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बीजों से लेकर खाद तक, सभी कुछ एक ही किट में!

इस 279 रुपये की किट में आपको एक बायोडिग्रेडेबल गमला, मिट्टी, जैविक खाद, बीज, दिशा-निर्देश के लिए एक मैन्युअल और ग्रोथ को जांचते रहने के लिए एक चार्ट मिलेगा!

पेड़-पौधों का शौक बहुत-से लोगों को होता है, पर इन्हें लगाना और इनकी देखभाल करना आसान काम नहीं है। आपको पेड़ लगाने के लिए सिर्फ जगह की ज़रूरत नहीं होती है बल्कि अच्छी उपजाऊ मिट्टी, अच्छी देख-रेख, पौषक तत्वों से भरपूर खाद, और सही मात्रा में धूप और पानी की ज़रूरत होती है।

थोड़ा मुश्किल है पर नामुमकिन नहीं!

अगर आपके पेड़-पौधे जल्दी मुरझा जाते हैं या फिर बीज कभी उगते ही नहीं, तो आप ये स्टार्टर किट खरीदिये और अपनी जैविक सब्जियां उगाइये।

यहाँ से खरीदें मात्र 279 रुपये में ग्रो किट और आज ही शुरुआत करें अपने ड्रीम गार्डन की!

क्यों उगानी चाहिए खुद अपनी सब्ज़ियाँ:

इस सवाल के बहुत से जवाब हैं- सबसे पहले तो पैसे की बचत होती है, क्योंकि जिस हिसाब से सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं, उससे तो कोई भी व्यक्ति खुद ही सब्जियां उगाना चाहे। इससे महीने के बजट में भी खींचा-तानी नहीं होगी।

दूसरा – यह आपके आस- पास हरियाली बढ़ाने का अच्छा तरीका है और हरियाली किसे बुरी लगती है। अपने घर की खाली जगहों- बालकनी, छत या फिर बरामदा में टमाटर, धनिया, मिर्च या फिर अन्य कोई सब्ज़ी उगाकर आप उसे हरियाली से भर सकते हैं।

तीसरा और सबसे ज़रूरी कारण है बाज़ारों की केमिकल युक्त फल और सब्ज़ियाँ। ज़्यादातर किसान अपने खेतों में पेस्टिसाइड डालकर ही फसल उगाते हैं। इसलिए आम तौर पर मिलने वाली सब्जियों में केमिकल होती ही हैं। इससे बचने के लिए आप जैविक सब्जियां खरीद सकते हैं पर इससे आपके बजट पर प्रभाव पड़ेगा। क्योंकि जविक सब्जियों के दाम सामान्य सब्जियों से ज्यादा ही होते हैं।

ऐसे में, सबसे अच्छा समाधान यही है कि आप खुद अपनी साग-सब्ज़ियाँ उगायें और अपने परिवार को हेल्दी खाना खिलाएं।

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क्या है इस गार्डनिंग किट में?

मात्र 279 रुपये की इस किट में आपको वो सभी आवश्यक चीजें मिलती हैं जो कि एक किचन-गार्डन शुरू करने के लिए ज़रूरी हैं। अपनी सब्ज़ियाँ उगाने के लिए एक जगह या फिर किसी गमले का इंतजाम करें, फिर इस किट के साथ आज से ही गार्डनिंग शुरू कर दें।

इस गार्डनिंग किट में आपको-

  • शुरूआती स्टेज के लिए एक बायोडिग्रेडेबल गमला मिलता है। इससे प्रक्रिया को शुरू करें और फिर सारे मिश्रण को किसी बड़े गमले या फिर गार्डन में डाल दें।
  • कुछ मिट्टी – ताकि बीज एक पोषक वातावरण में उगे।
  • फ़र्टिलाइज़र- जो कि पूरी तरह से जैविक होगा।
  • आपकी चॉइस के बीज- टमाटर, धनिया, खीरा, भिन्डी, पपीता, पालक, मीठी तुलसी या फिर तरबूज।
  • दिशा-निर्देश के लिए एक मैन्युअल।
  • पेड़ों की ग्रोथ समय-समय पर चेक करते रहने के लिए एक चार्ट।

इस किट के साथ सब्ज़ियाँ उगाने के कुछ निर्देश:

एक बार आपके पास पूरी किट आ जाये और आपके पास यह प्रक्रिया करने के लिए पर्याप्त समय हो, तो आप इस तरह से शुरू कर सकते हैं।

  • बायोडिग्रेडेबल गमले को मिट्टी के मिश्रण से भरिये और उसमें कुछ फ़र्टिलाइज़र डालिए।
  • मिट्टी को पानी डालकर गीला कीजिये ताकि बीजों को उगने के लिए नमी मिले।
  • फिर लगभग 1 इंच की गहराई में बीजों को बोयें और बीज की आपस की दूरी 2-4 सेंटीमीटर हो। इससे हर एक बीज को उगने के लिए पर्याप्त जगह मिलेगी।
  • इन्हें फिर बाकी बचे मिट्टी के मिश्रण और फ़र्टिलाइज़र से ढक दें। मिट्टी को जोर से दबाएँ ताकि कोई एयर गैप न रहे।
  • हर दिन दो बार पानी दें ताकि गमले में नमी बनी रहे।

आसान है ना? बिल्कुल! तो फिर आज ही खरीदिये यह ग्रो किट मात्र 279 रुपये में!

मूल लेख: तन्वी पटेल

संपादन – मानबी कटोच 


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Written by निशा डागर

बातें करने और लिखने की शौक़ीन निशा डागर हरियाणा से ताल्लुक रखती हैं. निशा ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी ग्रेजुएशन और हैदराबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स की है. लेखन के अलावा निशा को 'डेवलपमेंट कम्युनिकेशन' और रिसर्च के क्षेत्र में दिलचस्पी है.

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