंद कर दिया है और 10 साल से कम उम्र के बच्चों और 60  साल से ऊपर के वयस्कों को घर के अंदर रहने के लिए कहा है। आगे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, एलेवेटर बटन के दो सेट में से एक को बंद कर दिया गया है और केवल लिफ्टमैन को बटन का इस्तेमाल करने की अनुमति है। लिफ्टमैन हमेशा मास्क पहनता है।”

सुनिश्चित करें कि आपके घरेलू सहायक कोरोनावायरस से सुरक्षित हैं:

भारत में कोरोनावायरस के करीब 300 से ज्यादा सकारात्मक मामले सामने आए हैं। कोविड​​-19 का आरओ नंबर (संक्रमित व्यक्ति द्वारा दूसरे अन्य लोगों को संक्रमित करने की संभावित संख्या) 1.5 – 3.5 के बीच होने का अनुमान लगाया गया है, इसलिए वायरस को जल्द से जल्द नियंत्रण में लाना ज़रूरी है।

घरेलू सहायकों का इस संक्रमण के चपेट में आने की संभावना सबसे ज़्यादा है, जैसा कि काम के लिए उन्हें कई घरों में आना-जाना पड़ता है और कई लोगों के संपर्क में रहना पड़ता है। ऐसे में यह देखना ज़रूरी है कि हाउसिंग सोसाइटी कैसे उनके स्वास्थ्य का ध्यान रख रही है।

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बंगलुरु में मेरे हाउसिंग सोसाइटी ने सभी निवासियों को अपनी घरेलू सहायकों के स्वास्थ्य की रोज़ाना निगरानी करने का निर्देश दिया है। बुखार, लगातार खांसी या कमजोरी महसूस करने की स्थिति में, बिना उनका वेतन काटे छुट्टी दे देना सबसे अच्छा है। जैसे आप बिना मास्क और सैनिटाइटर के घर से बाहर कदम नहीं रखते हैं, ठीक वैसे ही अपने घरेलू सहायकों को ये उपलब्ध कराएं। अपने काम के लिए वे अब भी अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डाल रहें हैं और इस लिहाज़ से यह सुनिश्चित करना हमारा फर्ज़ है कि वे हमारे कारण बीमार ना हों।

सुचारिता बताती हैं, “हाउसकीपिंग स्टाफ के लिए सोसाइटी के प्रवेश द्वार पर अपने हाथ धोना ज़रूरी है। हमने उन्हें पहनने के लिए मास्क दिए हैं। लेकिन सिर्फ ये चीज़े काफी नहीं हैं, इसलिए कर्मचारियों को मैनेजिंग स्टाफ द्वारा उनकी सुबह की बैठकों में कोरोनवायरस के बारे में सूचित किया जाता है।”

कोरोनावायरस से डिलीवरी एजेंटों की सुरक्षा:

जब से हम सभी सेल्फ आइसोलेशन में गए हैं, मुझे यकीन है ऑनलाइन शॉपिंग में तेजी आ गई होगी। ज़रा उन डिलीवरी एजेंटों के बारे में सोचें जो कमीशन के आधार पर या दैनिक वेतन पर काम करते हैं। वे अभी भी तेज धूप में अपनी बाइक चलाते हैं, घर-घर जाते हैं, हमारी सुविधा के लिए अपने स्वास्थ्य को खतरे में डालते हैं। हमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठाने की ज़रूरत है। यहां कुछ आसान बातें बताई गई हैं जिनका पालन करके आप उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं:

कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी – अपने पार्सल एजेंटों से लेने के लिए घर के दरवाज़ों पर एक टोकरी रखें। सुनिश्चित करें कि आपके ऑर्डर प्रीपेड हैं ताकि कोई नकद लेनदेन न हो।

कॉमन प्वाइंट स्थापित करें – सुचारिता की सोसाइटी ने प्रत्येक विंग की लॉबी में कर्मचारियों को तैनात किया है। डिलीवरी एजेंट इन स्टाफ सदस्यों के पास पार्सल छोड़ देते हैं और निवासियों को वहां से पार्सल रिसीव करने की सलाह दी जाती है। इससे वे कम लोगों के संपर्क में आते हैं।

स्वच्छता किट प्रदान करें – यदि आप अपने दरवाजे पर टोकरी रख रहे हैं, तो डिलीवरी एजेंटों के लिए एक जोड़ी मास्क और सैनिटाइज़र भी रखें। उनके पास दूसरे घरों के लिए भी सामान होगें, इसलिए आपका ये प्रयास उन्हें सुरक्षित रखेगा।

चिराग कहते हैं, “हमारे सोसाइटी के प्रवेश द्वार पर वेंडर और डिलीवरी एजेंटों के तापमान की जाँच की जाती है। अगर उन्हें बुखार है, तो उन्हें सोसाइटी के भीतर प्रवेश नहीं करने के लिए कहा जाता है, बल्कि निवासियों को खुद आकर पार्सल लेने के लिए कहा जाता है।”

कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए सख्त उपाय अपनाना ज़रूरी है। कुछ हफ्तों के लिए, हमें संपर्क में आने वाली चीजों और लोगों के बारे में अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। लेकिन जब आप अपनी सुरक्षा सुनिश्चत कर रहे हों, तो हमें उन्हें नहीं भूलना चाहिए जिनके पास कम साधन हैं और ध्यान रखें कि वे भी स्वस्थ्य रहें। इस कठिन समय में, आपकी हाउसिंग सोसाइटी क्या अलग कर रही है? कमेंट में हमें बताएं।

मूल लेख – तनवी पटेल


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Written by पूजा दास

पूजा दास पिछले दस वर्षों से मीडिया से जुड़ी हैं। स्वास्थ्य और फैशन से जुड़े मुद्दों पर नियमित तौर पर लिखती रही हैं। पूजा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मास्टर्स किया है और नेकवर्क 18 के हिंदी चैनल, आईबीएन7, प्रज्ञा टीवी, इंडियास्पेंड.कॉम में सक्रिय योगदान दिया है। लेखन के अलावा पूजा की दिलचस्पी यात्रा करने और खाना बनाने में है।

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