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बाज़ार से क्यों लाएं, जब सिर्फ 300 रुपये में घर पर ही उगा सकते हैं मशरूम!

दो किलो मशरूम उगाने की सारी सामग्री आपको केवल 300 रुपये में मिल जाएगी जबकि बाज़ार में इतनी ही मशरूम की कीमत करीब 1200 रुपये है।

क्सर लोग हमसे पूछते हैं कि वे कैसे और कहाँ से सस्टेनेबिलिटी की शुरुआत करें। सस्टेनेबल लाइफ के लिए वे क्या-क्या कर सकते हैं? सस्टेनेबिलिटी की शुरुआत सबसे पहले अपना खुद का खाना उगाने से होती है। आप खुद अपना किचन गार्डन या फिर टेरेस गार्डन बना सकते हैं।

बहुत से लोगों को यह काम मुश्किल लगता है पर यह बिल्कुल आसान है। आपको बस ज़रूरत है थोड़ा ध्यान देने की, फिर आप टमाटर तो क्या मशरूम भी अपने घर में उगा सकते हैं। जी हाँ, मशरूम खाने में जितनी स्वादिष्ट होती है, उतनी ही पोषण से भरपूर होती है।

द बेटर इंडिया आज आपको बता रहा है कि आप कैसे अपने घर में मशरूम उगा सकते हैं। इसके लिए हमने मशरूम उत्पादन में एक्सपर्ट और द मशरूम हब नाम से अपना स्टार्टअप चला रहीं, मोनिका चौधरी से बात की। सिर्फ एक साल में उन्होंने अपने व्यवसाय को काफी आगे बढ़ा दिया है और वे एक हफ्ते में 45 किग्रा मशरूम का उत्पादन लेती हैं।

मशरूम उगाना चाहते हैं? बेसिक से करें शुरू:

मोनिका कहती हैं, “अगर आप पहली बार मशरूम उगा रहे हैं और अपने घर में इसका उत्पादन कर रहे हैं तो सबसे अच्छा रहेगा कि आप इसकी बेसिक वैरायटी, ओएस्टर मशरूम से शुरू करें। ये मशरूम पोषण से भरपूर होती है और आपको सभी ज़रूरी प्रोटीन इसमें मिलता है।”

“ओएस्टर मशरूम को उगाने के लिए कम जगह की ज़रूरत होती है जबकि दूसरी किस्मों के लिए ज्यादा जगह चाहिए,” उन्होंने आगे कहा।

मोनिका आगे कहती हैं कि एक बंद अलमारी जिसमें अंधेरा हो, उसमें भी आप आसानी से लगभग 2 किग्रा मशरूम उगा सकते हैं। “मैंने बहुत जगह मशरूम उत्पादन पर वर्कशॉप किये हैं और इनमें हिस्सा लेने वाले लोगों ने खुद देखा है कि बंद जगहें मशरूम के लिए सबसे अच्छी रहती हैं।”

क्या-क्या चाहिए मशरूम उत्पादन के लिए:

One Can Buy This Planter To Grow Veggies At Home

“मशरूम उत्पादन के लिए ज़रूरी साधन जुटाना थोड़ा मुश्किल काम है। आपको अपने नजदीक किसी हॉर्टिकल्चर सेंटर या फिर नर्सरी से बीजों और अन्य चीजों के लिए सम्पर्क करना पड़ेगा,” उन्होंने कहा।

ज़रूरी सामग्री (2 किग्रा मशरूम के लिए)

एक किलोग्राम गेंहूँ या फिर चावल के डंठल
100 ग्राम मशरूम के बीज
10 लीटर पानी
थर्मामीटर
ट्रांसपेरेंट प्लास्टिक बैग (2 किलोग्राम मशरूम रखने की क्षमता वाला)
बाल्टी
कम्बल/थर्माकॉल

चलो शुरू करते हैं:

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सबसे पहले डंठलों को स्टरलाइज यानी कि कीटाणुरहित करें। पानी को 70 डिग्री सेल्सियस तक उबालें। आगे बढ़ने से पहले एक बार थर्मामीटर से तापमान चेक कर लें।

  • सारे डंठल को लेकर पानी में दो घंटे के लिए भिगो दें। इंसुलेशन के लिए बाल्टी को कम्बल या थर्माकॉल से ढक दें। दो घंटे बाद, इन डंठलों को 6-7 घंटे के लिए पंखे की हवा में या फिर छाँव में सुखाएं। इन पर धूप नहीं पड़नी चाहिए। आप इन्हें पूरी रात भी सूखा सकते हैं।
  • डंठल सूखने के बाद, इन्हें मशरूम के बीजों के साथ 3 अलग-अलग प्लास्टिक बैग में भर दें। ध्यान दें कि बीज समान रूप से बैग्स में बिखरे हैं।
  • बैग को इतनी अच्छी तरह बंद कर दें कि नमी अंदर न जा पाए। बैग बंद करने के बाद इसमें 10 से 15 छिद्र कर दें।
  • इन बैग्स को अंधेरे वाली किसी बंद जगह जैसे कि अलमारी में 25 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखें। 15-20 दिनों के लिए इन बैग्स को यहीं रहने दें, जब तक कि ये पूरी तरह से सफेद न हो जाएं। यदि इन बैग्स पर सफेद रंग की जगह कोई और रंग आ रहा हो तो ऐसे में आपको इन बैग्स को डिस्पोज करके, फिर से पूरी प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

उत्पादन के दूसरे चरण में, आपको बैग्स में नमी का वातावरण बनाना होगा। इस स्टेप में आप अपने बैग्स को बालकनी में रखें और दिन में 4-5 बार पानी से स्प्रे करें, जब तक कि मशरूम उगने न लगें। इसके बाद आपको उगी हुई मशरूम को एक-एक करके जड़ों से तोड़ना होगा।

कम खर्च करें और ज्यादा पाएं:

“यदि सही ढंग से किया जाए तो मशरूम का उत्पादन बहुत सस्ता है। आपको दो किलो मशरूम उगाने की सारी सामग्री 300 रुपये में मिल जाएगी जबकि बाज़ार में इतनी मशरूम आपको 1200 रुपये में मिलेगी,” उन्होंने कहा।

मशरूम को अपनी डाइट में शामिल करके आपको एक ही चीज से प्रोटीन, फाइबर और मिनरल मिल सकता है। इसे उगाने में मजा भी बहुत है यदि आप में धैर्य है और आपके पास थोड़ा समय है।

यह भी पढ़ें: ‘द बेटर होम’, क्युंकि घर से ही तो होती है हर अच्छाई की शुरुआत!

हमें उम्मीद है कि आपने मशरूम उगाने के सारे गुर सीख लिए। एक बार मशरूम उत्पादन में महारथ हासिल कर लें, फिर आप भी मोनिका की तरह अपना व्यवसाय बना सकते हैं!

संपादन – अर्चना गुप्ता

मूल लेख – सेरीन सारा ज़कारिया 


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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